Chudail Ki Kahani Hindi
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Chudail Ki Kahani Hindi: डरावनी चुड़ैल की कहानी हिंदी में

Chudail Ki Kahani Hindi: डरावनी चुड़ैल की कहानी हिंदी में

Chudail Ki Kahani Hindi : अमावस्या की काली और सुनसान रात (night) में नागिन की तरह लहराती चलती (चुड़ैल की कहानी (kahani) हिंदी में) हवाएँ; प्रिंस के ह्रदय में हजारो शंकाये उत्पन्न करने के लिए काफी थी. तो चलिए शुरू करते हैं एक एक से बढ़कर एक रोमाँचक और डरावनी चुड़ैल की कहानी (kahani)।

यह उस समय की कहानी (kahani) हैं जब भारत अंग्रेजो का गुलाम था. पुरे भारत में अंग्रेजो का शासन चलता था. अंग्रेज अफसर और सिपाही लोगो का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से खूब शोषण करते थे .

आंध्रप्रदेश के गांव (Village) में एक किसान रहता था, जिसकी सुनैना नाम की एक बेटी थी. वह खेतो में अपने पिता के साथ मिलकर सभी काम किया करती थी.

सुनैना दिखने के साथ-साथ दिल से भी बहुत खूबसूरत थी. उसकी प्रशंसा गांव (Village) के सभी लोग करते थे. एक दिन सुनैना अपने खेत में अकेले फसल काट रही थी.

उसके पिताजी किसी काम से दूसरे गांव (Village) में गए थे तभी वहा कुछ अंग्रेज आ धमके और अकेला देखा वे उसके साथ छेड़खानी करने लगे.

सुनैना ने विरोध किया और जोर-जोर से सहायता हेतु चिल्लाने लगी लेकिन उसकी आवाज सुनने वाला वहा कोई भी नहीं था. उन चारों दरिंदों ने मिल कर सुनैना के साथ सबसे नीच कार्य कर दिया; उसका बालात हर लिया और उसको उसकी हाल पर वही छोड़ दिया. Chudail Ki Kahani Hindi.

शर्म के कारण पास बह रही नदी में सुनैना ने छलांग लगा दी और उसने आत्महत्या कर लिया. पुरे गाँव में शोक की लहर फ़ैल गयी. लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई की उन अंग्रेजो को कुछ कह भी सके सजा देना तो दूर.

कुछ समय पश्चात् एक अंग्रेज का शव जंगल (jungle) में पड़ा मिला. अंग्रेज अफसरों में तहलका मच गया. अंग्रेजो ने खोज-बिन शुरू की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला.

ऐसे ही दो तीन दिन बाद एक और अंग्रेज सिपाही की दर्दनाक मौत गयी तथा उसका शव नदी किनारे एक वृक्ष से लटका मिली. उसकी दोनों आँखे फोड़ दी गयी थी.

लगातार दो अंग्रेज सिपाहियों के मृत्यु ने लन्दन में बैठे राजदरबार के लोग भी घबरा गए तथा स्तरीय जाँच बैठा दी गयी. लेकिन उसका भी कोई परिणाम नहीं मिला अभी जाँच चल ही रही थी की उस रात (night) एक और सिपाही का शव नाले में पड़ा मिला. Chudail Ki Kahani hindi.

तीन-तीन अंग्रेज की हत्या होने के बाद उन सभी में एक बात की खोज होने लगी जिससे पता चला की वो तीनो एक साथ उस गाँव में ही ड्यूटी कर रहे थे. तो जो चौथा अंग्रेज सिपाही था. जिसने उन सबके साथ मिलकर उस लड़की (girl) का बलात्कार किया था. उसका brain घुमा वो दौड़ा-दौड़ा भागा और सीधे अपने उच्च अधिकारीयों के पास गया और सारा कहानी (kahani) कह सुनाया.

उसके अंग्रेज अधिकारी उस पर हसने लगे की जो खुद मर गया वो दुसरो को कैसे मरेगा. ये इंडियंस मुर्ख और पिछड़े हैं इसीलिए हमारे गुलाम हैं. तुम भी उनके जैसा ही मुर्ख बन रहे हो. भूत, प्रेतात्मा चुड़ैल कुछ नहीं होता हैं.

लेकिन वह बलात्कारी अंग्रेज को शक हो गया और उसे बहुत डर लगने लगा. वह समझ गया था की सुनैना मुझे भी नहीं छोड़ेगी. अब मैं ही अंतिम सिपाही बचा हूँ. बाकी सभी बलात्कार करने वाले अंग्रेज मर चुके हैं. अब उसका अगला शिकार मैं ही हूँ.

भारत में रहते हुवे उस अंग्रेज ने कईं साधू बाबा की कहानियाँ सुन रखा था जो बुरी आत्मा और भुत प्रेत से बचाते हैं. वह जंगल (jungle) में निवास करने वाले एक साधू बाबा  गया तथा उसने अपनी समस्या बताई लेकिन  बताया  बलात्कार किया हैं.

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Chudail Ki Kahani – साधु बाबा का गुस्सा

साधू बाबा बड़े सिद्ध पुरुष थे उन्होंने उस अंग्रेज सिपाही की आँखों में देखकर सब बात जान गए और कहा -‘की ये दुष्ट तूने बहुत ही बड़ा अपराध किया हैं. उसके बाद भी झूठ बोलता हैं. तेरे अपराध का कोई समाधान नहीं हैं. तुझे अपने कर्मो का फल अवश्य मिलेगा.’

साधू बाबा के इन बातो से वह अंग्रेज सिपाही और घबरा गया तथा उसने इंग्लैंड जाने का निर्णय कर लिया. वह दुबारा भागा-भागा अपने उच्च अंग्रेज अधिकारी के पास गया और उसको वापस इंग्लैंड ट्रांसफर करने का विनती करने लगा.

उस बड़े अंग्रेज अधिकारी ने कहा- ‘ठीक हैं ! मैं तुमको इंग्लैंड जाने का पत्र दे दूँगा लेकिन तुम्हे उसके लिए मुझे 50 सोने के सिक्के घुस में देने होंगे. वैसे भी तुमने आस-पास के गांव (Village) वालो से बहुत पैसा लुटा हैं और हम सब से चोरी कर के रख हैं सब रखते हैं।

इंग्लैंड वापस जाने के लिए अंग्रेज सिपाही ने अपने लूट की संपत्ति से, 50 सोने के सिक्के अपने से उच्च अंग्रेज अधिकारी को घुस दिया और उसी दिन इंग्लैंड के लिए रवाना हो गया. Chudail Ki Kahani.

सुनैना के गांव (Village) में सभी लोग दबी जुबान से इन्ही सभी हत्याओं का चर्चा कर रहे थे और सभी मन ही मन खुश थे. वे जानते थे की सुनैना की आत्मा भटक रही हैं.

भूत बन कर घूम रही हैं, लेकिन उसके पिताजी ने उसके आत्मा के शांति का पूजा (pooja) नहीं करा रहे थे क्युकी वो चाहते थे की सुनैना पहले अपने अंतिम अपराधी का भी खून पि कर अपनी तृप्ति करे. उसके साथ हुवे दुष्कर्म का बदला ले. उसके बाद फिर आत्मा की शांति का पूजा (pooja) कराएँगे.

Chudail Ki Kahani In Hindi – इंग्लैंड में लिया अपना बदला

इधर वह अंग्रेज अपने देश जाने के लिए पानी (water) वाली जहाज में बैठ चुका था. अब वह खुश था की वह बच गया. कुछ दिनों में वह अपने घर चला गया और शराब मांस पीकर-खाकर चैन से रहने लगा एक दिन वो शाम को ऐसे ही पार्टी करके घर आया और थक जाने के कारन खूब गहरी नींद (sleep) में चैन से सो गया. लेकिन नियती ने शायद उसके भाग्य में कुछ और ही लिखा था. Chudail Ki Kahani hindi.

आधी रात (night) होते ही उस अंग्रेज सिपाही को लगा की उसके छाती पर कोई चढ़ कर बैठा हैं. पहले तो उसे लगा की उसने दारु ज्यादा पि ली इसीलिए उसे ऐसा लग रहा हैं; लेकिन जैसे ही उसने आँख खोली तो उसके होशहवास सब उड़ गए।

अपने सीने पर बैठे भयानक चुड़ैल को देखा तो उसकी आँखे फटी-की-फ़टी रह गयी. उसको विस्वास नहीं हुआ ऐसा कैसे हो सकता हैं भारत का भूत यहाँ इंग्लैंड में कैसे आ गया.

उसके बाद चुड़ैल ने पूरी ताकत से अपना दोनों हाथ उसके छाती में घुसा दिया. उसका सीना फाड़ते हुवे सुनैना ने उसका हृदय उसके शरीर से नोच कर बाहर निकाल दिया. वह अंतिम बलात्कारी अंग्रेज अपने बिस्तर पर पड़ा पड़ा तड़पता हुआ मर गया.

उसके मरने के बाद मानो चुड़ैल के चेहरे पर भी शांति के भाव दिखने लगे उस चुड़ैल के आँखों से भी अपने अतीत को याद कर आँशु आ गए. उसने अपने माता-पिता को याद किया और मुक्ति की कामना की. Chudail Ki Kahani.

गाँव में सभी सुनैना की आत्मा की मुक्ति दिलाने के लिए पूजा (pooja) कराने का पल पल इन्तजार कर रहे थे. उसी रात (night) सुनैना अपने पिता के सपने में आयी और उसने बताया की मैंने बदला ले लिया हैं.

अब मुझे शांति और मुक्ति चाहिए। उसके पिताजी सुबह होते ही जंगल (jungle) में साधु बाबा के पास गए और उनसे सारी कहानी (kahani) कह सुनाया.

जंगल (jungle) में रहने वाले साधू बाबा पहले से ही सारे घटना क्रम पर नजर बनाये हुए थे. उन्होंने विद्वान् ब्राह्मणों को निमंत्रण दिया और अपने दिशा-निर्देश में सुनैना के आत्मा की शांति के लिए पूजा (pooja)-पाठ संपन्न कराया.

अंत में हवन हुआ पुरे गांव (Village) के लोग सम्मिलित हुवे तथा नम आँखों से सुनैना को हमेशा-हमेशा के लिए इस मृत्यु लोक से विदा किया. Chudail Ki Kahani.

हसीन चुड़ैल की कहानी – story of Beautiful Witch

प्राचीन समय की बात हैं एक ब्राह्मण राजकुमार (Prince) शिकार खेलते-खेलते अपने सैनिको से अलग हो गए तथा रास्ता भटक कर जंगल (jungle) के बीचों बिच पहुँच गए. जब उन्हें यह एहसास हुआ की वो भटक चुके हैं, तबतक बहुत देर हो चुकी थी तथा वो जंगल (jungle) के बहुत अंदर तक प्रवेश कर चुके थे.

भाग-दौड़ की वजह से उनको प्यास लगी उन्होंने पहले अपनी प्यास बुझाने के लिए अगल-बगल में नदी या तालाब खोजने लगे. खोजते-खोजते उनको एक तालाब मिला उन्होंने अपने घोड़े को तलाब के किनारे पेड़ में बांध कर तलाब में पानी (water) पिने चले गए.

उसी पेड़ पर अपने शक्ति से सैकड़ो सालो से एक चुड़ैल रहती थी. वह इस राजकुमार (Prince) के रूप को देखकर मोहित हो गयी. राजकुमार (Prince) के पहनावे और शरीर के पहनावे को देखकर उसने अंदाजा लगा ही लिया की यह जरूर किसी उच्च खानदान के राजा के घर का हैं. Chudail Ki Kahani.

चुड़ैल ने सोचा की कई वर्षो से मैं प्यासी हूँ; ना ही किसी मनुष्य का खून मिल पाया हैं और ना ही पुरुष का साथ मिल पाया हैं. मुझे जंगल (jungle) को अब छोड़ कर अपने शिकार की तरफ चलना चाहिए क्युकी वर्षों की प्यास अब बुझाने का समय आ गया हैं.  Chudail Ki Kahani Hindi.

चुड़ैल ने राजकुमार (Prince) को मोहित करने के लिए स्वर्ग के अप्सराओं जैसा अपना रूप बना लिया तथा उसी पेड़ के निचे खड़ी होकर राजकुमार (Prince) के पानी (water) पीकर वापस आने का इंतजार करने लगी.

तलाब शीतल जल से अपना प्यास बुझाने के बाद राजकुमार (Prince) वापस उसी पेड़ के पास आये जहा उन्होंने अपने घोड़े को बाँध रखा था. 

Chudail Ki Kahani

अपने घोड़े के पास पहुँचते हैं तो देखते हैं की एक बला की खूबसूरत स्त्री वही पेड़ के निचे खड़ी हैं. उसके शरीर से मादक खुशबु चारो तरफ फ़ैल रही हैं. ब्राह्मण पुत्र उसकी सुंदरता देखकर अपना सूझबूझ खोने लगे.

बड़ी मुश्किल से उन्होंने अपने आप को नियंत्रित किया तथा पूँछा – ‘आप कौन हो और यहाँ खूंखार जानवरो से भरे इस बिच जंगल (jungle) में क्या कर रही हैं ?

उस स्त्री ने कहा -“हे राजकुमार (Prince)! मैं तुमपर मोहित हूँ तथा मैं स्वर्ग की अप्सरा हूँ; तुमसे विवाह करना चाहती हूँ. हम दोनों से उत्पन्न होने वाला पुत्र इस पुरे पृथ्वी पर राज करेगा.

यही नियती हैं और इसी नियती के तहत मैं तुमपर मोहित हो रही हूँ. मेरी विनती स्वीकार करो और विधि को, नियती को सम्पूर्ण कर मुझे मुक्ति प्रदान करो.”

वह राजकुमार (Prince) चुड़ैल के माया में तो पहले ही थोड़ा आकर्षित हो चुके थे. अब धर्म की चुकनी-चुपड़ी बातो और उसके चेहरे के तेज को देखकर राजकुमार (Prince) को विस्वास हो गया.

अतीत में भी तो ऐसा कई बार हो चुका हैं क्या पता विधाता ने मुझे इस कार्य हेतु चुना हो ऐसा विचार करते हुवे उन्होंने ख़ुशी-ख़ुशी उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया.

चुड़ैल की शादी राजकुमार के साथ – Chudail ki Shaadi

तभी राजकुमार (Prince) को खोजते-खोजते उनकी पूरी पल्टन वहा आ पहुँची. राजकुमार (Prince) का सेनापति राजकुमार (Prince) के निकट आकर उनका कुशल मंगल पूछा और पीछे छूट जाने की क्षमा याचना माँगने लगा.

राजकुमार (Prince) साहब तो पहले से ही प्रसन्न थे उन्होंने कहा कोई बात नहीं और उन्होंने सारा कहानी (kahani) बताया और तुरंत उस देवी को ले जाने के लिए पालकी के निर्माण का आज्ञा दिया. सैनिको ने टहनियाँ काट कर आनन्-फानन में पालकी बनाया. Chudail Ki Kahani

राजा उस स्त्री रूपी चुड़ैल को लेकर वापस आ गए. राजमहल पहुँच कर उन्होंने सारी कहानी (kahani) अपने माता पिता को सुनाई. पिताजी को पहली बार शक हुआ लेकिन उस मायावी चुड़ैल के प्रभाव से सब मोह जाल में फंस गए और उसके स्वागत में जुट गए.

बड़े धूम-धाम के साथ विवाह संपन्न हुआ. भव्य आयोजन हुआ पुरे नगर में भोजन कराया गया; खूब दान-उपदान किया गया. राजकुमार (Prince) और रानी भी भोजन कर अपने कमरे में चले आये. कमरे में आते ही राजकुमार (Prince) ने उस स्त्री को अपनी बाँहो में भर लिया.

चुड़ैल ने सोचा की अभी इसके गर्दन से खून को पीकर अपना प्यास बुझा लेती हूँ; लेकिन फिर उसने सोचा की नहीं राजकुमार (Prince) को धीरे-धीरे मारूँगी नहीं तो मेरा पोल खुल सकता हैं.

चुड़ैल की कहानी में उसका पहला शिकार  – Chudail ka Pahla Shikar

ऐसा सोचकर वह भी एक पत्नी की तरह पूरी आत्मीय भाव से राजकुमार (Prince) को गले लगा लीया. ताकि उन्हें थोड़ा सा भी शक न हो. फिर उसने राजकुमार (Prince) के कान में कहा की मैं शरबत लेकर आती हूँ. भोजन करने के बाद शीतल शरबत पीना चाहिए.

तबतक आप बिस्तर पर बैठिये. यह कह कर वह चुड़ैल राजकुमार (Prince) के बांहो  से अपने आपको अलग किया और शरबत लाने चली गयी.

कुछ ही समय में वह हाथ में शरबत लिए कमरे में प्रवेश किया और कमरे को अंदर से बंद कर लिया. सुबह हुई राजकुमार (Prince) अति प्रसन्न थे. रोज की तरह वह अपने पिताजी के साथ राजकार्य में हाथ बटाने लगे. इधर उस चुड़ैल को हर तरफ इंसानी खून की महक आ रही थी और उसकी प्यास बढ़ती जा रही थी.

वह राजमहल में अपने शिकार को निशाने पर लेने लगी. राजमहल में नौकर-चाकर,अधिकारी आदि लोगो की कमी नहीं थी. चुड़ैल ने सोचा यदि होशियारी से रहूँ तो मैं लम्बे समय तक आसानी से खून पि सकती हूँ और अपनी ताकत और बढ़ा सकती हूँ.

वह आज रात (night) को ही अपना पहला शिकार करना चाहती थी. रात (night) हुई राजकुमार (Prince) को उसने शरबत पीला कर अपने जादू से गहरी नींद (sleep) में सुला दिया. जब राजकुमार (Prince) निर्भेद होकर सो गए तब वह अपने असली रूप में आ गयी तथा गायब होकर महल में घूमने लगी और किसी हिष्ट-पुष्ट सैनिक को अकेले में खोजने लगी.

तभी महल में एक कोने में छिप कर एक सोता हुआ सैनिक उसे दिख गया. प्यासी चुड़ैल पुरे तेजी से उसके पास पहुँची और पल भर में उस सैनिक के हाथ को अपने मुँह में डाला कर उसके शरीर के सारा खून चूस लिया. वह सैनिक चिल्ला भी नहीं पाया और वही मर गया.

Chudail Waali Kahani

चुड़ैल को कुछ तृप्ति मिली. अब वह अपने कमरे में वापस पहले जैसा रूपवती रूप बनाकर राजकुमार (Prince) के बगल में लेट गयी। राजकुमार (Prince) जादुई शरबत के नशे में चूर होकर गहरी नींद (sleep) में सो रहे थे. उन्हें चुड़ैल के किसी भी क्रियाकलाप पर कोई शक नहीं हुआ.

सुबह होते ही सैनिक के शव को देखकर पुरे महल में हड़कंप मच गया. राजा ने तुरंत अधिकारीयों को मृत्यु का पता लगाने का जिम्मा सौपा. लेकिन कोई भी सबूत हाथ नहीं लगा.

इस घटना को बीते कुछ हो गए इधर राजकुमार (Prince) का शरीर भी धीरे-धीरे सुख रहा था वो कमजोर हो रहे थे.

उस चुड़ैल ने उन्हें पूरी तरह अपने वश में कर लिया था. राजकुमार (Prince) ने राजा के कार्य में हाथ बटाना भी छोड़ दिया था. वह हमेशा उस चुड़ैल के साथ रहना चाहते थे.

आज फिर रात (night) हुई चुड़ैल ने आजकी रात (night) फिर से जादुई शरबत पीला कर राजकुमार (Prince) को गहरी नींद (sleep) में सुला दिया. Chudail Ki Kahani hindi.

अपने असली रूप में आकर महल में चारो तरफ अपने शिकार को खोजने लगी. तभी उसे रसोइया सोया हुआ दिखा. ठीक उसी तरह वह रसोइये के पास पहुँची  हाथ उठा कर उसका सारा खून पल भर में ही पि लिया रसोइया सोया का सोया ही रह गया.

फिर उस चुड़ैल ने अपना रूप बदल कर राजकुमार (Prince) के पास सो गयी. सुबह हुई एक बार फिर पूरा राजमहल दहल उठा. राजा ने तुरंत राजगुरु (Guru) को बुलाने का आदेश दिया.

सेनापति रथ लेकर राजगुरु (Guru) के आश्रम में  उनको लाने चले गए. शाम तक सेनापति राजगुरु (Guru) के साथ राजमहल में उपस्थित हुवे राजा ने उनका चरण स्पर्श कर स्वागत किया और उनसे सारी कहानी (kahani) कह सुनाई.

Chudail Ki Kahani – राजगुरु ने किया चुड़ैल को कैद

राजगुरु (Guru) ने रसोइया के शव को देखते ही सारी कहानी (kahani) समझ गए तथा उन्होंने बिना देरी किये मिट्टी से भरे हुवे मिट्टी का घड़ा मंगाया. तथा उस घड़े को अपने हाथ में लेकर मन्त्र पढ़ने लगे और उसमे से मिटटी निकाल कर पुरे महल में घुम-घूमकर फेकने लगे.

मन्त्र कम्पन्न से उस चुड़ैल के देह में बेचैनी होने लगी. वह गायब होकर राजगुरु (Guru) को मारने के लिए दौड़ी. लेकिन जैसे ही वह राजगुरु (Guru) के पास आयी तो उनको आभाष हो गया. उन्होंने मन्त्र पढ़ते हुवे मिटटी को उसके ऊपर फेक दिया।

उस सिद्ध चमत्कारी मिटटी की वजह से वह राजगुरु (Guru) के कैद में आ गयी. उन्होंने तुरंत आदेश दिया की जो मिटटी मैंने अभी फेकि हैं. उनको उठाकर घड़े में डाल दो और एक कपडे से इसका मुँह बंद कर दो.

राजगुरु (Guru) बहुत सिद्ध पुरुष थे. उन्होंने राजकुमार (Prince) का भी इलाज किया और उस मटके को लेकर अपने आश्रम में चले गए. मृत्यु के मुँह से बचे राजकुमार (Prince) को एक बहुत बड़ा सिख मिला की हर खूबसूरत चीज अच्छी नहीं होती हैं.

Chudail Ki Kahani Hindi

अमावस्या की काली और सुनसान रात (night) में नागिन की तरह लहराती चलती (चुड़ैल की कहानी (kahani) हिंदी में) हवाएँ प्रिंस के ह्रदय में हजारो शंकाये उत्पन्न करने के लिए काफी थी. हवा के झोकों से चट-चट की आवाज करती वृक्ष की टहनियाँ उस युवा को डरने पर मजबूर कर रही थी. Chudail Ki Kahani hindi.

यह रास्ता तो उसके लिए आम था. हर रोज वो यही से गुजरता था. कुछ ही दुरी पर उसका गौशाला भी था; लेकिन आज ये रास्ते; ये पेड़ जिनसे उसने कई बार मुस्कुराके बात करने की कोशिश की थी. ये बँसवारी जिसमे उसने ना जाने कितनी बार दाँत साफ़ करने के लिए दातुन को काटा था.

लेकिन आज सब अजीब अजनबी की तरह डरावने प्रतीत हो रहे थे. जिनको देख कर घर होने का एहसास होता था न जाने उस दिन क्यों वो पराये लगने लगे थे.

प्रिंस अभी यह सब विचार कर ही रहा था की आवाज करती एक मोटी सी टहनी अचानक टूट के उसके ठीक पास गिरती हैं. जिससे वो बाल-बाल बच जाता हैं.

हवा इतनी तेज भी नहीं थी की इतना शक्तिशाली और मोटा टहनी को तोड़ सके. उस टहनी के टूटने से प्रिंस के मन की सारी शंकाएँ दूर हो गयी. वह अपनी पूरी शक्ति के साथ वहाँ से दौड़ना शुरू कर दिया. तभी उसे किसी लड़की (girl) के कुटिल हसने की आवाज सुनाई दी.

ऐसा लग रहा था की कोई अपनी जीत पर ख़ुशी से हँस रहा हो; लेकिन इस हँसी ने प्रिंस के दौड़ने की गती को और बढ़ा दिया था और वो सीधे घर पर आकर रुका.

Chudai Ki Kahani – प्यासी चुड़ैल की कहानी हिंदी में – Pyasi Chudail ki Kahani

वह बेचैन हो गया उस रात (night) वह नहीं सो पाया. ऐसा प्रत्यक्ष घटना पहली बार उसके साथ घटी थी. वह हसने की आवाज बार-बार उसके कानो में गूँज रही थी वह परेशान था.

वह सोच रहा था वह वहा अकेला था. दूर-दूर तक कोई नहीं था. फिर भी उस चुड़ैल ने सिर्फ डरा कर ही क्यों छोड़ दिया उसने हमला क्यों नहीं क्या ?

इस बात को प्रिंस ने किसी से नहीं कहा. कुछ समय बीत चुके थे गर्मी का मौसम था. खड़ी दोपहर में ठीक बारह बज रहे थे. गाँव से बहार प्रिंस अपने बगीचे में घूम रहा था. आम के पेड़ों पर आम पकना शुरू हो चूका था। आस-पास कोई भी नहीं था;

तभी अचानक सभी आम अपने-आप गिरने लगे फिर बिन हवा टहनियाँ चटकने लगी; वह बगीचे से निकलकर खेतो की तरफ डर के मारे चिल्लाता हुआ दौड़ने लगा;

उस खड़ी दोपहर में कोई भी खेतो में काम करता नहीं दिखा. तभी उसके brain में आया वहा से कुछ दुरी पर ही एक काली माता का मंदिर बिच खेतो में था;

प्रिंस उसी तरफ दौड़ लगा दिया. लेकिन उसकी समस्या इसी से दूर होने वाली नहीं थी. वह चुड़ैल उसके पीछे-पीछे उड़ती हुई आ रही थी वह बड़ी भयानक दिख रही थी;

उसके खुले हुवे लम्बे-लम्बे बाल हवा में उड़ रहे थे. उसके लम्बे-लम्बे हाथ उसमे बड़ी-बड़ी और धारदार नाख़ून भी निकले हुवे थे;  Chudail Ki Kahani hindi

Chudail Ki Kahani

वह चुड़ैल पुरे तेजी से भयंकर मुस्कान के साथ प्रिंस का खून पिने के लिए उसके पीछे-पीछे उड़ती चली आ रही थी. प्रिंस अपनी पूरी ताकत से दौड़ता हुआ मंदिर में जा पहुँचा; और वो सीधे पुजारी के पास पहुँचा और बिना सांस लिए सबकुछ बता दिया और मदद की गुहार लगाई; 

चुड़ैल प्रिंस का पीछा करते-करते मंदिर के पास पहुँच गयी लेकिन मंदिर में प्रवेश करने की उसकी हिम्मत नहीं हुई; वह क्रोध (anger) से जलने लगी मंदिर के आस-पास जितने पेड़ थे उन सबमे उसने आग लगा दिया;

वह चिल्लाने लगी बाहर आ आज मेरा तेरा खून पि के रहूँगी। मैं बहुत प्यासी हूँ इंसान के खून से ही मुझे तृप्ति मिलेगी;

यदि तू अभी बाहर नहीं आया तो मैं तुझे यही जला के भष्म कर दूंगा। वह अपने माया से अनेक भयानक भयानक रूप बनाने लगी तथा बेचैन होकर इधर-उधर उड़ने लगी और अपने मुँह से आग की ज्वाला निकाल कर सभी पेड़-पौधे जलाने लगी।  Chudail Ki Kahani hindi

अपनी फसलों को जलता देख कर अगल-बगल के सभी किसान पानी (water) लेकर अपने खेत बुझाने दौड़े वो चुड़ैल भी यही चाहती थी की लोग आये और वो उनका खून पि सके। लोगो को बचाने के लिए पुजारी जी ने तुरंत एक उपाय किया।

चुड़ैल का अंत – Chudail ka Ant

पुजारी दौड़ते हुवे मंदिर के गर्भ गृह से लौंग और जल उठा लाये। पुजारी जी ने प्रिंस से कहा की मैंने यह जल मन्त्र से सिद्ध कर दिया हैं, लेकिन उस चुड़ैल को उसकी माया के चलते मै नहीं देख पा रहा हूँ।

और मंदिर की शक्ति के चलते वह इस प्रांगण में प्रवेश नहीं कर सकती हैं तुम यह माँ का प्रसाद स्वरुप लौंग खा लो और इस जल को लेकर इस प्रांगण से बाहर जाओ जैसे ही वो चुड़ैल तुमपर हमला करेगी यह जल उसके ऊपर फेक देना वह वही जल कर भष्म हो जाएगी।

प्रिंस था तो बहुत बहादुर लेकिन इस बार वह सचमुच में डर गया था लेकिन पुजारी जी के हिम्मत देने पर माता काली पर विस्वास कर वह इस खतरनाक खेल को खेलने के लिए तैयार हो गया।

वह लोटे में जल ले लिया और जैसे ही उस मंदिर के प्रांगण से बाहर गया की घात लगाए बैठे उस चुड़ैल ने उसके ऊपर हमला कर दिया।

प्रिंस भी पूरी तैयारी में था उसने जय माता दी कहते हुवे उस पवित्र जल को उसके शरीर पर फेंक दिया। जल पड़ते ही उस चुड़ैल का शरीर जल कर राख हो गया और उसका हमेशा हमेशा के लिए अंत हो गया।

प्रिंस ने एक गहरी साँस ली और वापस आकर माता काली को और पुजारीजी को प्रणाम किया और ख़ुशी-ख़ुशी अपना प्राण लिए घर वापस आ गया।

गीता के प्रभाव से चुड़ैल भागी चुड़ैल की कहानी – Chudail aur Bhagwat Geeta

भगवान् श्री कृष्ण के मुख से निकले गीता के अध्ययन और श्रवण की तो बात ही क्या हैं, गीता को रखने मात्र का भी बड़ा प्रभाव पड़ता हैं ! गीता के इसी प्रभाव को बताने वाला एक लघु कथा पढ़िए – Chudail Ki Kahani hindi.

एक सिपाही था। वह रात (night) के समय कही से अपने घर आ रहा था। रास्ते में उसे चन्द्रमा के प्रकाश में एक वृक्ष के निचे एक सुन्दर महिला दिखी। वह उसके रूप के लालच में उसके निकट चला गया तथा

उसने उस महिला से बातचीत की तो उस महिला ने कहा -‘आओ मेरे पास ?’ सिपाही ने कहा -हाँ, आता हूँ। सिपाही उसके पास गया और उसको अपने साथ चलने को कहा वह महिला, जो वास्तव में चुड़ैल थी, उसके पीछे आ गयी।

अब वह प्रतिदिन रात (night) में उस सिपाही के घरपर आ आती और रात (night) भर उसके साथ सोती, सिपाही का खूब संग करती और सुबह होते ही बिना कुछ बताये न जाने कहा चली जाती।

इस तरह वह उस सिपाही को अपने मोह में लेकर अपने काबू में करके उसका शोषण और दोहन करने लगी अर्थात प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा उसका खून चूसकर उसको कमजोर करने लगी। एक बार रात (night) में वे दोनों लेट गये, पर बत्ती जलती रह गयी तो सिपाही ने उससे कहा की तू बत्ती बंद कर दे।

उसने लेटे-लेटे  हाथ लंबा करके बत्ती बंद कर दी। अब सिपाही को पता लगा की यह कोई सामान्य स्त्री नहीं हैं, यह तो चुड़ैल हैं ! वह बहुत डर गया लेकिन चुड़ैल ने उसके जान से मारने की धमकी दी की अगर तू किसी को भी मेरी असलियत बतायेगा तो मैं तुझे हमेशा के लिए जान से मार डालूँगी।

चुड़ैल भाग गयी Chudail Ki Kahani In Hindi.

इस तरह वह रोज रात (night) में आती और सबेरे चली जाती। सिपाही का शरीर दिन-प्रतिदिन सूखता जा रहा था। लोग उससे पूछते की भैया ! तुम इतने क्यों सूखते जा रहे हो। क्या बात हैं, बताओ तो सही ! परन्तु चुड़ैल के डर के मारे वह किसी को कुछ बताता नहीं था।

दुकानदार ने दवाई की पुड़िया बांधकर दे दी। सिपाही उस पुड़िया को जेब में डालकर घर चला आया। रात (night) के समय में जब वह चुड़ैल आयी, तब वह दूर से  ही खड़े-खड़े बोली की तेरी जेब में जो पुड़िया हैं, उसको निकलकर फेंक दे। Chudail Ki Kahani.

सिपाही को विस्वास हो गया की दवा के इस पुड़िया में जरूर कुछ कारामात हैं, तभी तो आज चुड़ैल मेरे पास नहीं आ रही हैं ! सिपाही  कहा की मैं पुड़िया नहीं फेंकूँगा। चुड़ैल ने बहुत कहा, पर सिपाही ने उसकी बात नहीं मानी।

जब चुड़ैल का उस पर कोई असर नहीं चला, तब वह चली गयी। सिपाही ने जेब से उस दवा की पुड़िया को निकालकर देखा तो उस पर गीताजी का श्लोक लिखा था ! इस तरह गीता का प्रभाव देखकर वह सिपाही हर समय अपनी जेब में गीता रखने लगा। वह चुड़ैल फिर कभी उसके पास नहीं आयी।

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