अवसर की पहचान - Avsar ki Pehchaan
Hindi Kahani Hindi Story HindiMe India News Internet

अवसर की पहचान – Avsar ki Pehchaan

अवसर की पहचान – Avsar ki Pehchaan

एक बार एक ग्राहक (customer) चित्रो की दुकान पर गया। उसने वहाँ पर अजीब से चित्र देखे। पहले चित्र मे चेहरा पूरी तरह बालो से ढँका हुआ था और पैरोँ मे पंख थे।एक दूसरे चित्र मे सिर पीछे से गंजा था। (Avsar ki Pehchaan)

अवसर (chance) की पहचान

ग्राहक (customer) ने पूछा – यह चित्र किसका है?

दुकानदार ने कहा – अवसर (chance) का।

ग्राहक (customer) ने पूछा – इसका चेहरा बालो से ढका क्यो है?

Parilok Ki Kahani

दुकानदार ने कहा -क्योंकि अक्सर जब अवसर (chance) आता है तो मनुष्य उसे पहचानता नही है।

ग्राहक (customer) ने पूछा – और इसके पैरो मे पंख क्यो है?

दुकानदार ने कहा – वह इसलिये कि यह तुरंत वापस भाग जाता है, यदि इसका उपयोग न हो तो यह तुरंत उड़ जाता है।

ग्राहक (customer) ने पूछा – और यह दूसरे चित्र मे पीछे से गंजा सिर किसका है?

दुकानदार ने कहा – यह भी अवसर (chance) का है। यदि अवसर (chance) को सामने से ही बालो से पकड़ लेँगे तो वह आपका है। अगर आपने उसे थोड़ी देरी से पकड़ने की कोशिश की तो पीछे का गंजा सिर हाथ आयेगा और वो फिसलकर निकल जायेगा। वह ग्राहक (customer) इन चित्रो का रहस्य जानकर हैरान था पर अब वह बात समझ चुका था।

Pari ki Kahani

दोस्तो,

आपने कई बार दूसरो को ये कहते हुए सुना होगा या खुद भी कहा होगा कि ‘हमे अवसर (chance) ही नही मिला’ लेकिन ये अपनी जिम्मेदारी से भागने और अपनी गलती को छुपाने का बस एक बहाना है।

Real मे भगवान ने हमे ढेरो अवसरो के बीच जन्म दिया है। अवसर (chance) हमेशा हमारे सामने से आते जाते रहते है पर हम उसे पहचान नही पाते या पहचानने मे देर कर देते है।

और कई बार हम सिर्फ इसलिये चूक जाते है क्योकि हम बड़े अवसर (chance) के ताक मे रहते हैं। पर अवसर (chance) बड़ा या छोटा नही होता है। हमे हर अवसर (chance) का भरपूर उपयोग करना चाहिये।

दोस्तों, आप यह Article Prernadayak पर पढ़ रहे है. कृपया पसंद आने पर Share, Like and Comment अवश्य करे, धन्यवाद!!

विक्रम बेताल पच्चीसी – कौन सी राजकुमारी सबसे कोमल है?

बादशाह की दाढ़ी – एक ज्ञानवर्धक कहानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *