Citizenship Amendment Act क्या है
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Citizenship Amendment Act क्या है

Citizenship Amendment Act क्या है

नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) 2019 को लेकर देश के कुछ लोग ही हो-हल्ला कर रहे है। देश के नागरिकों को Rights and Constitution के प्रति aware होना जरूरी है, लेकिन किसी भीं reaction से पहले situation की information होना भी जरूरी है।

किसी ख़ास की कोई प्रतिक्रिया में activity को साम्प्रदायिक रंग देना Nationalism नहीं बल्कि राष्ट्रविरोध यानि के देश के साथ धोखा है।

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क्यों पड़ी CAA की जरूरत? Why the need for  Citizenship Amendment Act arose?

सन 1947 में जब धर्म (Religion) के base पर भारत का division हुआ, तब millions of peoples ने धर्म (Religion) के आधार पर देश बदला। बहुत से मुसलमान (Muslim) भारत में ही रह गए और बहुत से Hindu, Sikh, Christian, Zoroastrian, Jain, Buddhist Pakistan में बसे रहे।

भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बल्कि धर्म (Religion) निरपेक्ष देश बना ताकि भारत में रहने वाले minorities खुद को safe समझें और उन्हें equal rights मिलें। भारत ने अपने संविधान (Constitution) में धार्मिक स्वतंत्रता को Fundamental Rights बना दिया।

यही reason है कि division के बाद भारत में बचे 8% मुसलमान (Muslim) आज increase होकर लगभग 14 प्रतिशत (2011 की population counting के अनुसार) हो गए हैं लेकिन Pakistan and Bangladesh में रहने वाले Hindu’s की किस्मत Indian Muslims जैसी न तब थी, न आज है।

Progress, growth और उदारवादी विचारधारा को त्यागकर Pakistan and Bangladesh Islamic Country बन गए और minority’s की life नर्क हो गई।

CAA की संवैधानिकता पर सवाल – Question on constitutionality of CAA

नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) 2019 धर्म (Religion) के आधार पर illegal migrants को उनकी India में घुसपैठ की date से citizenship के लिए प्रावधान करने वाला Law Current Perspective में गैर जरूरी तो है ही लेकिन इस कानून की संवैधानिकता पर भी serious questions उठने naturally है।

इस law के कारण country में ही नहीं foreign में भी ऐसा संदेश जा रहा है मानों कि यह Fundamental right violation करने वाला और India की Respect for all religions की विश्व image को disturb करने वाला है।

कुल मिलकर 6 धाराओं के इस law में धारा 2 से अवैध प्रवासी (illegal migrants) जिसे या घुसपैठिया की definition में clear किया गया है कि 31 December 2014 से पूर्व भारत में प्रवेश करने वाले Afghanistan, Bangladesh and Pakistan के Hindu, Sikh, Buddhist, Jain, Zoroastrian or Christian community के व्यक्तियों को अवैध प्रवासी (illegal migrants) नहीं माना जाएगा।

India में अवैध प्रवासी (illegal migrants) नागरिकता का पात्र नहीं है। लेकिन अब सभी non-muslim migrant’s citizenship के पात्र हो जाएंगे।  

क्या है नागरिकता संशोधन कानून? – What is Citizenship Amendment Act

नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) 2019 में कुल 6 धाराएं हैं। इस अधिनियम में Afghanistan, Bangladesh and Pakistan में इन नागरिकों पर उत्पीड़न तथा refugee होने का कुछ भी mention नहीं है।

Basic Citizenship Act 1955 की धारा 2(1) (ख) में illegal migrants की definition दी गई है, जिसे घुसपैठिया कहा जा सकता है।

धारा 1 में नाम तथा विस्तार के बाद नए नागरिकता अधिनियम की धारा 2 से धारा 2(1) (ख) में परन्तु जोड़कर यह अपवाद जोड़ा गया है कि Afghanistan, Bangladesh and Pakistan के Hindu, Sikh, Buddhist, Jain, Zoroastrian or Christian community के ऐसे व्यक्ति जो 31 December 2014 को या उससे पूर्व India में enter हुआ और Central Government द्वारा Passport and Foreigners Act से छूट दी गई है तो वह illegal migrants नहीं माना जाएगा।

कम हो जाएगी निवास अवधिResidence Period will be Reduced

India की Citizenship हासिल करने के लिए देश में 11 years निवास करने वाले लोग qualify होते हैं. Citizenship Amendment Bill में Afghanistan, Bangladesh and Pakistan के refugee के लिए living time की permission को 11 साल से घटाकर 6 साल करने का provision है.

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अवैध घुसपैठ हो जाएगी वैधIllegal intrusion will be Legal

यद्पि इस law से illegal migrants को legal करने का रास्ता तो open हो ही रहा है फिर भी, इसके लिए भी छूट वाले Rules and order लागू करने होंगे तभी इसका benefit मिलेगा।

नए Citizenship Act की धारा 3 से नई धारा 6ख जोड़ी गई है, जिससे specific person द्वारा apply करने पर Citizenship by naturalization के लिए Certificate related officers द्वारा प्रदान करने का provision किया गया है।

यह धारा North East के अनुसूची-6 और inner line वाले states पर नहीं लागू होगी। नए नागरिकता अधिनियम की धारा 6 से तीसरी अनुसूची में देशीयकरण से नागरिकता की उल्लेखित शर्तों में Afghanistan, Bangladesh and Pakistan के अवैध प्रवासियों के Citizenship act लिए छूट का provision जोड़ा गया है, लेकिन इस छूट के अतिरिक्त other conditions का पालन उन्हें भी citizenship के लिए करना होगा।

यद्पि ऐसे citizens को 11 years India में रहने की condition के place पर 5 years का rule ही follow करना होगा।   

इस Act में कहीं भी Refugee तथा धर्म (Religion) के base पर harassment का उल्लेख नहीं किया गया है।

दोहरी नागरिकता समाप्त करने का प्रावधानProvision to End Dual Citizenship

New Act की धारा 4 से 7 घ नई उपधारा जोड़कर India के कार्ड धारक Foreign Citizen की Dual Citizenship समाप्त करने का provision add किया गया है। यह citizenship 16 countries को NRI Indians को देने का provision है जिन्हें voting right और government Job related rights नहीं मिलते हैं। New Citizenship Act. में धारा 5 से धारा 18(2) उपधारा जोड़कर Registration and naturalization certificate की conditions and process के rules बनाने का provision किया गया है।

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धर्म के आधार पर उत्पीड़न का उल्लेख नहींNo Mention of Harassment on the Basis of Religion 

दोस्तों, इस Act में कहीं भी refugee तथा धर्म (Religion) के base पर mention of harassment नहीं किया गया है, जैसा कि advertise किया जा रहा है। यहां बता दें कि migrants तथा legally India में रह रहे foreigners के लिए पहले से ही citizenship का provision है, जिसके लिए इस Law की requirement ही नहीं है। वैसे भी भी Citizenship प्रदान करना एक regular process है।

इस law से किसी भी व्यक्ति को self Citizenship नहीं मिलेगी बल्कि Afghanistan, Bangladesh and Pakistan का घुसपैठिया बताते हुए उसे apply करना पड़ेगा तथा Citizenship Terms Fulfill करने व उसका Application officers द्वारा accept करने पर ही Citizenship मिलेगी।

इस law से पहले भी long time के Various eligible refugee officials holding visas को Citizenship के लिए चक्कर लगा रहे हें और उन्हें Citizenship नहीं मिल पा रही है। अब इस process में lions of peoples और increase हो जाएंगे।

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इस कानून से 9% से अधिक Hindu population वाले Bangladesh, 2% तथा लगभग 1% हिन्दू population वाले Afghanistan में Hindu’s का उत्पीड़न बढ़ सकता है और वहां के Fundamentalist and separatist लोग उन्हें India जाकर रहने को विवश कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त other countries में हिन्दुओं के प्रति उत्पीड़न व jealous बढ़ने तथा India की धार्मिक सदभाव एवं प्रेम की संस्कृति और छवि पर negative effect पढ़ने की भी संभावनाएं बनी रहेंगी।

Citizenship Amendment Bill – CAB – नागरिकता संशोधन बिल

आइये अब NRC और CAA के बीच के अंतर को जान लेते हैंHow CAA is different from NRC

  1. NRC, में India में घुसने वाले बाहरी घुसपेठियों को बाहर निकालने की बात करता है अर्थात foreigner घुसपेठियों की citizenship छीनना है जबकि Citizenship Amendment Act के माध्यम से foreigner घुसपेठियों को India की Citizenship दी जाएगी.
  2. इस NRC के माध्यम से उन लोगों को India का Citizen माना जायेगा जो कि 24 March, 1971 को या फिर इससे पहले से India के Citizen हैं जबकि Citizenship Amendment Act में उन लोगों को Indian’s की Citizenship दी जाएगी जो कि December 31, 2014 को या इससे पहले India आये थे.
  3. NRC का धर्म (Religion) कोई लेना देना नहीं है which means जो भी foreigner है उसे बाहर जाना होगा, for example: NRC में बंगाली हिन्दू भी foreigner declare किये गये हैं, लेकिन CAA में Muslim’s को छोड़कर अन्य 6 communities के लोगों को Citizenship देने का provision है.
  4. NRC मुख्य रूप से Bangladesh से आने वाले घुसपेठियों को बाहर निकालने के लिए लागू किया गया है जबकि Citizenship Amendment Act में Pakistan, Afghanistan और Bangladesh के अवैध प्रवासियों को citizenship देने के लिए बनाया गया है.
  5. इस NRC को अभी केवल Assam State में लागू किया गया है जबकि CAA के प्रावधान whole country में लागू होंगे.
  6. NRC का विरोध सभी religionके लोग कर रहे हैं जबकि CAA का विरोध मुख्य रूप से Muslim peoples कर रहे हैं. इसका reason यह है कि NRC से सभी धर्मों के लोग effect हुए हैं जबकि CAA से केवल Muslim peoples के foreigners को Indian Citizenship नहीं दी जाएगी.

7. Citizenship Amendment Act कानून को लेकर विवाद क्या है? – What is the Dispute Regarding CAA Law?

Opposition parties का सबसे बड़ा विरोध का कारण यह है कि इसमें खासतौर पर Muslim Community को target बनाया गया है। उनका argument है कि यह संविधान (Constitution) के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है जो equality के rights की बात करता है।

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  1. पूर्वोत्तर के लोगों का क्या है रुख? – What is the Attitude of the People of Northeast?

बता दें कि North East Area में एक बड़े वर्ग का कहना है कि अगर Citizenship Amendment Act. 2019 को लागू किया जाता है तो North East के मूल लोगों के सामने Identity और आजीविका का problem पैदा हो जाएगा।

यहाँ पर यह clear करना बहुत जरूरी है कि नागरिकता (संशोधन) Act., 2019 में यह provision नहीं है कि वर्तमान में India के Citizen Muslim’s को foreigner ठहरा दिया जाये. कुछ लोग यही confusion फैलाकर country के atmosphere को ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं.

नागरिकता कानून 1955 क्या है? – What is Citizenship Law 1955?

Citizenship Act, 1955 का संबंध Indian citizenship acquisition करने और citizenship तय करने के लिए है। भारत के संविधान (Constitution) के साथ ही Citizenship Act, 1955 में भारत की citizenship से संबंधित detailed law है। किसी व्यक्ति को citizenship देने के लिए भारत के संविधान (Constitution) के अनुच्छेद 5 से 11 (पार्ट II) में प्रावधान किए गए हैं।

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नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 क्या था? – What was the Citizenship Amendment Bill, 2016?

Citizenship Law, 1955 में changes के लिए Citizenship Amendment Bill, 2016 पेश किया गया था। यह विधेयक 19 July, 2016 को पेश किया गया था। इसमें India के तीन Neighbor Muslim Countries Afghanistan, Bangladesh and Pakistan से आए Illegal Non-Muslim Migrants को citizenship देने का प्रावधान है।

12 August, 2016 को इसे Joint Parliamentary committee के पास भेजा गया था। कमिटी ने 7 January, 2019 को अपनी report सौंपी। उसके बाद अगले दिन यानी 8 January, 2019 को bill को Loksabha में पास किया गया।

लेकिन उस समय Rajya Sabha में यह विधेयक पेश नहीं हो पाया था। इस विधेयक को winter session में सरकार की ओर से फिर से पेश किया गया।

नागरिकता विधेयक, 2019 फिर से क्यों पेश करना पड़ा? – Why the Citizenship Bill, 2019 had to be Reintroduced?

संसदीय प्रक्रियाओं के rules के मुताबिक, अगर कोई Bill Loksabha में paas हो जाता है लेकिन Rajya Sabha में पास नहीं हो पाता और Loksabha का worktime समाप्त हो जाता है तो वह विधेयक ineffective हो जाता है यानी उसको फिर से दोनों सदनों में pass कराना compulsory होगा।

वहीं Rajya Sabha से related rules अलग है। अगर कोई विधेयक Rajya Sabha में pending हो और Loksabha से पास नहीं हो पाता और Loksabha भंग हो जाती है तो वह bill ineffective means निष्प्रभावी नहीं होता है।

चूंकि यह bill Rajyasabha से पास नहीं हो पाया था और इसी बीच 16वीं Loksabha का work time finish हो गया, इसलिए इस bill को फिर से दोनों सदन में pass कराना पड़ा। President of India के Signature के बाद यह law बन गया।

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अब नए कानून में क्या है प्रावधान? – Now what is the Provision in the New Law?

Citizenship Amendment Law 2019 में Afghanistan, Bangladesh और Pakistan से आए Hindu, Sikh, Buddhist, Jain, Zoroastrian and Christian religions के प्रवासियों के लिए citizenship के rule को easy बनाया गया है।

पहले किसी person को Indian Citizenship हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 11 years यहां रहना compulsory था। इस rule को easy बनाकर citizenship हासिल करने की time limit को एक साल से लेकर six years किया गया है यानी इन three countries के ऊपर उल्लिखित religions के बीते एक से छह years में India आकर बसे लोगों को Citizenship मिल सकेगी।

Easy words में कहा जाए तो भारत के Three Muslim-majority neighboring countries से आए non-muslim migrants को citizenship देने के rule को easy बनाया गया है।

क्या है नागरिकता कानून, क्यों है विवाद, किसे मिलेगा लाभ, जानें हर सवाल का जवाब

नागरिकता संशोधन कानूनCitizenship Amendment Law

Citizenship Amendment Law पर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि Central Government इस पर step back को तैयार नहीं है। Loksabha और Rajyasabha में बिल पास होने के बार Signature of President के साथ ही Citizenship Amendment Act ने कानून की शक्ल ले ली

इस कानून से Afghanistan, Bangladesh and Pakistan के Religious minorities को India की Citizenship मिलने का रास्ता खुल गया है। मगर देशभर में प्रदर्शन जारी है। इसके बावजूद देशवासियों के mind में इस law को लेकर कई सारे questions हैं। यहां हम आपको इससे जुड़े हर question का answer दे रहे हैं.

क्या कहता है कानून  – What Law Says

31 December, 2014 या उससे पहले भारत आने वाले Pakistan, Bangladesh और Afghanistan के छह धर्मों के minority’s को घुसपैठिया नहीं माना जाएगा।

Citizenship Act, 1955 illegal migrant’s को Indian Citizenship प्राप्त करने से ban करता है।

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इसके तहत अवैध प्रवासी वह है: The Illegal Migrant under it is

  • जिसने legal passport या travel documents के बिना India में प्रवेश किया हो।
  • जो अपने specified time limit से अधिक समय तक India में रहता है।
  • इस benefit को देने के लिए Foreign act, 1946 और Passport Act, 1920 के तहत भी छूट देनी होगी ।
  • वर्ष 1920 का अधिनियम foreigners को अपने साथ passport रखने के लिये compulsory करता है।
  • 1946 का अधिनियम India में foreigner’s के आने-जाने को control करता है।

कानून में इन देशों और धर्मों का जिक्रThese Countries and Religions are Mentioned in the Law

  • Afghanistan, Pakistan और Bangladesh के religious minority’s को मिलेगा लाभ।
  • इन देशों के छह धर्म (Religion) के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता खुला। 
  • ये छह धर्म (Religion) हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी (Hindu, Sikh, Buddhist, Jain, Christian and Zoroastrian) हैं।

इन शर्तों को पूरा करना होगाThese Conditions Must be Met

  • जिस date से apply करना है, उससे पहले 12 months से India में रहना होगा।
  • Minimum छह साल India में बिताना जरूरी।

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इन राज्यों में कानून लागू नहींLaw Not Applicable in these States

संविधान (Constitution) की छठी अनुसूची में शामिल State and tribal areas में Citizenship amendment Act लागू नहीं होगा। ये प्रावधान Bengal Eastern Frontier Regulation, 1873 के तहत अधिसूचित ‘inner line’ क्षेत्रों पर भी लागू नहीं होंगे।

  • असम : बोडोलैंड, कारबी आंगलोंग जिला, नार्थ चाछर हिल्स जिला
  • मेघालय : जयंतिया हिल्स, खासी हिल्स और गारो हिल्स जिले
  • मेघालय में सिर्फ Shillong को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में Law लागू नहीं होगा
  • त्रिपुरा के tribal areas
  • मिजोरम, नगालैंड and अरुणाचल प्रदेश

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