वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने TDS रेट में 25% की भारी कटौती की - सरकार ने Real Estate, MSME, NBFC सेक्टर्स को दी बड़ी राहत
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने TDS रेट में 25% की भारी कटौती की – सरकार ने Real Estate, MSME, NBFC सेक्टर्स को दी बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने TDS रेट में 25% की भारी कटौती कीसरकार ने Real Estate, MSME, NBFC सेक्टर्स को दी बड़ी राहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Modi) ने मंगलवार शाम को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को TDC और TCS को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2020 तक सभी तरह के TDS/ TCS रेट में 25 फीसद की कटौती का फैसला किया गया है।

सरकार (Government) के इस कदम से लोगों के हाथों में खर्च करने के लिए अधिक पैसे बचेंगे। वित्त मंत्री ने इसके साथ आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा को भी बढ़ाने की घोषणा की। इससे पहले उन्होंने कहा कि सरकार (Government) सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (MSME), सेक्टर को बिना किसी गारंटी के तीन लाख करोड़ रुपये का लोन (Loan) देगी।

उन्होंने कहा कि यह कॉलेट्रल फ्री लोन (Loan) गारंटी योजना है। एमएसएमई के लिए 6 कदमों की घोषणा की गई है। इसके अलावा कुछ कंपनियों को EPF को लेकर पहले दी गई राहत (relief) को अगले तीन और महीने तक जारी रखने की घोषणा की गई है।

इसके अलावा निजी कंपनियों को अगले तीन महीने तक पीएफ फंड में 12 फीसद की बजाय 10 फीसद का अंशदान करने की सहूलियत दी गई है।

जानें वित्त मंत्री ने क्या कहा

  1. MSME सेक्टर को 3 लाख करोड़ बिना गारंटी के लोन (Loan) देंगे
  2. कॉलेटरल फ्री लोन (Loan) से 45 लाख MSME को फायदा होगा
  3. MSME को 4 साल के लिए लोन (Loan) दिया जाएगा
  4. 25 करोड़ तक लोन (Loan) से 100 करोड़ टर्नओवर वालों को फायदा होगा
  5. 4 साल के लोन (Loan) में मोरेटोरियम 12 महीने
  6. 3 लाख करोड़ में से 20 करोड़ NBFC के लिए
  7. एमएसएमई के लिए 50000 करोड़ का फंड ऑफ फंड्स बनेगा
  8. MSMEs के लिए 50 हजार करोड़ का फंड ऑफ़ फंड्स बनेगा
  9. MSMEs की परिभाषा बदलेगी
  10. MSME को e मार्केट से जोड़ा जाएगा
  11. Discom में 90 हजार करोड़ की नकदी डालेंगे
  12. 10 करोड़ से 50 करोड़ वाली कंपनी स्माल रहेगी
  13. 200 करोड़ से कम वाले में ग्लोबल टेंडर (Tender) नहीं होगा। एमएसएमई को लाभ दिया जाएगा।
  14. ईपीएफ में 2500 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
  15. EPF को लेकर पहले दी गई राहत (relief) जून, जुलाई और अगस्त में भी सरकार (Government) द्वारा दी जाएगी।
  16. ईपीएफ में सरकारी (Government) मदद से 72 लाख कर्मचारियों को फायदा
  17. ईपीएफ में निजी कंपनियों के अंशदान को 12 फीसद से घटाकर 10 फीसद किया गया।
  18. ईपीएफ में कटौती एंप्लॉयर्स को 6800 करोड़ का फायदा: वित्त मंत्री
  19. एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और MFIs के लिए 30,000 रुपये की नकदी सुविधा
  20. डिस्कॉम को कैश फ्लो की भारी दिक्कत: वित्त मंत्री
  21. एमएसएमई के लिए ई-मार्केट लिंकेज पर जोर दिया जाएगा
  22. सरकार (Government) एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर करेगी
  23. TDS रेट में 25 फीसद की कटौती
  24. सभी तरह के पेमेंट पर लागू होगा

वर्ष 2019-2020 के लिए आयकर रिटर्न की देय तिथि अब 31 जुलाई और 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 तक कर दी गई है

ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत (relief) का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सभी केंद्रीय एजेंसियां कॉन्ट्रैक्टर्स को बिना किसी शुल्क के काम पूरा करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय देंगी।

रियल एस्टेट डेवलपर्स को बड़ी राहत (relief) देते हुए सरकार (Government) ने परियोजना पूरी करने और रजिस्ट्रेशन (registration) की समयसीमा को छह माह के लिए बढ़ा दिया है।

इससे पहले उन्होंने कहा कि 80 करोड़ गरीबों को 5-5 किलो चावल/अनाज बांटा गया। 8 करोड़ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को तीन महीने मुफ्त सिलेंडर दिया का रहा है। गरीब कल्याण योजना के तहत जो घोषणाएं की गई थी, उन्हें पूरा किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के बारे में कहा कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद यह पैकेज तैयार हुआ है। सीतारमण ने कहा कि पैकेज में इंडस्ट्री का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि ग्रोथ में तेजी लाने के लिए यह पैकेज जरूरी था। (निर्मला सीतारमण)

उन्होंने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत आत्म-निर्भर भारत अभियान के साथ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी (Modi) ने देश के सामने आत्मनिर्भर भारत का विजन पेश किया। वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि इस पैकेज से भारत आत्म-निर्भर बनेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना आत्मनिर्भर भारत मिशन का पार्ट है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्म-निर्भर भारत के पांच स्तंभ हैं- अर्थव्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड।

इस पैकेज की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Modi) ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान की थी। प्रधानमंत्री मोदी (Modi) ने बताया कि यह पैकेज कोरोना संकट के इस काल में देश को आत्म-निर्भर बनाने के संकल्प के साथ लाया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि ये पैकेज देश के श्रमिकों, किसानों, मध्यम वर्ग, कुटीर उद्योग एवं MSME सेक्टर के लिए हैं। (निर्मला सीतारमण)

केंद्र सरकार (Government) ने इससे पहले मार्च में 1.70 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज के तहत सरकार (Government) ने मुफ्त में अनाज के वितरण के साथ-साथ गरीब महिलाओं और बुजुर्गों के लिए नकदी हस्तांतरण की घोषणा की थी। सरकार (Government) ने इसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का नाम दिया था।

लॉकडाउन की वजह से पैकेज की थी जरूरत

देश में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। इस वजह से आर्थिक गतिविधियां बिल्कुल ठप पड़ गई हैं।

लोगों को कारोबार ठप हो गया है। इस वजह से कई लोगों की आजीविका पर असर पड़ा है। इस दृष्टि से आर्थिक पैकेज की सख्त जरूरत थी और विभिन्न हलकों में इसकी मांग हो रही थी।

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