साईं बाबा के 29 अनमोल वचन | 29 Sai Baba Quotes In Hindi
Dharmik HindiMe India News Internet Saint Quotes World

साईं बाबा के 29 अनमोल वचन | 29 Sai Baba Quotes In Hindi

साईं बाबा के 29 अनमोल वचन | 29 Sai Baba Quotes In Hindi

साईं बाबा (Sai Baba) कौन थे और उनका जन्म (birth) कहां हुआ था यह प्रश्न (question) ऐसे हैं जिनका जवाब (answer) किसी के पास नहीं है। साईं (Sai) ने कभी इन बातों का जिक्र नहीं किया। इनके माता-पिता (parents) कौन थे इसकी भी कोई जानकारी उपलब्ध (available) नहीं है।

बस एक बार अपने एक भक्त के पूछने पर साईं (Sai) ने कहा था कि, उनका जन्म (birth) 28 September 1836 को हुआ था। इसलिए हर साल 28 सितंबर को साईं का जन्मोत्सव (Sai Birthday) मनाया जाता है।

साईं किस धरम के थे? Sai Baba kis Dharam ke the?

साईं बाबा (Sai Baba) ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा एक पुराने मस्जिद (old masjid) में बिताया जिसे वह द्वारका माई (dwarka mai) कहा करते थे। सिर पर सफेद कपड़ा बांधे हुए फकीर (fakir) के रूप में साईं शिरडी (Shirdi) में धूनी रमाए रहते थे। इनके इस रूप के कारण कुछ लोग इन्हें मुस्लिम (msulim) मानते हैं।

जबकि द्वारिका (dwarika) के प्रति श्रद्घा और प्रेम के कारण कुछ लोग इन्हें हिन्दू (hindu) मानते है। लेकिन साईं ने कबीर की तरह कभी भी अपने को जाति (caste) बंधन में नहीं बांधा। हिन्दू हो या मुसलमान साई (Sai) ने सभी के प्रति समान भाव रखा और कभी इस बात का उल्लेख (information) नहीं किया कि वह किस जाति (caste) के हैं। साईं ने हमेशा मानवता, प्रेम और दयालुता को अपना धर्म (religion) माना।

जो भी साईं के पास आता उसके प्रति साईं बिना भेद भाव के उसके प्रति कृपा करते। साई (Sai) के इसी व्यवहार ने उन्हें शिरडी का साई बाबा (Sai Baba) और भक्तों का भगवान बना दिया। हलांकि साईं बाबा (Sai Baba) का साईं नाम कैसे पड़ा इसकी एक रोचक कथा (interesting story) है।

भारत के 10 सबसे महंगे स्कूल

भारत के 10 सबसे महंगे वकील

फकीर से साई बाबा बनने की कहानी | Story of Sai Baba

कहा जाता है कि year 1854 ई. में पहली बार साई बाबा (Sai Baba) शिरडी में दिखाई दिए। उस समय बाबा की उम्र लगभग सोलह वर्ष  (16 years) थी। शिरडी के लोगों ने बाबा को पहली बार एक नीम के वृक्ष (neem tree) के नीचे समाधि में लीन देखा। कम उम्र में सर्दी-गर्मी, भूख-प्यास (hunger) की जरा भी चिंता किए बगैर बालयोगी को कठिन तपस्या (hard penance) करते देखकर लोगों को बड़ा आश्चर्य हुआ।

त्याग और वैराग्य की मूर्ति बने साईं (sai) ने धीरे-धीरे गांव वालों का मनमोह लिया। कुछ समय शिरडी (shirdi) में रहकर साईं एक दिन किसी से कुछ कहे बिना अचानक (suddenly) वहां से चले गए। कुछ सालों के बाद चांद पाटिल (chand patil) नाम के एक व्यक्ति की बारात के साथ साई फिर शिरडी में पहुंचे।

खंडोबा मंदिर (khandoba mandir) के पुजारी म्हालसापति ने साईं को देखते ही कहा ‘आओ साईं’ (aao sai) इस स्वागत संबोधने के बाद से ही शिरडी का फकीर ‘साईं बाबा’ (sai baba) कहलाने लगा।

साई के जीने का तरीका | Sai Baba Living Way

शिरडी (shirdi) के लोग शुरू में साईं बाबा (Sai Baba) को पागल समझते थे लेकिन धीरे-धीरे उनकी शक्ति और गुणों (power and qualities) को जानने के बाद भक्तों की संख्या बढ़ती गयी। साईं बाबा (Sai Baba) शिरडी के केवल पांच परिवारों से रोज दिन में दो बार (twice a day) भिक्षा मांगते थे।

वे टीन के बर्तन (steel bowl) में तरल पदार्थ और कंधे पर टंगे हुए कपड़े की झोली में रोटी और ठोस पदार्थ (food) इकट्ठा किया करते थे। सभी सामग्रियों को वे द्वारका माई (dwarka mai) लाकर मिट्टी के बड़े बर्तन में मिलाकर रख देते थे।

कुत्ते, बिल्लियां, चिड़िया (animals and birds) निःसंकोच आकर खाने का कुछ अंश खा लेते थे, बची हुए भिक्षा को साईं बाबा (Sai Baba) भक्तों के साथ मिल बांट कर खाते थे।

शिरडी साई बाबा के चमत्कार | Shirdi ke Sai Baba ke Chamatkaar

साईं ने अपने जीवनकाल (entire life) में कई ऐसे चमत्कार दिखाए जिससे लोगों ने इनमें ईश्वर (bhagwan) का अंश महसूस किया। इन्हीं चमत्कारों ने साईं को भगवान (bhagwan) और ईश्वर का अवतार बना दिया।

लक्ष्मी (lakshmi) नामक एक स्त्री संतान (child) सुख के लिए तड़प रही थी। एक दिन साईं बाबा (Sai Baba) के पास अपनी विनती लेकर पहुंच गई। साईं ने उसे उदी यानी भभूत (ash) दिया और कहा आधा तुम खा लेना और आधा अपने पति (husband) को दे देना।

लक्ष्मी (lakshmi) ने ऐसा ही किया। निश्चित समय पर लक्ष्मी गर्भवती (pregnant) हुई। साईं के इस चमत्कार से वह साईं की भक्त (sai devotee) बन गयी और जहां भी जाती साईं बाबा (Sai Baba) के गुणगाती। साईं के किसी विरोधी ने लक्ष्मी (lakshmi) के गर्भ को नष्ट करने के लिए धोखे से गर्भ (womb) नष्ट करने की दवाई (medicine) दे दी।

Pariyon ki Kahani

Google से पैसे कैसे कमाए

इससे लक्ष्मी (lakshmi) को पेट में दर्द एवं रक्तस्राव होने लगा। लक्ष्मी साईं के पास पहुंचकर साईं (sai) से विनती करने लगी।

साईं बाबा (Sai Baba) ने लक्ष्मी को उदी खाने के लिए दिया। उदी खाते ही लक्ष्मी (lakshmi) का रक्तस्राव रूक गया और लक्ष्मी (lakshmi) को सही समय पर संतान सुख प्राप्त हुआ।

*हालांकि शिरडी के साईं बाबा (Sai Baba) की जन्मतिथि को लेकर कोई पुख्ता प्रणाम (strong proof) नहीं हैं।

भारत सदियों से देवों और संतों (gods and saints) की भूमि मानी जाती है. इस देश में समय-समय पर कई संतों (saints) ने ज्ञान का प्रकाश फैलाया है. शि‍रडी के साईं बाबा (Sai Baba) भी अवतारी पुरुष के रूप में पूजे जाते हैं.

शिरडी के साईं बाबा (Sai Baba) की चमत्कारी शक्तियों के बारे में बहुत-सी कथाएं (stories) हैं. साईं बाबा (Sai Baba) के पूजन के लिए गुरुवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता हैं.

साईं व्रत का विधान | Sai Vrat ka Vidhaan

साईं व्रत (sai vrat) कोई भी कर सकता है. साईं बाबा (Sai Baba) जात-पांत या और कोई भेदभाव नहीं मानते थे. उनका कहना था, ‘सबका मालिक एक है’. यह व्रत (vrat) किसी भी गुरुवार को साईं बाबा (Sai Baba) का नाम लेकर शुरू किया जा सकता.

सुबह या शाम को साईं बाबा (Sai Baba) की तस्वीर या मूर्ति की पूजा (prayer) की जाती है. किसी आसन पर पीला कपड़ा बिछाकर उस पर साईं बाबा (Sai Baba) की तस्वीर रखें. पूजा के लिए पीले फूल (yellow flowers)  या हार का प्रयोग करें.

धूप-दीप जलाकर साईं व्रत की कथा (sai vrat katha) पढ़ना चाहिए. पूजा के बाद प्रसाद (prasad) बांटना चाहिए. प्रसाद के रूप में फल या मिठाई बांटी (distribute) जा सकती है.

शिरडी के साईं बाबा (Sai Baba) के व्रत की संख्या 9 हो जाने पर अंतिम व्रत (last vrat) के दिन पांच गरीब व्यक्तियों (poor peoples) को भोजन कराना चाहिए और दान (donation) करना चाहिए. इस तरह इस व्रत का समापन होना चाहिए.

साईं व्रत की कथा | Sai Vrat Katha

कोकिला बहन (kokila behan) और उनके पति महेशभाई शहर में रहते थे. दोनों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम-भाव था, परन्तु महेशभाई (mahesh bhai) का स्वभाव झगड़ालू था. दूसरी तरफ कोकिला बहन (kokila behan) बहुत ही धार्मिक स्त्री थी, भगवान पर विश्वास (believe) रखती.

धीरे-धीरे उनके पति (husband) का धंधा-रोजगार ठप हो गया. कुछ भी कमाई (earning) नहीं होती थी. महेशभाई अब दिन-भर घर (home) पर ही रहते और अब उन्होंने गलत राह (wrong way) पकड़ ली. अब उनका स्वभाव (behavior) पहले से भी अधिक चिड़चिड़ा हो गया.

एक दिन दोपहर को एक वृद्ध महाराज (old person) दरवाजे पर आकार खड़े हो गए. चेहरे (face) पर गजब का तेज था और आकर उन्होंने दाल-चावल (food) की मांग की. कोकिला बहन ने दल-चावल (food) दिए और दोनों हाथों से उस वृद्ध बाबा (old person) को नमस्कार किया.

वृद्ध ने कहा साईं (sai) सुखी रखे. कोकिला बहन ने कहा महाराज सुख मेरी किस्मत (luck) में नहीं है और अपने दुखी जीवन का वर्णन किया. महाराज ने श्री साईं के व्रत (sai vrat) के बारें में बताया 9 गुरुवार फलाहार (fruits) या एक समय भोजन करना, हो सके तो बेटा साईं मंदिर (sai mandir) जाना, घर पर साईं बाबा (Sai Baba) की 9 गुरुवार पूजा करना.

साईं व्रत (sai vrat) करना और विधि से उद्यापन करना भूखे को भोजन देना, साईं बाबा (Sai Baba) तेरी सभी मनोकामना पूर्ण करेंगे, साईं बाबा (Sai Baba) पर अटूट श्रद्धा रखना जरूरी है.

कोकिला बहन (kokila behan) ने भी गुरुवार का व्रत (vrat) लिया. 9 वें गुरुवार को गरीबों को भोजन (feeding poor) कराया. उनके घर से कलह दूर हुए. घर में बहुत ही सुख-शांति (happiness) हो गई. महेशभाई का स्वभाव ही बदल गया. उनका रोजगार (daily income) फिर से चालू हो गया. थोड़े समय में ही सुख-समृधि बढ़ गई.

दोनों पति-पत्नी (husband and wife) सुखी जीवन बिताने लगे. एक दिन कोकिला बहन के जेठ-जेठानी सूरत (surat) से आए. बातों-बातों में उन्होंने बताया कि उनके बच्चे (childrens) पढ़ाई नहीं करते, इसलिए परीक्षा में फेल (fail) हो गए हैं. कोकिला बहन ने 9 गुरुवार (thursday) की महिमा बताई और कहा कि साईं बाबा (Sai Baba) की भक्ति से बच्चे अच्छी तरह अभ्यास (practice) कर पाएंगे.

लेकिन इसके लिए साईं बाबा (Sai Baba) पर विश्वास रखना जरूरी है. साईं (sai) सबकी सहायता करते हैं. उनकी जेठानी ने व्रत की विधि (vrat vidhi) बताने के लिए कहा. कोकिला बहन ने कहा उन्हें वह सारी बातें बताईं, जो खुद उन्हें वृद्ध महाराज (old person) ने बताई थी.

सूरत (surat) से उनकी जेठानी का थोड़े दिनों में पत्र आया कि उनके बच्चे साईं व्रत (sai vrat) करने लगे हैं और बहुत अच्छे तरह से पढ़ते (study) हैं. उन्होंने भी व्रत किया था.

उन्होंने लिखा कि उनकी सहेली की बेटी शादी (marriage) साईं व्रत करने से बहुत ही अच्छी जगह तय हो गई. उनके पड़ोसी (neighbour) का गहनों का डिब्बा गुम हो गया था, जो अब वापस मिल गया है.

ऐसे कई अद्भुत चमत्कार (amazing miracle) हुए था. कोकिला बहन ने समझा कि साईं बाबा (Sai Baba) की महिमा अपार है.

Jadui Chakki Ki Kahani

Bhoot ki Kahani

साईं बाबा के अनमोल वचन | Sai Baba Anmol Vachan

  1. अगर कोई मुझे देखते है और सिर्फ अकेला (only) मुझे ही देखता है और मेरी लीला को सुनता है और केवल मुझमे ही समर्पित हैं तो वह अवश्य ईश्वर (bhagwan) तक पहुंचेगा।
  1. मेरा कर्म (work) आशीष देना है।
  1. मैं तुम्हें अंत (end) तक ले जाऊंगा।
  1. पूरी तरह से भगवान (bhagwan) में समर्पित हो जाएँ।
  1. अगर अपने विचारों और लक्ष्य (target) में तुम मुझे धारण करते हो तब तुम्हें सर्वोच्च की प्राप्ति होगी।
  1. अपने गुरु पर पूर्णतः भरोसा (believe) करना ही साधना है।
  1. मेरे पास रहो शांत (calm) रहो अन्य मैं संभाल लूँगा।
  1. हमारा कर्तव्य क्या है अच्छा बर्ताव (good behavior) करना यह पर्याप्त है।
  1. जो मुझसे प्यार (love) करते हैं मेरी कृपा उन पर बनी रहती हैं।
  1. तुम जो भी कर रहे हो जहाँ भी हो हमेशा (always remember) ध्यान रखना कि तुम क्या कर रहे हो यह मुझे सदैव ज्ञात रहा है।

अपनी आमदनी लोगों को ना बताने के तीन फायदे

वर्क फ्रॉम होम को बनाये आसान यह 5 टिप्स

  1. मैं दिन और रात अपने लोगों के बारे में विचार (thought) करता हूँ और बारंबार उन्हीं का नाम पुकारता हूँ।
  1. मैं हर एक वस्तु (thing) में हूँ और उस वस्तु से परे भी। मैं सभी रिक्त स्थान (place) को भरता हूँ।
  1. सबका मालिक एक (one) है।
  1. मेरे रहते डर (fear) कैसा?
  1. मेरा काम तो आशीर्वाद (blessings) देना है।
  1. हमारा कर्तव्य क्या है? ठीक से व्यवहार करना। ये काफी है।
  1. जो मुझे प्रेम (love) करते हैं मेरी दृष्टि हमेशा उनपर बनी रहती है।
  1. जीवन एक गीत (song) है इसे गाएं। जीवन एक खेल है इसे खेलें। जीवन एक चुनौती है, इसे पूरा करें। जीवन (life) एक सपना है इसे साकार करें। जीवन एक बलिदान है-चेष्टा करें। जीवन प्रेम (love) है आनंद लें।
  1. मैं निर्गुण और निरपेक्ष हूँ, मेरा कोई नाम (no name) नहीं और कोई आवास नहीं है।
  1. सभी परिणाम इंसान (insan) की सोच का नतीजा है इसलिए हमारी सोच (thinking) मायने रखती है।
  1. जो आप अपने चारों तरफ देखते हैं, या आप जो देख रहे हैं उससे भ्रमित न हो। आप एक ऐसी दुनिया (world) में रहते हैं जो भ्रम के खेल का मैदान है, झूठे मार्गों, झूठे मूल्यों और झूठे आदमियों से भरा हुआ है। लेकिन आप उस दुनिया (world) का हिस्सा नहीं हैं।
  1. एक-दूसरे से प्यार (love) करें और दूसरों को ऊँचे स्तर तक पहुँचाने में मदद करें। प्यार (love) संक्रामक और सबसे बड़ी चिकित्सा उर्जा है।
  1. मनुष्य खो गया है और जंगल में भटक रहा है जहाँ वास्तविक मूल्यों (real value) का कोई अर्थ नहीं है। वास्तविक मूल्यों का अर्थ मनुष्य (human) को सिर्फ तब ही हो सकता है जब वह आध्यात्मिक पथ पर कदम रखता है, एक ऐसा पथ जहाँ नकारात्मक भावनाओं (negative vibes) का कोई उपयोग नहीं होता है।

80 Quotes of Swami Vivekananda in Hindi | स्वामी विवेकानन्द के 80 अनमोल विचार

Top 10 Chanakya Niti in Hindi | चाणक्य की 10 बातें जो आपका जीवन बदल सकती है

  1. दुनिया (world) में नया क्या है? कुछ भी तो नहीं। दुनिया (world) में क्या पुराना है? कुछ भी तो नहीं। सब कुछ हमेशा से रहा है और हमेशा रहेगा।
  1. अगर आप मेरी सहायता (help) और मार्गदर्शन चाहते हैं, तो मैं तुरंत आपको यह दूंगा।
  1. एक घर को ठोस नींव (base) पर बनाया जाना चाहिए अगर इसे लंबे समय तक टिका रहना है। वही सिद्धांत मनुष्य पर लागू होता है, अन्यथा वह भी नरम जमीन (land) में डूब जाएगा और भ्रम की दुनिया (world) द्वारा निगला जाएगा।
  1. मनुष्य अनुभव के माध्यम से सीखता है और आध्यात्मिक (spiritual) पथ विभिन्न प्रकार के अनुभवों से भरा है। वह कई कठिनाईयों (problems) और बाधाओं का सामना करता है और अंत में सच्चा ज्ञान (knowledge) प्राप्त करता है।
  1. प्रेम (love) का प्रवाह होने दें ताकि वह दुनिया (world) को शुद्ध करे। तभी मनुष्य शांति के साथ रह सकता है, न कि अतीत के जीवन के माध्यम से पैदा हुई अशांति के साथ जो सभी भौतिक हितों और सांसारिक महत्वकांक्षाओं के कारण पैदा हुई थी।
  1. वासना (lust) के आदी रहने वालों के लिए मुक्ति असंभव है।

दोस्तों, आप यह Article Prernadayak पर पढ़ रहे है. कृपया पसंद आने पर Share, Like and Comment अवश्य करे, धन्यवाद!!

https://prernadayak.com/bal-gangadhar-tilak-ke-20-prernadayak-suvichar-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-20-%e0%a4%aa/

20 Amitabh Bachchan Quotes In Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *