रामायण से सीखे समस्या का समाधान कैसे करे
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रामायण से सीखे समस्या का समाधान कैसे करे

रामायण से सीखे समस्या का समाधान कैसे करे

जीवन में परेशानियों का आना-जाना लगा रहता है। अधिकतर लोग समस्याओं (problems) से डर जाते हैं, लक्ष्य से भटक जाते हैं, आगे नहीं बढ़ते, ठहर जाते हैं और सफलता से दूर हो जाते हैं। (रामायण से सीखे समस्या का समाधान)

जबकि परेशानियों से डरना नहीं चाहिए, उनका समाधान (solution) खोजना चाहिए। रामायण (Ramayan) के एक प्रसंग से समझ सकते हैं कि हम समस्याओं (problems) का समाधान (solution) कैसे खोज सकते हैं…

श्रीरामचरित मानस के अनुसार जब रावण (Ravan) सीता का हरण करके लंका ले गया तो श्रीराम वानर सेना की मदद से सीता की खोज करने लगे। हनुमानजी सीता की खोज करते हुए लंका की अशोक वाटिका में पहुंच गए।

वे सीता के सामने जाते उससे पहले वहां रावण (Ravan) आ गया तो हनुमान अशोक वृक्ष के ऊपर छिपकर बैठ गए। इसी वृक्ष के नीचे माता सीता बैठीं हुई थीं। रावण (Ravan) ने सीता को तरह-तरह के प्रलोभन दिए, अपनी शक्ति का भय दिखाया, जिससे माता बहुत डर गई थीं।

जब रावण (Ravan) सीता को डरा रहा था, उस समय हनुमानजी भी वहीं थे, लेकिन सीता उन्हें देख नहीं सकी थीं। रावण (Ravan) के जाने के बाद हनुमान ने सीता से भेंट की और उनके दुख को दूर किया था।

इस प्रसंग में जीवन प्रबंधन का महत्वपूर्ण सूत्र यह छिपा है कि रावण (Ravan) समस्या है और हनुमानजी समाधान (solution) है।

हनुमानजी सीता के पास पहले ही पहुंच चुके थे, रावण (Ravan) बाद में आया। ठीक इसी प्रकार हमारे जीवन में जब भी समस्या आती है तो उसका समाधान (solution) भी हमारे आसपास ही रहता है, हम उसे देख नहीं पाते हैं, समाधान (solution) को समझ नहीं पाते हैं।

हमारे सामने जब भी कोई परेशानी (problem) आए तो हमें शांति से काम लेना चाहिए और परेशानी (problem) के आसपास ही समाधान (solution) खोजने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा करने पर समस्या आसानी से दूर की जा सकती है। (रामायण से सीखे समस्या का समाधान)

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