दिवाली से जुड़े 35 रोचक तथ्य | 35 Diwali Facts in Hindi
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दिवाली से जुड़े 35 रोचक तथ्य | 35 Diwali Facts in Hindi

दिवाली से जुड़े 35 रोचक तथ्य | Diwali Facts in Hindi

प्रत्येक भारतीय के लिए हर वर्ष मनाया जाने वाला दिवाली त्यौहार सभी त्योहारों में सर्वाधिक महत्व रखता है | भारत में दीवाली सदियों से मनाई जा रही है. (Diwali Facts in Hindi)

जाहिर है कि इसके साथ का श्ताव्ब्दियो का इतिहास जुदा हुआ है | खंगाले तो तो इतिहास एवं पुराणो में कई तथ्य मिलते है जिन्होंने विभिन्न मान्यताओ को जन्म दिया |

इन्ही तथ्यों के चलते इसे मनाने के पीछे किसी एक मान्यता को पक्का नही कहा जा सकता है इसलिए आइये इस पावन पर्व पर दीपावली (Diwali) से जुडी पौराणिक और एतेहासिक कथाये आपको बताते है |

श्रीराम आये अयोध्या वापस

धार्मिक ग्रन्थ रामायण ने यह कहा गया है कि जब 14 साल के वनवास के बाद राजा राम , लंका नरेश रावण का वध करके और सीता को रावण के चंगुल से छुड़ाकर जब वापस अयोध्या लौटे थे तो अयोध्या में त्यौहार का वातावरण था|

राम लक्ष्मण और सीता के सकुशल अयोध्या लौटने की खुशी में अयोध्यावासियों ने अयोध्या को असंख्य दीपो से सजाया था | अपने भगवान के आने की खुशी में अयोध्या नगरी दीपो की रोशनी से नहा उठी थी |

नरकासुर का वध

भगवान कृष्ण ने दीपावली से एक दिन पहले नरकासुर का वध किया था | नरकासुर एक दानव था और उसने तीनो लोको को त्रस्त कर रखा था | स्वर्ग के राजा इंद्र को पराजित कर दिया था |

इंद्र इससे परेशान होकर श्रीकृष्ण के पास गये और उन्होंने श्रीकृष्ण से मदद माँगी | श्रीकृष्ण ने नरकासुर को युद्ध के लिए ललकारा और उसे पराजित कर दिया |

वहा से कृष्ण ने 16000 कन्याओं को उसके चंगुल से छुडाया था | इसी कारण बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में दीपावली पर्व मनाया जाता है | (Diwali Facts in Hindi)

माँ लक्ष्मी की उत्पति

क्षीरसागर में देवताओं और असुरो द्वारा समुद्रमंथन किया गया था और दीपावली के दिन ही माँ लक्ष्मी समुद्र मंथन से उत्पन्न हुयी थी |

उत्पति के उपरान्त माँ लक्ष्मी ने सम्पूर्ण जगत को सुख समृधि का वरदान दिया | इसलिए दीपावली पर माँ लक्ष्मी की पूजा की परम्परा है | ऐसी मान्यता है कि सम्पूर्ण श्रुधा से पूजा करने से वे भक्तो पर प्रसन्न होती है |

दानवीर बलि को वरदान

मान्यता है कि वामनावतार में भगवान विष्णु ने दैत्यराज बलि को वरदान दिया था कि प्रतिवर्ष कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से कार्तिक अमावस्या तक तीन दिन समस्त लोको पर उसका (बलि का ) राज रहेगा और पृथ्वीवासी इस दिन दीपोत्सव मनाएंगे एवं दीपदान करेंगे| (Diwali Facts in Hindi)

पांडव लौटे थे हस्तिनापुर

महाभारत के आदिपर्व में उल्लेखित है कि पांडव इसी दिन अज्ञातवास एवं वनवास समाप्त कर हस्तिनापुर लौटे थे| तब प्रजाजनों ने उनके आने की खुशी में दीप्मालिकाओ से नगर को जगमगा दिया था |

श्रीकृष्ण पहली बार गये थे गाये चराने – मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण पहली बार ग्वाल बालो के साथ गाये चराने गये थे | गोकुलवासियो ने सांयकाल उनके लौटने पर दीपमालिकाये जगमगा कर उनका स्वागत किया था |

सम्राट अशोक का विजय अभियान

सम्राट अशोक ने इसी दिन दिग्विजय अभियान शुरू किया था | प्रजाजनों ने दीपमालिकाये जलाकर उनका अभिनन्दन किया था विक्रमादित्य का राज्याभिषेक – उल्लेख है कि इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य का राज्याभिषेक होने तो कही उनके विजय प्राप्त कर लौटने के अवसर पर उनके स्वागत में दीपमालिकाये जलाई गयी थी |

स्वामी दयानन्द सरस्वती का परलोकगमन

आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती , जिन्होंने अनेको सामाजिक कुरीतियों से जनता को सचेत कर वैदिक संस्कृति का पक्ष लिया और समाज में जाग्रति लाने का काम किया , इस महापुरुष की मृत्यु दीपावली के दिन ही हुयी थी |

शंकराचार्य को पुनर्जीवन

चार वेदों के अध्येता ,सनातन धर्म के प्रचारक शंकराचार्य जी के निर्जीव शरीर को जब चिता पर रखा गया था तब सहसा उनके शरीर में इसी दिन पुन: प्राणों का संचार हुआ था |

स्वामी रामतीर्थ का जन्म और महाप्रयाण

वेदों के प्रकांड ज्ञाता और विद्वान स्वामी रामतीर्थ का जन्म इसी दिन पंजाब में हुआ था | जब उनका जमन गृहस्थ जीवन में नही लगा तो वे सन्यासी बन गये | मात्र 33 वर्ष की आयु में उन्होंने भागीरथी नदी में जल समाधि ले ली | (Diwali Facts in Hindi)

Diwali in Punjab – Diwali Facts in Hindi

सिख धर्म में दीवाली Diwali का दिन ख़ास महत्व रखता है और सिख धर्म के लोग इस दिन “बंदी छोड़ दिवस” के रूप में भी मनाते है क्योंकि 1619 में दीवाली के दिन ही सीखो के छठे गुरु हरगोविंद सिंह जी ग्वालियर के किले से आजाद होकर स्वर्ण मन्दिर पहुचे थे | जहांगीर की कैद से रिहा होने की खुशी में भी दीपोत्सव मनाया जाता है |

Diwali in Buddha Dharm

बौद्ध धर्म में गौतम बुद्ध 17 वर्ष बाद इस दिन अनुयायियों के साथ गगृह नगर कपिलवस्तु लौट थे | तब नगरवासियों ने उनके स्वागत में लाखो दीप जलाकर दीपावली Diwali मनाई थी |

महात्मा बुद्ध ने अपने प्रथम प्रवचन के दौरान “अप्पो दीपो भव” का उपदेश देकर दीपावली को नया आयाम दिया |

Diwali in Jain Dharam

जैन धर्म में इस दिन भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के रूप में मनाते है | जैन धर्म के 24वे तीर्थंकर भगवान महावीर ने भी दीपावली के दिन ही बिहार के पावापुरी में अपना शरीर त्यागा था |

महावीर निर्वाण संवत्सर इसके दुसरे दिन से शुरू होता है इसलिए अनेक प्रान्तों में इसे वर्ष के आरम्भ की शुरुवात मानते है | दीपोत्सव का वर्णन प्राचीन जैन ग्रंथो में भी है |

कल्पसूत्र में कहा गया है कि महावीर निर्वाण के साथ जो अंतर्ज्योति बुझ गयी है आओ उसकी क्षतिपूर्ति के लिए बहिर्ज्योती के प्रतीक दीप जलाए | जैन इस दिन निर्वाण दिवस के रूप में मनाते है | (Diwali Facts in Hindi)

Diwali Celebration by Akbar

अकबर के दौर से शुरू हुआ मुगलकालीन दीवाली की शुरुवात – अबुल फजल कृत आईने अकबरी के अनुसार दीपावली बादशाह अकबर का सबसे प्रिय त्यौहार था |

इस दिन किले पर एक विशाल दीपक प्रज्वलित किया जाता था | इसमें दो मन तेल जाता था फिर इसे दीपक से किले एवं महल के दुसरे दीपक जलाए जाते थे | दौलतखाने के सामने के चार गज का “आकाशदीप ” लटकाया जाता था

Suvichar in Hindi

अकबर देते थे ग्वालो को पुरुस्कार

दीपावली के दिन बादशाह अकबर एक विशेष दरबार लगाकर हिन्दू दरबारियों को मुबारकबाद देकर मिठाइया एवं पुरुस्कार प्रदान करते थे |

दीपावली के दुसरे दिन होने वाली “गोवर्धन पूजा ” में भी बादशाह शामिल होते थे | इस दिन वह हिन्दू परिधान पहनते थे और सुंदर सजी हुयी गायो के ग्वालो को पुरुस्कृत भी करते थे |

Diwali clebration by Jahangir

जहांगीर को था दीवाली की आतिशबाजी का शौक

अकबर के वारिस जहांगीर (1605-1627) भी दीपावली को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते थे | इस दिन को वह शुभ मानकर खूब जुआ खेलते थे |

राजमहल एवं रनिवास रंगबिरंगे रोशनियों से सजाये जाते थे | सम्राट जहांगीर रात्रि को अपनी बेगम के साथ आतिशबाजी का आनन्द भी लेते थे | (Diwali Facts in Hindi)

Diwali clebration by Shahjahan

शाहजहा देते थे सेवको को दीवाली का इनाम

शाहजहा (1627-1657) तथा उसके उत्तराधिकारी दाराशिकोह (1657-1658) भी अपनी शान-ओ-शोकत के साथ दीपावली के त्यौहार को मनाया करते थे |

इस मौके पर वह अपने सेवको को इनाम और बख्शीस भी देते थे | रात्रि की रोशनी देखने के लिए शाही सवारी निकलती थी |

Diwali clebration by Aurangzeb

औरंगजेब ने भी कुछ वर्ष मनाई थी दीवाली

सबसे धार्मिक कट्टर औरंगजेब (1658-1707) भी अपने शाषनकाल के शुरुआत के कुछ वर्षो तक दीपावली में शिरकत करता रहा था लेकिन बाद में उसने यह परम्परा तोड़ दी थी | (दिवाली से जुड़े 35 रोचक तथ्य)

Diwali clebration by Shah Alam

शाह आलम ने अपनी पुस्तक में दीवाली के जश्न किया था  बयाँ

शाहआलम द्वितीय (1759 -1806 ) भी बड़ी धूमधाम से दीपावली मनाता था | उसकी स्वयं लिखित पुस्तक “नादिराते शाही ” से पता चलता है कि उसने दीपावली पर्व को अनेक राग रागिनियो से बद्ध किया था |

इस अवसर पर सारे महल की सफाई और रंगाई की जाती थी |दीपावली के दिन राजमहल में हजारो दीप जलाकर रोशनी की जाती थी |

शाही परिवार एकम दरबारी नये नये वस्त्र पहनते थे | अमीर गरीब के सारे भेद भुलाकर परस्पर मूबारकबाद दी जाती थी |

Diwali clebration by Last Mughal King

अंतिम मुगल सम्राट की दीवाली

मुगल सलतनत के अंतिम सम्राट बहादुरशाह जफर भी दीवाली के त्यौहार को जनता के साथ मनाते थे और दीवाली पर होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेते थे |

मुगलों की यह अंतिम दीवाली थी जिसके बाद मुगल सल्तनत का पतन हो गया था और ब्रिटिश राज का आगमन हुआ था |

Diwali of Rajasthan

राजस्थान की दीवाली

वीरभूमि कही जाने वाली राजस्थान की धरती पर शस्त्रों की पूजा करने की परम्परा है | शस्त्रों की घर घर में पूजा होती है और अधिकांश स्थानो पर शस्त्र कौशल का प्रदर्शन भी किया जाता है |

राजस्थान के कुछ भागो में बिल्ली को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है | पूजा के बाद सर्वप्रथम मिठाइयो का प्रसाद बिल्ली को खिलाते है | इस दिन यदि बिल्ली नुकसान भी कर दे तो उसे भगाते मारते भी नही है |

Diwali of Himachal – Diwali Facts in Hindi

हिमाचल की दीवाली

हिमाचल में दीपावली Diwali के एक माह बाद एक ओर दीपावली मनाते है जिसे बुढी दीपावली कहते है | कहा जाता है कि भगवान श्रीराम लंका विज्योप्रांत अयोध्या लौटे तो पुरे देश को खबर हो गयी कि कार्तिक अमावस्या को पुरे देश में दीपावली मनी लेकिन हिमाचलवासियों को एक बाद यह खबर मिली तो वहा एक माह बाद दीपावली मनी इसलिए यहा के अधिकाँश भागो में एक माह बाद बुढी दीपावली मनाने का चलन है |

Diwali of Maharashtra

महाराष्ट्र की दीवाली

महाराष्ट्र में दीपावली Diwali पर लक्ष्मी और गणेश का पूजन तो होता ही है यहा यम पूजा भी प्रसिद्ध है | यमराज की पूजा कर उन्हें दीपदान दिया जाता है | कुछ स्थानों पर दैत्यों के राजा बलि की भी पूजा की जाती है | (Diwali Facts in Hindi)

Diwali of Bengal

प.बंगाल की दीवाली

प.बंगाल का मुख्य पर्व है दुर्गा पूजा | यहा दीपावली पर अधिकाँश घरो में महाकाली की पूजा होती है | इस दिन बंगाल की युवतिया रात को दीप जलाकर नदी में प्रवाहित करती है |

मान्यता है कि जिसका दीप तैरते हुए जलता रहेगा जबकि उसका तेल खत्म न हो जाए , उस युवती को उस वर्ष सुख शान्ति और समृधि मिलगी |

Diwali of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश की दीवाली

मध्यप्रदेश में दीवाली पूजा से पूर्व महिलाये घर को सजाती संवारती है तथा खुद भी सजती संवरती है | यहा भी राजा बलि की पूजा होती है |

Diwali of Gujarat

गुजरात की दीवाली

लक्ष्मी पूजा के साथ शक्ति पूजा गुजरात में दीपावली पर होती है | इस दिन गुजरात में नमक खरीदना और बेचना शुभ माना जाता है | यहा महिलाये कच्चे घड़े ,आटे और चावल से घर को सजाती है |

अनमोल वचन

Diwali of Uttar Pradesh – Diwali Facts in Hindi

उत्तर प्रदेश की दीवाली

उत्तर प्रदेश में Diwali दीपावली वैदिक रीती रिवाज से मनाई जाती है | यहा इस दिन मन्दिरों को विशेष रूप से सजाते है |

यहाँ भे शस्त्र पूजा होती है | लक्ष्मी गणेश के अलावा हनुमान ,राम श्री कृष्ण की भी पूजा होती है |उतरांचल में महिलाये घरो में रंगोली सजाती है |

Diwali of Karnataka

कर्नाटक की दीवाली

कर्नाटक में लोग लक्ष्मीपूजा के साथ धरती पूजा भी करते है | धरती पूजा वे नई फसल के आने की खुशी में करते है | इस दिन यहा शरीर पर उबटन मल कर स्नान करते है | उबटन के दौरान नरकासुर वध की कथा कही और सूनी जाती है |

Diwali of Goa

गोवा की दीवाली

गोवा में दीपावली का त्यौहार नरक चौदस से शूरू होता है| यहा पर घरो को कंदील ,आम के पत्तो और दियो से सजाया जाता है | यहा के लोग पोहा और अलग अलग मिठाइयो से इस उत्सव को मनाते है|

Diwali of Sri Lanka

श्रीलंका में दीपावली Diwali राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है | घरो को दीपकों एवं रंगीन रोशनी से सजाते है | रात्रि को आतिशबाजी करते है | (Diwali Facts in Hindi)

Diwali of Nepal

नेपाल में तो भारत की थर की दीपावली मनाते है | इस पर्व को वहा तिहर कहते है |

Diwali of Mauritius

मॉरिसश में दीवाली Diwali के दिन घी के दीपक जलाने की परम्परा है | यह कार्य अविवाहित या नवविवाहित युवतिया करती है | यहा भी दीवाली राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाते है |

Diwali of Mayanmar

म्यांमार में दीपावली के दिन तैमीच नामक त्यौहार मनाया जाता है | इस दिन बौद्ध लोग मथो में जाकर महात्मा बुद्ध की पूजा करते है | वहा लोग इसे बुद्ध का अवतरण दिवस मनाते है | (Diwali Facts in Hindi)

Diwali of Australia

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के अनेको लोग रहते है और साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लोग भी सभी एक जगह इकट्ठे होकर Federation square नामक स्थान पर दीवाली मनाते है | पिछले वर्ष तो यहा 50 हजार से भी ज्यादा लोगो ने दीवाली की उपस्थिति दर्ज की थी |

Diwali of Fiji – Diwali Facts in Hindi

फीजी में दीपावली को पब्लिक हॉलिडे रखा जाता है और विभिन्न धर्मो के लोग हिन्दुओ के साथ मिलकर यहा दीवाली मनाते है | 1970 में फिजी के आजाद होने के बाद इसे प्रतिवर्ष मनाया जाता है | (Diwali Facts in Hindi)

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