भारतीय इतिहास में सबसे बड़े झूठ कौन से हैं Indian History
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भारतीय इतिहास में सबसे बड़े झूठ कौन से हैं? | Indian History

भारतीय इतिहास में सबसे बड़े झूठ कौन से हैं? | Indian History

Indian History – भारतीय इतिहास में एक झूठ या कहूं कि एक मान्यता चलती है कि भारतीय राजा (raja) विदेशी आक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ असफल रहे जो की एक निरा झूठ हैं लोग सिर्फ़ 18 वीं और 19 वीं सदी के जागीरों के राजाओं के लिए ऐसा कह सकते हैं जब अंग्रेज़ कब्ज़ा कर रहे थे लेकिन तब भी लड़ने को एक औरत आगे आईं थीं – रानी लक्ष्मी बाई ।

▶ जब सिकंदर ने भारतीय सीमा पर आक्रमण (attack) किया तो वहां पुरू ने उसका सामना किया और आगे सिकंदर को भयंकर विरोध देखना पड़ा और वह थक हार कर वापस चला गया ।

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▶ वहीं मौर्यों ने इंडो ग्रीक राजाओं को पराजित कर कब्जे (control) में रखा और आज के बलूचिस्तान से भी आगे तक सीमा फैला दी थी । चन्द्रगुप्त ने सिकंदर के सेनापति सेलूकस निकेटर को हराया था ।

▶ उज्जैन के राजा विक्रमादित्य की कहानी (story) तो हम सबने सुनी है और आप विक्रम संवत् से भी परिचित होंगे । राजा विक्रमादित्य ने शकों को सफलतापूर्वक रोका था ।

▶ हम सातवहानो के बारे में जानते हैं जिन्होंने पश्चिमी सीमा (western border) पर शक पश्चिमी सत्रपों राजाओं से लड़ाई लड़ी । (Indian History)

नोट- हमें यहां यह याद रखना चाहिए कि 5 वी सदी आते आते भारतीय धर्म और कल्चर (culture) ने इन सब विदेशियों को जीत लिया था और ये सब भारतीय संस्कृति सभ्यता में घुल मिल गए ।

▶ इनके बाद मुस्लिम आक्रमणकारी सीमाओं (border) पर आये तब मेवाड़ के राजा बप्पा रावल ने सिंध के मुस्लिम राजाओं से सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ी ।

▶ और सिलसिला जारी रहा चौहानों तक और फिर एक जयचंद पैदा हुआ और कुछ दुश्मनों (enemies) के इरादे सफल हुए लेकिन विरोध खत्म नहीं हुआ और जारी रहा राजपूत राजा (raja) उत्तर में विरोध करते रहे लेकिन एकाएक जयचंद पैदा होते रहे और अपनों की पीठों में छुरा घोंपते रहे ।

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▶ इसी विरोध में महाराणा प्रताप जैसा सूरज उदय (rise) हुआ जिसने विरोध को एक उदाहरण बनाया और जो आज़ादी की ललक जगाई।

▶ 17 वी सदी (century) आते आते हम देखते हैं कि मुस्लिम भारतीय भूमि में रम गए थे ।

▶ फिर शिवाजी महाराज, बाजीराव जैसे योद्धा जन्मे (born) जिन्होंने स्वराज का संकल्प लिया और अगर आप देखोगे तो पाओगे की 18 वी सदी के मध्य में मराठा वापस सीमाओं को जीत (win) चुके थे और वो ही मुगल शासकों को तय कर रहे थे।

▶ फिर आए व्यापारी (businessman) जो जिनका तरीका और उद्देश्य दोनों ही अब तक आए विदेशियों से अलग था और उन्होंने मराठों के कमजोर होते ही पूरे देश पर कब्ज़ा (control) कर लिया ।

▶ व्यापारियों की नीति सफल (success) हुई और उन्होंने राजाओं के विरोध के गुण को ही खत्म कर दिया । (Indian History)

और अब सिर्फ छोटी छोटी रियासत थी और नाम के राजा (king) जो अपना धर्म और कर्म भूल चुके थे और भारत ने देखा पश्चिमी दुनिया को और भारत का आज के युग में स्वागत (welcome) किया – पूर्ण गुलामी ने।

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