Dalai Lama ke 10 Adhyatmik Vichar | दलाई लामा के 10 आध्यात्मिक विचार

Dalai Lama ke 10 Adhyatmik Vichar | दलाई लामा के 10 आध्यात्मिक विचार

  1. हमारे जीवन (life) का उद्देश्य प्रसन्न रहना है।

  1. प्रेम (love) और करुणा आवश्यकताएं हैं, विलासिता नहीं। उनके बिना मानवता (humanity) जीवित नहीं रह सकती।

  1. मेरा धर्म (religion) बहुत सरल है। मेरा धर्म (religion) दयालुता है।

  1. कभी-कभी लोग कुछ कहकर अपनी एक प्रभावशाली (effective) छाप बना देते हैं, और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली (effective) छाप बना देते हैं।

  1. अपनी क्षमताओं (capabilities) को जानकार और उनमे यकीन करके ही हम एक बेहतर विश्व (better world) का निर्माण कर सकते हैं।

  1. हम बाहरी दुनिया (world) में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक कि हम अंदर से शांत (calm from inside) न हों।

  1. धरम स्थलों (religious places) की आवश्यकता नहीं है, न ही जटिल तत्वज्ञान की। मेरा मस्तिष्क (brain) और मेरा ह्रदय मेरे मंदिर (mandir) हैं, मेरा दर्शन दयालुता है।

  1. पुराने मित्र (old friends) छूटते हैं, नए मित्र बनते हैं। यह दिनों की तरह ही है। एक पुराना दिन (old day) बीतता है, एक न्य दिन आता है। महत्वपूर्ण (important) यह है कि हम उसे सार्थक बनाएं: एक सार्थक मित्र (friend or a day) या एक सार्थक दिन।

  1. यह जरुरी है कि हम अपना दृष्टिकोण (view) और ह्रदय जितना संभव हो अच्छा करें। इसी से हमारे और अन्य लोगों के जीवन (life) में, अल्पकाल और दीर्घकाल दोनों में ही खुशियाँ (happiness) आएंगी।

  1. नींद (sleeping) सबसे अच्छा चिंतन है।

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