सबसे बड़ा त्याग – Hindi Kahani
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सबसे बड़ा त्याग – Hindi Kahani

सबसे बड़ा त्याग – Hindi Kahani

दधीचि मुनि की सुनो कहानी। वृत्रासुर राक्षस देवताओं को बहुत कष्ट पहुँचाता था। देवता लोग उससे लोहा नहीं ले पा रहे थे। किसी ने उन्हें सलाह दी—कोई बहुत सात्त्विक तथा पवित्र प्राणी हो, उसकी हड्डियों से हथियार बने, तो उस हथियार से यह राक्षस मरेगा। (सबसे बड़ा त्याग)

उन दिनों दधीचि की तपस्या की ख्याति चारों ओर फैल रही थी। उनसे अधिक सात्त्विक और पवित्र प्राणी उन्हें और कौन मिलता!

उनके पास गये और उन्हें वृत्रासुर के अत्याचारों की करुण गाथा सुनायी। सुन कर दधीचि बहुत दु:खी हए। वह बोले-“बताइए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?”

देवताओं ने कहा- “हमें अपनी हड्डियाँ दे दीजिए। उनसे हथियार बना कर हम वृत्रासुर का वध करेंगे।”

दधीचि बोले- “मैंने अपना मन भगवान् को दे दिया है। अब यह तन बचा है। यह अगर समाज के काम आ जाये, तो इससे अच्छी बात और क्या होगी?”

यह कह कर उन्होंने अपनी साँस रोक ली और योग-बल से अपने प्राण त्याग दिये। उनकी हड़ियों से एक वज्र बनाया गया और उसी से वृत्रासुर मारा गया। समाज उसके भय से मुक्त हुआ।

दूसरों के अन्याय, भय, झूठ तथा कपट नष्ट करने के लिए हमें अपना तन तक देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

बच्चो, तुम तैयार हो न दधीचि की तरह बनने के लिए?

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