अकबर बीरबल के 5 मजेदार किस्से
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अकबर बीरबल के 5 मजेदार किस्से

अकबर बीरबल के 5 मजेदार किस्से

अकबर बीरबल के  मजेदार किस्से – 1- Akbar Birbal Stories in Hindi

सबसे बड़ा मूर्ख – Biggest Stupid

अकबर बीरबल (Akbar Birbal) दरबार में बैठे थे। तभी अकबर को बीरबल (birbal) की परीक्षा लेने की सूझी।

अकबर : बीरबल, जाओ, मुझे इस राज्य (state) के चार सबसे बड़े मूर्ख ढूंढकर दिखाओ। बीरबल : जी हुजूर। बीरबल (birbal) ने खोज शुरू की।

एक महीने बाद बीरबल (birbal) दो लोगों के साथ वापस आए।

अकबर (गुस्से से) : मैंने चार मूर्ख लाने को कहा था और तुम सिर्फ दो लाए। बीरबल : हुजूर लाया हूं। पेश (present) करने का मौका दिया जाए।

अकबर : ठीक है। बीरबल : हुजूर यह पहला मूर्ख (Stupid) है। इसे मैंने बैलगाड़ी पर बैठकर भी बैग सिर पर ढोते देखा। पूछने पर जवाब मिला कि कहीं बैल (bull) पर लोड ज्यादा न हो जाए इसलिए बैग सिर पर ढो रहा हूं। इस लिहाज से यह बड़ा मूर्ख (Stupid) है।

दूसरे आदमी की तरफ इशारा करके बीरबल (birbal) बोले : मैंने देखा कि इसके घर (house) की छत पर घास उपजी थी। अपनी भैंस को छत पर ले जाकर घास (grass) खिला रहा था। मैंने वजह पूछी तो बोला कि घास (grass) छत पर जम जाती है तो भैंस को ऊपर ले जाकर उसे खिला देता हूं।

हुजूर, यह आदमी घास काटकर नीचे लाकर भैंस (bull) को खिलाने के बजाय बेचारी भैंस को ऊपर ले जाकर घास (grass) खिलाता है तो इससे इसकी अक्ल का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है। जहांपनाह, अपने राज्य (state) में इतने काम हैं। मुझे बहुत सारे काम करने हैं, फिर भी मैंने मूर्खों (Stupid) को ढूंढने में महीना बर्बाद कर दिया तो मैं भी मूर्ख (Stupid) ही हुआ ना, इसलिए तीसरा मूर्ख मैं हूं।

बादशाह सलामत, पूरे राज्य (state) की जिम्मेदारी आप पर है। दिमाग वाले ही सारा काम करेंगे, मूर्ख (Stupid) कुछ नहीं कर पाएंगे। फिर भी आप मूर्खों की तलाश करा रहे हैं तो जहापनाह चौथे मूर्ख (Stupid) हुए आप।

अकबर बीरबल (Akbar Birbal) की चतुराई और हाजिरजवाबी पर मुस्कुराए बिना न रह सके।

अकबर बीरबल के  मजेदार किस्से – 2- Akbar Birbal Story in Hindi

मोम का शेर – Wax Tiger

सर्दियों के दिन थे, अकबर (akbar) का दरबार लगा हुआ था। तभी फारस के राजा (king) का भेजा एक दूत दरबार में उपस्थित हुआ।

राजा (king) को नीचा दिखाने के लिए फारस के राजा (king) ने मोम से बना शेर का एक पुतला बनवाया था और उसे पिंजरे में बंद कर के दूत के हाथों अकबर को भिजवाया, और उन्हे चुनौती दी की इस शेर को पिंजरा खोले बिना बाहर निकाल कर दिखाएं।

बीरबल (birbal) की अनुपस्थिति के कारण अकबर सोच पड़ गए की अब इस समस्या को कैसे सुलझाया जाए। अकबर (akbar)  ने सोचा कि अगर दी हुई चुनौती पार नहीं की गयी तो जग हसायी होगी। इतने में ही परम चतुर, ज्ञान गुणवान बीरबल (birbal) आ गए। और उन्होने मामला हाथ में ले लिया।

बीरबल (birbal) ने एक गरम सरिया मंगवाया और पिंजरे में कैद  मोम के शेर को पिंजरे में ही पिघला (melt) डाला। देखते-देखते मोम  पिघल कर बाहर निकल गया ।

अकबर अपने सलाहकार बीरबल (birbal) की इस चतुराई से काफी प्रसन्न हुए और फारस के राजा (king) ने फिर कभी अकबर को चुनौती नहीं दी।

अकबर बीरबल stories Moral: बुद्धि के बल पर बड़ी से बड़ी समस्या (problem) का हल निकाला जा सकता है.

अकबर बीरबल के  मजेदार किस्से – 3- Akbar Birbal Stories in Hindi

बीरबल की खिचड़ी – Birbal ki Khichdi

अकबर ने कडकड़ाती सर्दियों (chilling winter) के मौसम में एक दिन यह ऐलान किया की अगर कोई व्यक्ति पूरी रात भर पानी (water) के अंदर छाती तक डूब कर खड़ा रह पाएगा तो उसे 1000 मोहरों का इनाम दिया जाएगा। इस चुनौती (challenge) को पार करना काफी कठिन था।

पर फिर भी एक गरीब ब्राह्मण (poor brahmin) अपनी बेटी के विवाह के लिए धन जोड़ने की खातिर तैयार (ready) हो गया। जैसे-तैसे कर के उसने कांपते, ठिठुरते रात निकाल ली। और सुबह बादशाह अकबर (akbar) से अपना अर्जित इनाम मांगा। अकबर ने पूछा कि तुम इतनी सर्द रात (chilling night) में पानी के अंदर कैसे खड़े रह पाये।

ब्राह्मण (brahman) ने कहा कि मैं दूर आप के किले के झरोखों पर जल रहे दिये का चिंतन कर कर के खड़ा (stand) रहा, और यह सोचता रहा कि वह दिया मेरे पास ही है। इस तरह रात बीत गयी। अकबर (akbar) ने यह सुन कर तुरंत इनाम देने से माना कर दिया, और यह तर्क दिया की, उसी दिये की गर्मी (heat) से तुम पानी में रात भर खड़े रह सके। इसलिए तुम इनाम के हक़दार नहीं। ब्राह्मण (brahman) रोता हुआ उदास हो कर चला गया।

बीरबल (birbal) जानता था की ब्राह्मण के साथ यह अन्याय हुआ है। उसने ब्राह्मण (brahman) का हक़ दिलवाने का निश्चय कर लिया।

अगले दिन अकबर और बीरबल (birbal) वन में शिकार खेलने चले गए। दोपहर में बीरबल (birbal) ने तिपाई लगायी और आग जला कर खिचड़ी पकाने लगा। अकबर (akbar) सामने बैठे थे। बीरबल ने जानबूझ कर खिचड़ी का पात्र आग से काफी ऊंचा लटकाया। अकबर (akbar) देख कर बोल पड़े कि अरे मूर्ख इतनी ऊपर बंधी हांडी को तपन कैसे मिलेगी हांडी को नीचे बांध वरना खिचड़ी (khichdi) नहीं पकेगी।

बीरबल (birbal) ने कहा पकेगी… पकेगी… खिचड़ी पकेगी। आप धैर्य रखें। इस तरह दो पहर से शाम हो गयी, और अकबर (akbar) लाल पीले हो गए और गुस्से में बोले,

बीरबल (birbal) तू मेरा मज़ाक उड़ा रहा है? तुझे समझ नहीं आता? इतनी दूर तक आंच (flame) नहीं पहुंचेगी, हांडी नीचे लगा।

तब बीरबल (birbal) ने कहा कि अगर इतनी सी दूरी से अग्नि खिचड़ी नहीं पका सकती तो उस ब्राह्मण (brahman) को आप के किले के झरोखे पर जल रहे दिये से ऊर्जा energy) केसे प्राप्त हुई होगी ?

यह सुनकर अकबर (akbar) फौरन अपनी गलती समझ जाते हैं और अगले दिन ही गरीब ब्राह्मण (brahman) को बुला कर उसे 1000 मोहरे दे देते हैं। और भरे दरबार में गलती बताने के बीरबल (birbal) के इस तरीके की प्रसंशा करते हैं।

अकबर बीरबल के  मजेदार किस्से – 4 – Akbar Birbal Stories in Hindi

एक पेड़ दो मालिक – One Tree two Owner

अकबर (akbar) बादशाह दरबार लगा कर बैठे थे। तभी राघव और केशव नाम के दो व्यक्ति अपने घर के पास स्थित आम के पेड़ (mango tree) का मामला ले कर आए। दोनों व्यक्तियों का कहना था कि वे ही आम के पेड़ (mango tree) के असल मालिक हैं और दुसरा व्यक्ति झूठ बोल रहा है। चूँकि आम का पेड़ (mango tree) फलों से लदा होता है, इसलिए दोनों में से कोई उसपर से अपना दावा नहीं हटाना चाहता।

मामले की सच्चाई जानने के लिए अकबर (akbar) राघव और केशव के आसपास रहने वाले लोगो के बयान सुनते हैं। पर कोई फायदा (no benefit) नहीं हो पाता है। सभी लोग कहते हैं कि दोनों ही पेड़ (tree) को पानी देते थे।

और दोनों ही पेड़ के आसपास कई बार देखे जाते थे। पेड़ (tree) की निगरानी करने वाले चौकीदार के बयान से भी साफ नहीं हुआ की पेड़ का असली मालिक (real owner) राघव है कि केशव है, क्योंकि राघव और केशव दोनों ही पेड़ (tree) की रखवाली करने के लिए चौकीदार को पैसे देते थे।

अंत में अकबर (akbar) थक हार कर अपने चतुर सलाहकार मंत्री बीरबल (birbal) की सहायता लेते हैं। बीरबल तुरंत ही मामले की जड़ (root) पकड़ लेते है। पर उन्हे सबूत के साथ मामला साबित (proof) करना होता है कि कौन सा पक्ष सही (right) है और कौन सा झूठा। इस लिए वह एक नाटक रचते हैं।

बीरबल (birbal) आम के पेड़ की चौकीदारी करने वाले चौकीदार को एक रात (night) अपने पास रोक लेते हैं। उसके बाद बीरबल (birbal) उसी रात को अपने दो भरोसेमंद व्यक्तियों को अलग अलग राघव और केशव (raghav and keshav) के घर “झूठे समाचार” के साथ भेज देते हैं। और समाचार (news) देने के बाद छुप कर घर में होने वाली बातचीत सुनने का निर्देश देते हैं।

केशव के घर पहुंचा व्यक्ति (person) बताता है कि आम के पेड़ के पास कुछ अज्ञात व्यक्ति पके हुए आम (riped mango) चुराने की फिराक में है। आप जा कर देख लीजिये। यह खबर देते वक्त केशव घर (house of keshav) पर नहीं होता है, पर केशव के घर आते ही उसकी पत्नी यह खबर केशव (keshav) को सुनाती है।

केशव बोलता है,  “हां… हां… सुन लिया अब खाना (dinner) लगा। वैसे भी बादशाह के दरबार में अभी फेसला (decision) होना बाकी है… पता नही हमे मिलेगा कि नहीं। और खाली पेट चोरों से लड़ने की ताकत (strength of fight) कहाँ से आएगी; वैसे भी चोरों के पास तो आजकल हथियार (weapons) भी होते हैं।”

आदेश अनुसार “झूठा समाचार” पहुंचाने वाला व्यक्ति (person) केशव की यह बात सुनकर बीरबल (birbal) को बता देता है।

 राघव के घर (house) पहुंचा व्यक्ति बताता है, “आप के आम के पेड़ के पास कुछ अज्ञात व्यक्ति (unknown person) पके हुए आम चुराने की फिराक में है। आप जा कर देख लीजियेगा।”

यह खबर (news) देते वक्त राघव भी अपने घर पर नहीं होता है, पर राघव के घर आते ही उसकी पत्नी (wife) यह खबर राघव को सुनाती है।

राघव (raghav) आव देखता है न ताव, फ़ौरन लाठी उठता है और पेड़ (tree) की ओर भागता है। उसकी पत्नी आवाज लगाती है, अरे खाना (dinner) तो खा लो फिर जाना… राघव जवाब देता है कि… खाना भागा नहीं जाएगा पर हमारे आम के पेड़ (mango tree) से आम चोरी हो गए तो वह वापस नहीं आएंगे… इतना बोल कर राघव दौड़ता हुआ पेड़ (tree) के पास चला जाता है।

आदेश अनुसार “झूठा समाचार” पहुंचाने वाला व्यक्ति बीरबल (birbal) को सारी बात बता देते हैं।

दूसरे दिन अकबर (akbar) के दरबार में राघव और केशव को बुलाया जाता है। और बीरबल (birbal) रात को किए हुए परीक्षण का वृतांत बादशाह अकबर (akbar) को सुना देते हैं जिसमे भेजे गए दोनों व्यक्ति गवाही (witness) देते हैं।

अकबर राघव को आम के पेड़ का मालिक (owner) घोषित करते हैं। और केशव को पेड़ (tree) पर झूठा दावा करने के लिए कडा दंड देते हैं। तथा मामले को बुद्धि पूर्वक, चतुराई से सुल्झाने के लिए बीरबल (birbal) की प्रशंशा करते हैं।

सच ही तो है,  जो वक्ती परिश्रम (hard work) कर के अपनी किसी वस्तु या संपत्ति का जतन करता है उसे उसकी परवाह (Care) अधिक होती है।

अकबर बीरबल stories Moral : ठगी करने वाले व्यक्ति को अंत में दण्डित (punishment) होना पड़ता है, इसलिए कभी किसी को धोखा ना दें.

अकबर बीरबल के  मजेदार किस्से – 5- Akbar Birbal Stories in Hindi

अकबर-बीरबल की कहानी –  तीन सवाल (Akbar-Birbal Tale: 3 Weird Questions)

बीरबल (birbal) की समझदारी के किस्से काफ़ी मशहूर थे और वो अकबर (akbar) के प्रिय भी थे, इसलिए अक्सर लोग उनसे ईर्ष्या (jealous) करते थे. एक बार राजा (king) अकबर के दरबार के कुछ लोगों ने बीरबल (birbal) से जलकर उन्हें चुनौती दी और कहा कि अगर बीरबल हमारे 3 सवालों के जवाव दे देंगे, तो हम मान लेंगे कि बीरबल (birbal) बहुत होशियार हैं.

दरबारियों ने आगे कहा कि लेकिन अगर बीरबल इन सवालों के जवाब (answer this questions) नहीं दे पाए, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा.

बीरबल (birbal) ने यह चुनौती मंज़ूर कर ली और तीनों सवाल पूछने को कहा-

सवाल इस तरह थे-

  1. आकाश में कितने तारे (stars) हैं आपको बताना होगा?
  2. धरती का केंद्र (center) कहां है?
  3. दुनिया में कितनी औरतें (women’s) और कितने आदमी हैं?

इन सवालों (questions) को सुनकर बीरबल मन ही मन मुस्कुराए (smile) और शांति से जवाब देने लगे…

पहले सवाल के जवाब में बीरबल (birbal) एक भेड़ को ले आए और दरबारियों से कहा कि इस भेड़ के शरीर (hair on sheep) पर जितने बाल हैं, ठीक उतने ही आकाश में तारे हैं. आपको यदि विश्‍वास (believe) न हो, तो आप गिन सकते हैं.

दूसरे सवाल के जवाब में बीरबल (birbal) ने 2 रेखाएं खींची और उसमें लोहे की छड़ी डाल दी और कहा कि यही धरती (earth) का केंद्र है. जिसे यकीन न हो, वह नाप सकता है.

और तीसरे सवाल के जवाब में बीरबल (birbal) ने कहा कि यह सवाल थोड़ा मुश्किल है, क्योंकी मेरे कुछ दरबारी मित्रों (friends) के बारे में कहना मुश्किल है कि वह औरत है या आदमी, अगर उनको मार (kill) दिया जाए, तो इसका जवाब दिया जा सकता है.

बीरबल (birbal) के जवाब सुनकर राजा (king) बेहद ख़ुश हुए और उन्हें चुनौती देनेवाले भी समझ गए कि बीरबल (birbal) के आगे किसी की खिचड़ी नहीं पकने वाली, क्योंकि उनकी बुद्धिमता का कोई सानी नहीं.

अकबर बीरबल stories Moral : ऐसी कोई समस्या नहीं, जिसका समाधान (solution) न हो और ऐसा कोई सवाल नहीं, जिसका जवाब न हो… बस अपनी सूझबूझ और बुद्धिमता का इस्तेमाल (use) करना ज़रूरी है.

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