रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते जिन्हें दुनिया अभी भी नहीं जानती
Dharmik HindiMe India News Internet Ramayan World

रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते जिन्हें दुनिया अभी भी नहीं जानती

रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते जिन्हें दुनिया अभी भी नहीं जानती

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

रामायण (ramayan) में भगवान राम और देवी सीता (devi sita) के जन्म एवं जीवनयात्रा का वर्णन दिया गया हैl हम में से अधिकांश लोगों को रामायण (ramayan) की कहानी पता है, लेकिन इस महाकाव्य से जुड़े कुछ ऐसे भी रहस्य (rahasya) हैं जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं हैl आज हम आपके सामने रामायण (ramayan) से जुड़े ऐसे ही 13 रहस्यों को उजागर कर रहे हैंl

ऐसा माना जाता है कि मूल रामायण (ramayan) की रचना “ऋषि वाल्मीकि” द्वारा की गई थी, लेकिन कई अन्य संतों और वेद पंडितों (ved pandit) जैसे- तुलसीदास, संत एकनाथ इत्यादि ने भी इसके अन्य संस्करणों की रचना (development) की हैl हालांकि प्रत्येक संस्करण में अलग-अलग तरीके से कहानी (story) का वर्णन किया गया है, लेकिन मूल रूपरेखा एक ही हैl ऐसा माना जाता है कि रामायण (ramayan) की घटना 4थी और 5वीं शताब्दी ई.पू. की हैl

50 बिज़नेस आईडिया – 50 Business Ideas

America में नौकरी कैसे पाए – How to Get Jobs at USA

  1. रामायण के हर 1000 श्लोक के बाद आने वाले पहले अक्षर से गायत्री मंत्र बनता हैl

गायत्री मंत्र में 24 अक्षर होते हैं और वाल्मीकि रामायण (ramayan) में 24,000 श्लोक हैंl रामायण (ramayan) के हर 1000 श्लोक के बाद आने वाले पहले अक्षर से गायत्री मंत्र (gayatri mantra) बनता हैl यह मंत्र इस पवित्र महाकाव्य (maha kavya) का सार हैl गायत्री मंत्र को सर्वप्रथम ऋग्वेद में उल्लिखित किया गया हैl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. राम और उनके भाइयों के अलावा राजा दशरथ एक पुत्री के भी पिता थेl

श्रीराम (shri ram) के माता-पिता एवं भाइयों के बारे में तो प्रायः सभी जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि राम की एक बहन (sister of shri ram) भी थीं, जिनका नाम “शांता” थाl वे आयु में चारों भाईयों से काफी बड़ी थींl उनकी माता कौशल्या (kaushlya) थींl

ऐसी मान्यता है कि एक बार अंगदेश के राजा रोमपद और उनकी रानी वर्षिणी अयोध्या (Ayodhya) आएl उनको कोई संतान नहीं थीl बातचीत के दौरान राजा दशरथ (raja dashrath) को जब यह बात मालूम हुई तो उन्होंने कहा, मैं अपनी बेटी शांता (beti shanta) आपको संतान के रूप में दूंगाl

यह सुनकर रोमपद और वर्षिणी बहुत खुश (very happy) हुएl उन्होंने बहुत स्नेह से उसका पालन-पोषण किया और माता-पिता (parents) के सभी कर्तव्य निभाएl

रामायण के 3 किस्सों से सीखे के पति-पत्नी के बीच कैसा होना चाहिए रिश्ता

एक दिन राजा रोमपद अपनी पुत्री (daughter) से बातें कर रहे थे, उसी समय द्वार पर एक ब्राह्मण आए और उन्होंने राजा (raja) से प्रार्थना की कि वर्षा के दिनों में वे खेतों की जुताई में राज दरबार (raj darbar) की ओर से मदद प्रदान करेंl राजा को यह सुनाई नहीं दिया और वे पुत्री (daughter) के साथ बातचीत करते रहेl

द्वार पर आए नागरिक की याचना (prayer) न सुनने से ब्राह्मण को दुख हुआ और वे राजा रोमपद का राज्य (rajya) छोड़कर चले गएl वह ब्राह्मण इन्द्र के भक्त थेl

अपने भक्त की ऐसी अनदेखी पर इन्द्र देव (indra dev) राजा रोमपद पर क्रुद्ध हुए और उन्होंने उनके राज्य में पर्याप्त वर्षा (rain) नहीं कीl इससे खेतों में खड़ी फसलें (farms) मुरझाने लगीl

इस संकट की घड़ी (time) में राजा रोमपद ऋष्यशृंग ऋषि के पास गए और उनसे उपाय (idea) पूछाl ऋषि ने बताया कि वे इन्द्रदेव को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ (yagya) करेंl ऋषि ने यज्ञ किया और खेत-खलिहान पानी (water) से भर गएl इसके बाद ऋष्यशृंग ऋषि का विवाह (marriage) शांता से हो गया और वे सुखपूर्वक रहने लगेl

बाद में ऋष्यशृंग ने ही दशरथ (dashrath) की पुत्र कामना के लिए पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया थाl जिस स्थान पर उन्होंने यह यज्ञ (yagya) करवाया था, वह अयोध्या से लगभग 39 कि.मी. पूर्व में था और वहाँ आज भी उनका आश्रम (ashram) है और उनकी तथा उनकी पत्नी (wife) की समाधियाँ हैंl (रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

रामायण से सीखे सफलता में दिए वचन और बाद में पछताने के बारे में

  1. राम विष्णु के अवतार हैं लेकिन उनके अन्य भाई किसके अवतार थेl

राम को भगवान विष्णु (bhagwan vishnu) का अवतार माना जाता है लेकिन आपको पता है कि उनके अन्य भाई (other brothers) किसके अवतार थे? लक्ष्मण को शेषनाग का अवतार माना जाता है जो क्षीरसागर में भगवान विष्णु (bhagwan vishnu) का आसन हैl

जबकि भरत और शत्रुघ्न को क्रमशः भगवान विष्णु (bhagwan vishnu) द्वारा हाथों में धारण किए गए सुदर्शन-चक्र और शंख-शैल का अवतार (avtar) माना जाता हैl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

American President Donald Trump Biography and Quotes in Hindi

Chandrayaan 2 Facts in Hindi

  1. सीता स्वयंवर में प्रयुक्त भगवान शिव के धनुष का नामl

हम में से अधिकांश लोगों (most of the peoples) को पता है कि राम का सीता से विवाह एक स्वयंवर (swaymvar) के माध्यम से हुआ थाl उस स्वंयवर के लिए भगवान शिव (bhagwan shiv ji) के धनुष का इस्तेमाल किया गया था, जिस पर सभी राजकुमारों (rajkumar) को प्रत्यंचा चढ़ाना थाl लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि भगवान शिव (bhagwan shiv) के उस धनुष का नाम “पिनाक” थाl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. लक्ष्मण को गुदाकेशके नाम से भी जाना जाता हैl

ऐसा माना जाता है कि वनवास (vanvas) के 14 वर्षों के दौरान अपने भाई और भाभी की रक्षा (safety) करने के उद्देश्य से लक्ष्मण कभी सोते नहीं थेl इसके कारण उन्हें “गुदाकेश” के नाम से भी जाना जाता हैl

वनवास (vanvas) की पहली रात को जब राम और सीता सो रहे थे तो निद्रा देवी लक्ष्मण (lakshman) के सामने प्रकट हुईंl उस समय लक्ष्मण (lakshman) ने निद्रा देवी से अनुरोध किया कि उन्हें ऐसा वरदान दें कि वनवास (vanvas) के 14 वर्षों के दौरान उन्हें नींद ना आए और वह अपने प्रिय भाई और भाभी (bhai aur bhabhi) की रक्षा कर सकेl

निद्रा देवी इस बात पर प्रसन्न (happy) होकर बोली कि अगर कोई तुम्हारे बदले 14 वर्षों तक सोए तो तुम्हें यह वरदान (vardaan) प्राप्त हो सकता हैl इसके बाद लक्ष्मण (lakshman) की सलाह पर निद्रा देवी लक्ष्मण की पत्नी और सीता (sita) की बहन “उर्मिला” के पास पहुंचीl उर्मिला ने लक्ष्मण (lakshman) के बदले सोना स्वीकार कर लिया और पूरे 14 वर्षों तक सोती (sleep) रहीl

रामायण के 30 अनमोल विचार | 30 Ramayana Quotes In Hindi

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. उस जंगल का नाम जहाँ राम, लक्ष्मण और सीता वनवास के दौरान रूके थेl

रामायण (ramayan) महाकाव्य की कहानी के बारे में हम सभी जानते हैं कि राम और सीता, लक्ष्मण (lakshman) के साथ 14 वर्षों के लिए वनवास गए थे और राक्षसों के राजा रावण (ravan) को हराकर वापस अपने राज्य लौटे थेl

हम में से अधिकांश लोगों को पता है कि राम, लक्ष्मण (lakshman) और सीता ने कई साल वन में बिताए थे, लेकिन कुछ ही लोगों को उस वन (forest) के नाम की जानकारी होगीl उस वन का नाम दंडकारण्य था जिसमें राम, सीता और लक्ष्मण (lakshman) ने अपना वनवास बिताया थाl

यह वन (forest) लगभग 35,600 वर्ग मील में फैला हुआ था जिसमें वर्तमान छत्तीसगढ़, उड़ीसा (odisha), महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कुछ हिस्से शामिल थेl उस समय यह वन (forest) सबसे भयंकर राक्षसों का घर माना जाता थाl इसलिए इसका नाम दंडकारण्य (dandkarnaya) था जहाँ “दंड” का अर्थ “सजा देना” और “अरण्य” का अर्थ “वन” है। (रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. लक्ष्मण रेखा प्रकरण का वर्णन वाल्मीकि रामायण में नहीं हैl

पूरे रामायण (ramayan) की कहानी में सबसे पेचीदा प्रकरण लक्ष्मण रेखा (lakshman rekha) प्रकरण है, जिसमें लक्ष्मण वन में अपनी झोपड़ी (jhopdi) के चारों ओर एक रेखा खींचते हैंl

जब सीता के अनुरोध पर राम (shri ram) हिरण को पकड़ने और मारने की कोशिश करते हैं, तो वह हिरण राक्षस मारीच (rakshsas marich) का रूप ले लेता हैl मरने के समय में मारीच राम की आवाज में लक्ष्मण (lakshman) और सीता के लिए रोता हैl

यह सुनकर सीता लक्ष्मण (lakshman) से आग्रह करती है कि वह अपने भाई की मदद (help) के लिए जाए क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि उनके भाई किसी मुसीबत (stuck in problem) में फंस गए हैंl

पहले तो लक्ष्मण (lakshman) सीता को अकेले जंगल में छोड़कर जाने को राजी नहीं हुए लेकिन बार-बार सीता (Sita) द्वारा अनुरोध करने पर वह तैयार हो गएl

इसके बाद लक्ष्मण (lakshman) ने झोपड़ी के चारों ओर एक रेखा (lakshman rekha) खींची और सीता से अनुरोध किया कि वह रेखा के अन्दर ही रहे और यदि कोई बाहरी व्यक्ति (other person) इस रेखा को पार करने की कोशिश करेगा तो वह जल कर भस्म (burn) हो जाएगाl

इस प्रकरण के संबंध में अज्ञात तथ्य यह है कि इस कहानी (story) का वर्णन ना तो “वाल्मीकि रामायण (ramayan)” में है और ना ही “रामचरितमानस” में हैl लेकिन रामचरितमानस के लंका कांड (lanka kand) में इस बात का उल्लेख रावण की पत्नी मंदोदरी (mandodri) द्वारा किया गया हैl (रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

दीपावली पर 25 अनमोल विचार इससे जुड़ी अनसुनी कथाएँ

  1. रावण एक उत्कृष्ट वीणा वादक थाl

रावण (ravan) सभी राक्षसों का राजा थाl बचपन में वह सभी लोगों से डरता (fear) था क्योंकि उसके दस सिर थेl भगवान शिव (bhagwan shiv) के प्रति उसकी दृढ़ आस्था थीl इस बात की पुख्ता जानकारी है कि रावण (ravan) एक बहुत बड़ा विद्वान था और उसने वेदों का अध्ययन (research) किया थाl

लेकिन क्या आपको पता है कि रावण (ravan) के ध्वज में प्रतीक के रूप में वीणा होने का कारण क्या था? चूंकि रावण (ravan) एक उत्कृष्ट वीणा वादक था जिसके कारण उसके ध्वज (flag) में प्रतीक के रूप में वीणा अंकित थाl हालांकि रावण (ravan) इस कला को ज्यादा तवज्जो नहीं देता था लेकिन उसे यह यंत्र (instrument) बजाना पसन्द थाl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. इन्द्र के ईर्ष्यालु होने के कारण कुम्भकर्णको सोने का वरदान प्राप्त हुआ था l

रामायण (ramayan) में एक दिलचस्प कहानी हमेशा सोने वाले “कुम्भकर्ण” की हैl कुम्भकर्ण, रावण (ravan) का छोटा भाई था, जिसका शरीर बहुत ही विकराल (huge) थाl

इसके अलावा वह पेटू (बहुत अधिक खाने वाला) भी थाl रामायण (ramayan) में वर्णित है कि कुम्भकर्ण (kumbhkaran) लगातार छह महीनों तक सोता रहता था और फिर सिर्फ एक दिन खाने (Eating) के लिए उठता था और पुनः छह महीनों तक सोता (sleep) रहता थाl

लेकिन क्या आपको पता है कि कुम्भकर्ण (kumbhkaran) को सोने की आदत कैसे लगी थीl एक बार एक यज्ञ (yagya) की समाप्ति पर प्रजापति ब्रह्मा कुन्भकर्ण (kumbhkaran) के सामने प्रकट हुए और उन्होंने कुम्भकर्ण (kumbhkaran) से वरदान मांगने को कहाl

इन्द्र को इस बात से डर लगा कि कहीं कुम्भकर्ण (kumbhkaran) वरदान में इन्द्रासन न मांग ले, अतः उन्होंने देवी सरस्वती से अनुरोध किया कि वह कुम्भकर्ण (kumbhkaran) की जिह्वा पर बैठ जाएं जिससे वह “इन्द्रासन” के बदले “निद्रासन” मांग लेl इस प्रकार इन्द्र की ईर्ष्या की वजह से कुम्भकर्ण (kumbhkaran) को सोने का वरदान प्राप्त हुआ थाl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

Life Quotes In Hindi

Dwayne Johnson Biography and 50 Quotes in Hindi

  1. नासा के अनुसार रामायणकी कहानी और आदम का पुलएक-दूसरे से जुड़े हुए हैं l

रामायण (ramayan) की कहानी के अंतिम चरण में वर्णित है कि राम और लक्ष्मण (ram and lakshman) ने वानर सेना की मदद से लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए एक पुल (bridge) का निर्माण किया थाl

ऐसा माना जाता है कि यह कहानी (Story) लगभग 1,750,000 साल पहले की हैl हाल ही में नासा ने पाक जलडमरूमध्य में श्रीलंका और भारत (Sri lank and india) को जोड़ने वाले एक मानव निर्मित प्राचीन पुल (bridge) की खोज की है और शोधकर्ताओं और पुरातत्वविदों के अनुसार इस पुल (bridge) के निर्माण की अवधि रामायण (ramayan) महाकाव्य में वर्णित पुल के निर्माणकाल से मिलती हैl

नासा (nasa) के उपग्रहों द्वारा खोजे गए इस पुल को “आदम का पुल” कहा जाता है और इसकी लम्बाई (length) लगभग 30 किलोमीटर हैl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. रावण को पता था कि वह राम के हाथों मारा जाएगाl

रामायण (ramayan) की पूरी कहानी पढ़ने के बाद हमें पता चलता है कि रावण (ravan) एक क्रूर और सबसे विकराल राक्षस (rakshas) था, जिससे सभी लोग घृणा करते थेl

जब रावण (ravan) के भाइयों ने सीता के अपहरण की वजह से राम (ram) के हमले के बारे में सुना तो अपने भाई को आत्मसमर्पण (surrender) करने की सलाह दी थीl यह सुनकर रावण (ravan) ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया और राम (ram) के हाथों मरकर मोक्ष पाने की इच्छा (wish) प्रकट कीl

उसके कहा कि “अगर राम और लक्ष्मण दो सामान्य इंसान हैं, तो सीता (sita) मेरे पास ही रहेगी क्योंकि मैं आसानी (easily) से उन दोनों को परास्त कर दूंगा और यदि वे देवता (god) हैं तो मैं उन दोनों के हाथों मरकर मोक्ष प्राप्त करूँगाl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. आखिर क्यों राम ने लक्ष्मण को मृत्युदंड दियाl

रामायण (ramayan) में वर्णित है कि श्री राम (bhagwan ram) ने न चाहते हुए भी जान से प्यारे अपने छोटे भाई लक्ष्मण (lakshman) को मृत्युदंड दिया थाl आखिर क्यों भगवान राम (bhagwan ram) ने लक्ष्मण को मृत्युदंड दिया था?

यह घटना उस वक़्त की है जब श्री राम (shri ram) लंका विजय के बाद अयोध्या लौट आये थे और अयोध्या (ayodhya) के राजा बन गए थेl एक दिन यम देवता कोई महत्तवपूर्ण चर्चा करने के लिए श्री राम (bhagwan ram) के पास आते हैंl

चर्चा प्रारम्भ करने से पूर्व उन्होंने भगवान राम (bhagwan ram) से कहा की आप मुझे वचन दें कि जब तक मेरे और आपके बीच वार्तालाप (vartalaap) होगी हमारे बीच कोई नहीं आएगा और जो आएगा, उसे आप मृत्युदंड (death sentence) देंगेंl

इसके बाद राम, लक्ष्मण (lakshman) को यह कहते हुए द्वारपाल (gate keeper) नियुक्त कर देते हैं कि जब तक उनकी और यम (yam) की बात हो रही है वो किसी को भी अंदर न आने दे, अन्यथा वह उसे मृत्युदंड दे देंगेl

लक्ष्मण (lakshman) भाई की आज्ञा मानकर द्वारपाल बनकर खड़े हो जाते हैंl लक्ष्मण (lakshman) को द्वारपाल बने कुछ ही समय बीतने के बाद वहां पर ऋषि दुर्वासा (rishi durvasa) का आगमन होता हैl

जब दुर्वासा ने लक्ष्मण (lakshman) से अपने आगमन के बारे में राम को जानकारी देने के लिये कहा तो लक्ष्मण (lakshman) ने विनम्रता के साथ मना कर दियाl

इस पर दुर्वासा क्रोधित (angry) हो गये तथा उन्होने सम्पूर्ण अयोध्या को श्राप (shraap) देने की बात कहीl लक्ष्मण (lakshman) ने शीघ्र ही यह निश्चय कर लिया कि उनको स्वयं का बलिदान देना होगा ताकि वो नगरवासियों (city peoples) को ऋषि के श्राप से बचा सकें और उन्होने भीतर जाकर ऋषि दुर्वासा (rishi durvasa) के आगमन की सूचना दीl

अब श्री राम (bhagwan ram) दुविधा में पड़ गए क्योंकि उन्हें अपने वचन के अनुसार लक्ष्मण (lakshman)  को मृत्युदंड देना थाl इस दुविधा की स्थिति में श्री राम (bhagwan ram) ने अपने गुरू वशिष्ठ का स्मरण किया और कोई रास्ता (way) दिखाने को कहाl

गुरूदेव ने कहा कि अपनी किसी प्रिय वस्तु (special thing) का त्याग, उसकी मृत्यु के समान ही हैl अतः तुम अपने वचन का पालन करने के लिए लक्ष्मण (lakshman) का त्याग कर दोl

लेकिन जैसे ही लक्ष्मण (lakshman) ने यह सुना तो उन्होंने राम (bhagwan ram) से कहा की आप भूल कर भी मेरा त्याग नहीं करना, आप से दूर रहने से तो यह अच्छा (better) है की मैं आपके वचन का पालन करते हुए मृत्यु (death) को गले लगा लूँl ऐसा कहकर लक्ष्मण (lakshman) ने जल समाधि ले लीl

(रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. राम ने सरयू नदी में डूबकी लगाकर पृथ्वीलोक का परित्याग किया था l

ऐसा माना जाता है कि जब सीता (sita) ने पृथ्वी के अन्दर समाहित होकर अपने शरीर (body) का परित्याग कर दिया तो उसके बाद राम (ram) ने सरयू नदी में जल समाधि लेकर पृथ्वीलोक का परित्याग किया था| (रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

  1. रामायण से जुड़े कुछ अनसुने रहस्य

विश्व विजय हेतु जब रावण (ravan) स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे वहां रम्भा नामक अप्सरा मिली जिसे रावण (Ravan) ने वासना हेतु पकड़ लिया।

रम्भा ने कहा कि मैं आपके बड़े भाई (big brother) के पुत्र नलकुबेर के लिए हूं, इसलिए आपकी पुत्रवधू समान हूं।

इस पर भी रावण (Ravan) ने उसे नहीं छोड़ा।

इसी कारण से कुबेर के बेटे नलकुबेर ने रावण (Ravan) को श्राप दिया कि,

यदि उसने कभी किसी स्त्री (lady) को उसकी आज्ञा के विरुद्ध स्पर्श किया तो उसके सिर के सौ टुकड़े (100 pieces) हो जाएंगे। (रामायण से जुडी 15 रहस्यमयी बाते)

WWE Wrestler John Cena Biography and Quotes In Hindi

Steve Jobs Biography and Quotes in Hindi

  1. धार्मिक कथा (Religious Story)

क्या आप जानते हैं कि शूर्पणखा (shroopnakha) के पति “विद्युतजिव्ह” का रावण (Ravan) ने एक युद्ध (war) के दौरान वध कर दिया था।

जिस पर शूर्पणखा ने रावण (Ravan) को मन ही मन श्राप दिया कि मेरे ही (because of me) कारण तेरा नाश होगा।

रावण (Ravan) जिस सोने की लंका का राजा (king) था, क्या आप जानते हैं कि वह उसने अपने भाई कुबेर को विश्व विजय (win) हेतु किये गए युद्ध में हराकर हासिल की थी।

सोने (gold) की लंका और पुष्पक विमान दोनों ही पहले कुबेर (kuber) के थे।

रामायण (ramayan) में लिखा है कि रावण (Ravan) एक बार अपने पुष्पक विमान से कहीं जा रहा था।

उस समय उसे वेदवती (vedvati) नामक स्त्री दिखाई दी जो विष्णु भगवान् को पति (husband) के रूप में प्राप्त करने के लिए तप कर रही थी।

रावण (Ravan) ने उसके बाल पकड़कर उसे अपने साथ चलने को कहा।

रावण (Ravan) के हाथ लगाते ही उसी स्त्री वेदवती ने रावण (Ravan) को श्राप दिया कि एक स्त्री के कारण ही तेरी मृत्यु होगी।

राम (Ram) ने रावण (Ravan) का वध किया, यह तो सब जानते हैं,

लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि इंद्र देव (indra dev) ने अपना दिव्य रथ राम (Ram) जी के पास भेजा था,

जिस पर बैठकर प्रभु राम (Ram) ने रावण (Ravan) का वध किया।

दोस्तों, आप यह Article Prernadayak पर पढ़ रहे है. कृपया पसंद आने पर Share, Like and Comment अवश्य करे, धन्यवाद!!

Diwali Festival Stories in Hindi

Diwali Facts in Hindi

Diwali Stories in Hindi

Happy Diwali Facts in Hindi

https://prernadayak.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a5%9c%e0%a5%87-35-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%95-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af/

10 Determination Quotes in Hindi | दृढ संकल्प पर 10 अनमोल विचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *