Chandrayaan 2 Facts in Hindi | चंद्रयान 2 से जुड़े 50 रोचक तथ्य
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Chandrayaan 2 Facts in Hindi | चंद्रयान 2 से जुड़े 50 रोचक तथ्य

Chandrayaan 2 Facts in Hindi | चंद्रयान 2 से जुड़े 50 रोचक तथ्य

Chandrayaan 2 Facts in Hindi

इसरो (ISRO) का चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) भारत और देशवासियों (deshwasiyo) के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारतीय वैज्ञानिक (indian scientists) इस मिशन के माध्यम से चंद्रमा की सतह पर जीवन (life) से जुड़ी अहम जानकारियों का पता लगाएंगे। साथ ही चंद्रयान 2 को रोवर (rover) प्रज्ञान ऐसे कणों की खोज करेगा, जो कि धरती (planet) पर दुर्लभ हैं।

आज (today) हम आपको चंद्रयान 2 से जुड़े ऐसे तथ्यों (Chandrayaan 2 Facts in Hindi) के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको आप भी नहीं जानते होंगे। Chandrayaan 2 Facts in Hindi:

चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) भारत और भारतीय स्पेस एजेंसी (indian space agency) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) का महत्वकांक्षी मिशन (mission) है।

भारतीय वैज्ञानिकों (indian scientists) ने चंद्रयान 2 को चंद्रमा तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत (hard work) की है, जिसका फल (result) अब देखने को मिल रहा है। आज चंद्रयान 2 चांद की कक्षा में प्रवेश (enter) कर चुका है। चंद्रमा (moon) पर उतरने में करीब 18 दिन रह गए हैं। यह अनुमान (estimate) लगाया जा रहा है कि 6 से लेकर 7 सितंबर के बीच चंद्रयान 2 चांद की सतह पर लैंड (land) करेगा।

वैज्ञानिक चंद्रयान 2 के माध्यम से चंद्रमा (moon) की सतह की जरूरी जानकारी को इक्ट्ठा (collect) करेंगे। Chandrayaan 2: मिशन चांद्रयान 2 पर इसरो चीफ (ISRO chief) की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- पहला टेस्ट पास, इस दिन होगी कड़ी चुनौती|

2 सितंबर को चंद्रयान 2 से लैंडर विक्रम (lander vikram) अलग हो जाएगा और 6 या 7 को रोवर (rover) प्रज्ञान चांद की सॉफ्ट सतह पर लैंड (land) करेगा। यदि यह लैंडिंग होती है, तो भारत (india) ऐसा कारनामा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस (russia) और चीन ने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग (soft landing) की थी।

हम आपको चंद्रयान 2 से जुड़े ऐसे तथ्यों (Chandrayaan 2 Facts) की जानकारी देने जा रहे हैं, जिसकी जानकारी शायद ही आपको होगी। तो चलिए जानते हैं (lets know) इसके बारे में…….. चंद्रयान 2 के रोचक तथ्य (Chandrayaan 2 Facts in hindi)

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चंद्रयान 2 से जुड़े 50 रोचक तथ्य

  1. चंद्रयान 2 को 2011 में सबसे पहले रूस (russia) के मुख्य लैंडर और रोवर के साथ चंद्रमा (moon) पर भेजा जाना था। लेकिन किसी कारणवश रूस (russia) ने इस लॉन्चिंग को शुरू करने से मना (stop) कर दिया था।
  2. इसरो (ISRO) के वैज्ञानिक चंद्रयान 2 को चांद की छाया वाली जगह (south pole – दक्षिण ध्रुव) के रहस्य को जानने के लिए भेजा है। यह संभावनाएं (possibilities) जताई जा रही हैं कि इस क्षेत्र में पानी (water) मिल सकता है।
  3. चांद का दक्षिण ध्रूव (south pole) एक बड़ा इलाका है, जो कि अधिकतर समय छाया (shadow) में रहता है और साथ ही शांत (calm) भी है। चंद्रयान 2 इस क्षेत्र पर इंसान के जीवन से जुड़ी अहम जानकारियों (important information) का पता लगाएगा। साथ ही पानी की मौजूदगी और खाद्य पदार्थ (eating products) की खोज करेगा।
  4. इसरो (ISRO) ने चंद्रयान 2 से पहले चंद्रयान 1 को लॉन्च किया था। चंद्रयान 1 ने चंद्रमा (moon) पर पानी होने की जानकारी दी थी। वहीं, यह भारत (india) के लिए बड़ी उपलब्धि थी।
  5. भारतीय एजेंसी (indian agency) ने चंद्रयान 2 के साथ 13 पेलोड भेजे हैं, जिसमें स्पेक्ट्रोमीटर, कैमरे (camera), राडार के साथ कई अन्य आधुनिक उपकरण शामिल हैं।
  6. चंद्रयान 2 का प्रज्ञान रोवर 1m/s की गणना (counting) के साथ आगे बढ़ेगा। यह रोवर चंद्रमा (moon) की सतह पर मौजूद कैमिकल की जांच करेगा और इसको विक्रम लैंडर (vikram lander) तक पहुंचाएगा। इसके बाद लैंडर विक्रम यह जानकारी पृथ्वी (earth) तक पहुंचाएगा।
  7. इसरो के वैज्ञानिकों (ISRO scientists) का मानना है कि इस समय चंद्रमा पर हीलियम गेस (helium gas) की मात्रा अधिक है। यदि 1 टन हीलियम गेस को धरती (earth) पर लाया जाता है, तो इसकी कीमत करीब 1 अरब डॉलर (1 billion dollars) हो सकती है। वहीं, चंद्रयान 2 में5 लाख टन तक हीलियम गेस (helium gas) को लाया जा सकता है।
  8. चंद्रयान 2 के लैंडर का नाम भारत (india) के दिग्गज और लोकप्रिय वैज्ञानिक विक्रम साराभाई (vikram sarabhai) के नाम पर रखा है।
  9. Chandrayaan 2 में अमेरिका (america) के पेलोड को रखा गया है। यह चंद्रमा से लेकर पृथ्वी (earth) की दूरी की जानकारी हासिल करेगा।
  10. चंद्रयान 2 को बनाने में 1000 करोड़ रुपए का खर्च (spend) आया है। (Chandrayaan 2 Facts in Hindi)

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Chandrayaan 2 Facts in Hindi

  1. चंद्रयान 2 को एक उपनाम (nickname) दिया गया है ‘’ बाहुबली’’। यही बाहुबली Launch Rocket के अन्‍दर है।
  2. चंद्रयान 2 यह पहला अंतरिक्ष (space) कार्य है, जिसमें चंद्रमा (moon) के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में किसी Space Machine की Soft Landing होनी है।
  3. इसके सतह का भू-भाग चांद (moon) के उत्तर ध्रुवीय इलाके से कहीं ज्यादा बड़ा (bigger) है और यह भाग हमेशा छाए में रहता है।
  4. चंद्रयान 2 को चंद्रमा (moon) के दक्षिण ध्रुव क्षेत्र में भेजने का कारण यह है कि चंद्रमा (moon) यह हिस्‍सा छाया से छिपा रहता है।
  5. चंद्रमा (moon) के दक्षिणी धुव्र में बड़ा Creator बहुत ही शांत है, इसलिए चंद्रयान 2 का मिशन यह है कि वह उस Creator को अच्छी तरह से जांच (check) सके और पता लगा सके कि मानव के लिए कोई जीवन (life) मौजूद है या नहीं।
  6. 2008-09 में इसरो (ISRO) ने चंद्रयान-1 का प्रक्षेपण किया था, जिसका budget 350 करोड़ रूपए था। मतलब नासा (NASA) के बजट से 8-9 गुणा कम था। चंद्रयान-1 ने ही चाँद (moon) पर पानी की खोज की थी।
  7. 11 साल पहले भेजे गए चंद्रयान;1 ने चंद्रमा (moon) पर 3500 के आसपास परिचालित किया था और इसने 29 अगस्त 2009 से fast speed से 212 दिनों तक अप्रभावित काम करना जारी (continue) रखा।
  8. भारत (india) का अंतरिक्ष विभाग ISRO , पहले भारत के परमाणु विभाग (atomic department) का ही एक भाग हुआ करता था लेकिन अंतरिक्ष विभाग (atomic department) का काम बहुत ज्यादा होने के कारण साल 1969 में इससे एक अलग संस्थान (association) बना दिया गया,जिसका नाम था ISRO।
  9. चंद्रयान;2 का weight लगभग 3850 किलोग्राम है।
  10. कुछ horriblechallenges Rover को -180 से +130 डिग्री का तापमान (temperature) सहना होगा। साथ ही चंद्रयान 2 की चांद की कक्षा में प्रवेश (entry) दिलाना  बेहद जटिल है, थोडा भी चुके तो चंद्रयान 2 शुन्‍य में गुम (lost) हो जाऐगा। (Chandrayaan 2 Facts in Hindi)

चंद्रयान 2 से जुड़े रोचक तथ्य

  1. जैसा कि पूरी दुनिया (world) के वैज्ञानिकों को मालुम है कि इसरो बहुत ही कम बजट (less budget) में कार्य करता है, इसरो (ISRO) के अनुसार चंद्रयान 2 मिशन (mission) में लगभग, 1000 करोड़ रुपए का खर्च आया हैं।
  2. 603 करोड़ रूपए मिशन (mission) की लागत, 375 करोंड़ प्रक्षेपण की कीमत (value) है।
  3. 120 संगठन ने हाथ मिलाया है, भारत (india) को यह उपलब्धि दिलाने में।
  4. अमेरिका, रूस, चीन के बाद भारत (india) चौथा देश होगा जो चांद पर लैंडर से उतारेगा। साथ ही पूरी दुनिया (world) का पहला देश होगा भारत जो चांद (moon) के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा।
  5. Candrayaan-2 को सबसे पहले 2011 में Russian Main Lander और Rover के साथ चाँद (moon) पर भेजा जाना था, लेकिन रूस (russia) ने कुछ ही समय बाद इस मिशन के लिए अपना Rover इस्तेमाल करने से मना कर दिया। इसका प्रमुख कारण (main reason) यह था कि वह नहीं चाहता था कि भारत जैसा देश उसकी बराबरी करे।
  6. Russian Main Lander और Rover के मना करने के बाद इसरों के वैज्ञानिक (ISRO scientists) ने अपना स्‍वंय का Main Lander और Rover बनाया और चंद्रयान 2 को चंद्रमा तक पहुंचने में मदद (help) की।
  7. Candrayaan-2 मिशन का सबसे बड़ा काम यह है कि चंद्रमा (moon) पर पानी की मात्रा कितनी है, चंद्रमा (moon) पर खनिज सामग्री क्या है और वे कौन सी चीजें हैं जो इंसान (human life) के लिए लाभदायक हो सकती है।
  8. पृथ्वी के लिए चंद्रमा (moon) ब्रह्मांड का निकटतम पिंड है, जिसके आधार पर अंतरिक्ष की खोज (search) और उसे सहेजने की कोशिश की जा सकती है।
  9. भारत के चंद्रयान 2 से पहले किसी भी देश ने चंद्रमा (moon) के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र की खोजबीन की कोशिश (try) ही नहीं की है। केवल भारत (india) ही है जिसने चंद्रयान 2 की साहयता से चंद्रमा (moon) के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र की खोजबीन (research) करेगा।
  10. पूर्व के ISRO Chief, G Madhavan Nair ने कहा है कि, “चंद्रयान 2 इसरो के अबतक के सभी अभियानों में सबसे ज्यादा जटिल कार्य (difficult work ever) होने वाला है। (Chandrayaan 2 Facts in Hindi)

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Chandrayaan 2 Facts

  1. वैज्ञानिक दृष्टिकोण (scientific view) से यह चंद्रयान-1 द्वारा जुटाए गए डाटा (data) की पुष्टि करने का Followup Mission है। यह युवा वैज्ञानिक (young scientists) समूहों के लिए बहुत बड़ा Motivator साबित होने जा रहा है।
  2. Chandrayaan 2 Indian Space Research Organization ‘’ISRO’’ का Moon Mission है।
  3. चंद्रयान 2 में एक Orbiter, एक Lander जिसका नाम Vikram है और एक Rover प्रज्ञान को शामिल किया गया हैं।
  4. विक्रम (vikram) का अर्थ होता है साहसी या वीरता। Lander का नाम Indian space program के जनक और भारत के महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई (vikram sarabhai) के नाम पर रखा गया है।
  5. GSLV Mark-3 भारत (india) का अब तक का सबसे शक्तिशाली Space Launcher है और चंद्रयान 2 को उसके निर्धारित Orbiter तक लेकर जा रहा है।
  6. चंद्रयान 2 में Orbiter का जिवन काल एक वर्ष (1 year) है और साथ ही एक मीटर लंबे Rover की संभावित Age One Lunar Day यानी धरती के 14 दिनों के बराबर है।
  7. Spacecraft Lander विक्रम की जाँच के लिए इसरो (ISRO) ने बेंगलुरु के अपने चल्लाकेरे Science city में चंद्रमा (moon) की सतह की तरह का एक परीक्षण (testing place) स्थल का निर्माण किया था।
  8. Spacecraft Lander विक्रम की जाँच के लिए इसरो (ISRO) की जमीन तैयार करने के लिए उसकी मिट्टी तमिलनाडु (Tamilnadu) में सलेम के पास के कुछ खास जगहों से जुटाई थी।
  9. भारत के साथ ही कई Agencies के भू-वैज्ञानिकों ने पाया था कि ‘North Side’ की चट्टानें संरचना और विशेषताओं में चंद्रमा की मिट्टी (moon sand) से काफी मिलती-जुलती हैं।
  10. चंद्रयान 2 में 14 Indian Payloads या अध्ययन उपकरण (instrument) हैं, जिससे चंद्रमा के Topography, cismography, खनीजों की पहचान और उनका वितरण और उसकी सतह (layer) की रासायणिक संरचनाओं की अध्ययन (research) की जा सकेगी। (Chandrayaan 2 Facts in Hindi)

चंद्रयान 2 रोचक तथ्य

  1. इसरो (ISOR) के अनुसार चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई की रात51 बजे होनी थी, लेकिन 15 जुलाई को लॉन्चिंग से 56 मिनट पहले स्पेसक्राफ्ट (space craft) में कुछ तकनीकी खराबी पाई गई थी। जिसके कारण लॉन्चिंग (launching) कारण टाल दी गई थी। लेकिन इसरो के वैज्ञानिकों (scientists) ने केवल एक हफ्ते के अंदर सभी तकनीकी खामियों (technical faults) को ठीक कर लिया है।
  2. चंद्रयान 2 की तकनीकी खामियों (technical faults) को ठीक करने के बाद में चंद्रयान 2 को 22 जुलाई को दोपहर 2:43 पर श्रीहरिकोटा (Shri Harikota) के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च (launch) होगा।
  3. इसरो चंद्रयान 2 को पहले अक्टूबर 2018 में launch करने वाला था। बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 3 january और फिर 31 जनवरी कर दी गई। बाद में अन्य reasons से इसे 15 जुलाई तक टाल दिया गया। इस दौरान changes की वजह से चंद्रयान 2 का भार भी पहले से बढ़ गया। ऐसे में जीएसएलवी मार्क-3 में भी कुछ changes किए गए थे।
  4. लैंडर और रोवर चांद (moon) पर एक दिन (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) काम करेंगे। लैंडर (lander) यह जांचेगा कि चांद (moon) पर भूकंप आते हैं या नहीं। जबकि, रोवर चांद (moon) की सतह पर खनिज तत्वों की मौजूदगी का पता लगाएगा।
  5. चंद्रयान 2 के लॉन्चिंग के बाद चांद (moon) के दक्षिणी ध्रुव पर के लैंड (land) करने में करीब 2 महीने का वक्त लगेगा।
  6. चंद्रयान 2 के सफल होने के बाद करीब 55 दिन में चंद्रयान 2 के 6 सितंबर को चांद (moon) की सतह पर उतरने की संभावना है।
  7. Chandrayaan 2 मिशन सफल हुआ तो अमेरिका (america), रूस, चीन के बाद भारत चांद पर रोवर उतारने वाला चौथा देश होगा।
  8. चंद्रयान 2 से पहले चंद्रयान-1 का सफल प्रक्षेपण (successful launch) किया जा चुका है। जिसे 22 अक्टूबर 2008 को लॉन्च किया गया था, लेकिन तब भारत (india) ने चांद पर क्रैश लैंडिंग कराई थी जिसे हार्ड लैंडिंग (hard landing) भी कहा जाता है।
  9. Chandrayaan 2 करीब 7:30 मिनट पर ऑस्‍ट्रेलिया (Australia) के ऊपर से गुजरा और लोगों ने समझ लिया कि उनके देश से एलियन (alien) गुजर रहे हैं। जी हां, ऑस्‍ट्रेलिया के लोगों ने चंद्रयान 2 को यूएफओ (UFO) समझ लिया था।
  10. चंद्रयान 2 की सफलता (success) के बाद अब सन् 2022 में भारत का मिशन Gaganaya का प्रक्षेपण होगा और पहली बार भारत moon पर एक Human Mission का प्रक्षेपण करेगा। (Chandrayaan 2 Facts in Hindi)

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