हर अच्छे काम में सहायता करो – Bhagwan Ram ki Kahani
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हर अच्छे काम में सहायता करो – Bhagwan Ram ki Kahani

हर अच्छे काम में सहायता करो – Bhagwan Ram ki Kahani

लंका तक पहुँचने के लिए भगवान राम सागर में पुल बँधवा रहे थे। भालू-बन्दर बड़े-बड़े पत्थर उठा कर समुद्र में डाल रहे थे। तभी भगवान की दृष्टि पड़ी एक छोटी-सी गिलहरी पर। वह बालू पर लोटती थी। तब उसके शरीर पर बालू के कुछ कण चिपक जाते थे। फिर वह उन चिपके हुए कणों को समुद्र में गिरा देती थी। वह लगातार इस काम को किये जा रही थी। (Bhagwan Ram ki Kahani)

भगवान उसके पास गये, प्यार से उसे हाथों में उठा लिया, फिर बोले-“यह तुम क्या कर रही हो?” गिलहरी बोली- “बन्दर-भालू तो बड़े-बड़े पत्थरों से पुल बाँध रहे हैं। मैं छोटी-सी गिलहरी ऐसा तो नहीं कर सकती। हाँ, जितना बन पड़ रहा है मुझसे, उतना कर रही हूँ। आप एक अच्छे काम के लिए निकले हैं। अच्छे काम में सहायता करनी ही चाहिए।”

भगवान राम गिलहरी की बातों से बहत प्रसन्न हए। उन्होंने प्यार से उसके शरीर पर हाथ फेरा। कहा जाता है कि गिलहरी के शरीर पर जो धारियाँ दिखायी पड़ती हैं, वे भगवान राम की उँगलियों के निशान है।

बच्चो, ऐसा कभी मत सोचना कि तुम छोटे हो, इसलिए कुछ नहीं कर सकते। किसी भी अच्छे काम के लिए जितना और जैसा भी तुम कर सकते हो, वह तुम्हें अवश्य करना चाहिए। हाँ, जो-कुछ करो, मन लगा कर करो, हिम्मत से करो।

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