कबीर के दोहे | Kabir Ke Dohe
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कबीर के दोहे | Kabir Ke Dohe

कबीर के दोहे | Kabir Ke Dohe

Kabir Ke Dohe – कबीर दास, एक रहस्यवादी कवि और Bharat के महान संत, का जन्म year 1440 में हुआ था और वर्ष 1518 में देहांत (death) हो गया था। इस्लाम (Islam) के अनुसार कबीर का अर्थ महान (great) होता है। Kabir Panth एक विशाल धार्मिक समुदाय है जो संत (Sant) मत के संप्रदाय के प्रवर्तक के रूप में कबीर की पहचान करता है।

Kabir Panth के सदस्यों को कबीर पंथियों के रूप में जाना (known) जाता है, जिन्होंने पूरे उत्तर और मध्य भारत India) में विस्तार किया था। कबीर दास के कुछ महान लेखन (great written) बीजक, कबीर ग्रंथावली, सखी, अनुराग सागर ग्रन्थि इत्यादि हैं। कबीर के दोहे (Kabir ke Dohe) काफी प्रसिद्ध हैं. इसलिए हमने कुछ top 100 Sant Kabir Ke Dohe with meaning in Hindi आपके लिए collect किये हैं.

स्पष्ट रूप से उनके जन्म के माता-पिता (parents) के बारे में नहीं पता है, लेकिन यह ध्यान दिया जाता है कि वे मुस्लिम (muslim) बुनकरों के बहुत गरीब परिवार द्वारा बड़े (grow) हुए हैं। वह बहुत ही आध्यात्मिक व्यक्ति (spiritual person) थे और एक महान साधु बने। उन्हें अपनी प्रभावशाली (effective) परंपराओं और संस्कृति के कारण दुनिया भर में प्रसिद्धि (famous) मिली।

यह माना जाता है कि उन्होंने बचपन (childhood) में अपने गुरु रामानंद नाम के गुरु से आध्यात्मिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। एक दिन, वह गुरु रामानंद (Guru Ramanand) के जाने-माने शिष्य बन गए।

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About Sant Kabir Das Life | संत कबीर दस की जीवनी

एक महान रहस्यवादी कवि, Kabir Das , भारतीय में Top Spiritual Poets में से एक हैं । उन्होंने लोगों के life को बढ़ावा देने के लिए अपने दार्शनिक विचार दिए हैं। Bhagwan और karm में एक वास्तविक Dharam के रूप में उनकी पवित्रता के दर्शन ने लोगों के मन को अच्छाई की ओर change कर दिया है। भगवान के प्रति उनका love और भक्ति (bhakti) Muslim Sufi और Hindu Bhakti दोनों की अवधारणा को पूरा करती है।

Friends, आइये देखते हैं कुछ ज्ञानवर्धक Sant Kabir Ke Dohe (Dohas of Kabir Das in Hindi). Kabir Das Ke Dohe PDF में भी download कर सकते है.

Kabir ke Dohe – कबीर दास के दोहे (1-10)

Sant Kabir ke Doha | Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

कबीर कूता राम (Ram) का…, मुटिया मेरा नाऊ |

गले राम (Ram) की जेवड़ी…, जित खींचे तित जाऊं ||

– Kabir Kutta Ram ka.. Mutiya Mera Nao.

Gale Ram Ki Jewadi.. Jit Khinche Tit Jao.

Hindi Meaning: कबीर राम (Ram) (Ram) के लिए काम करता है जैसे कुत्ता अपने मालिक के लिए काम करता है। राम (Ram) का नाम मोती है जो कबीर के पास है। उसने राम (Ram) की जंजीर को अपनी गर्दन से बांधा है और वह वहाँ जाता है जहाँ राम (Ram) उसे ले जाता है।

कामी क्रोधी लालचीइनसे भक्ति (bhakti) ना होए |

भक्ति (bhakti) करे कोई सूरमाजाती वरण कुल खोय ||

– Kami krodhi Lalchi. Inse Bhakti na Hoye.

Bhakti Kare Koi Surma. Jaato Varan Kull Khoye.

Doha Meaning: आप कामुक सुख, क्रोध या लालच के आदमी से किस तरह की भक्ति (bhakti) की उम्मीद कर सकते हैं? वह बहादुर व्यक्ति जो अपने परिवार और जाति (caste) को पीछे छोड़ता है, वह सच्चा भक्त (bhakt) हो सकता है।

बैद मुआ रोगी मुआ… , मुआ सकल संसार |

एक कबीरा ना मुआ… , जेहि के राम (Ram) आधार ||

Doha Meaning in Hindi: एक चिकित्सक (doctor) को मरना है, एक रोगी को मरना है। कबीर की मृत्यु नहीं हुई क्योंकि उन्होंने स्वयं को राम (Ram) को अर्पित कर दिया था जो कि सर्वव्यापी चेतना है।

प्रेम न बड़ी उपजी… , प्रेम न हाट बिकाय |

राजा प्रजा जोही रुचे… , शीश दी ले जाय ||

– Prem na Badi Upaji. Prem Na Hat Bikaye.

Raja Praja Johi Ruche. Sheesh Di Le Jaaye.

Doha Meaning in Hindi: कोई भी खेत में प्यार (love) की फसल नहीं काट सकता। कोई बाज़ार में प्रेम नहीं खरीद सकता। वह जो भी प्यार (love) पसंद करता है, वह एक राजा (king) या एक आम आदमी हो सकता है, उसे अपना सिर पेश (head present) करना चाहिए और प्रेमी बनने के योग्य (capable) बनना चाहिए।

प्रेम प्याला जो पिए… , शीश दक्षिणा दे |

लोभी शीश न दे सके… , नाम प्रेम का ले ||

Doha Meaning in Hindi: जो प्रेम का प्याला पीना (Drink) चाहता है, उसे अपने सिर को चढ़ाकर उसका भुगतान payment) करना चाहिए। एक लालची आदमी अपने सिर की प्रस्तुत (present) नहीं कर सकता है । वह केवल प्यार (love) के बारे में बात करता है।

दया भाव ह्रदय नहीं… , ज्ञान थके बेहद |

ते नर नरक ही जायेंगे… , सुनी सुनी साखी शब्द ||

Doha Meaning in Hindi: उनके दिल (heart) में कोई दया नहीं है। ज्ञान प्राप्त करने के श्रम के कारण (reason) वे थक गए हैं। वे निश्चित रूप से नरक (hell) में जाएंगे क्योंकि वे कुछ और नहीं बल्कि शुष्क शब्दों (rough words) को जानते हैं।

जहा काम तहा नाम नहीं… , जहा नाम नहीं वहा काम |

दोनों कभू नहीं मिले… , रवि रजनी इक धाम ||

Jaha Kaam taha Naam Nahi. Jaha Naam Nahi Waha Kaam…………….

ono Kabhu Nahi Mile. Ravi Rajni ik Dhaam

Doha Meaning in Hindi: वह जो भगवान (Bhagwan) को याद करता है वह कोई कामुक सुख नहीं जानता है। वह जो भगवान (Bhagwan) को याद नहीं करता है वह कामुक सुखों का आनंद लेता है। भगवान (Bhagwan) और कामुक सुख एकजुट नहीं हुए क्योंकि सूर्य और रात (day and night) का कोई मिलन नहीं हो सकता।

ऊँचे पानी ना टिके… , नीचे ही ठहराय |

नीचा हो सो भारी पी… , ऊँचा प्यासा जाय ||

Doha Meaning in Hindi: पानी नीचे बहता है। और यह हवा (air) में लटका नहीं रहा। जो लोग जमीनी हकीकत जानते हैं वे पानी (water) का आनंद लेते हैं, जो हवा में तैर (swim) रहे हैं वे नहीं कर सकते।

जब ही नाम हिरदय धर्यो… , भयो पाप का नाश |

मानो चिनगी अग्नि की… , परी पुरानी घास ||

Doha Meaning in Hindi: एक बार जब आप भगवान (Bhagwan) को याद करते हैं तो यह सभी पापों का विनाश करता है। यह सूखी घास (dry grass) के ढेर से संपर्क करने वाली आग की चिंगारी की तरह है।

सुख सागर का शील है… , कोई न पावे थाह |

शब्द बिना साधू नहीं… , द्रव्य बिना नहीं शाह ||

– Sukh Sagar ka Sheel Hai. Koi na Pawe Thaah.

Shabd Bina Sadhu Nahi. Dravya Bina Nahi Shaah.

Doha Meaning in Hindi: विनम्रता आनंद (enjoy) का असीम सागर है। कोई भी राजनीति (politics) की गहराई को नहीं जान सकता। जैसा कि बिना पैसे वाला व्यक्ति (poor) अमीर नहीं हो सकता, एक व्यक्ति विनम्र हुए बिना अच्छा (good) नहीं हो सकता।

Sant Kabir Das ke Dohe – कबीर दास के दोहे (11-20)

Kabir Ke Dohe with meaning | Sant Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

फल कारन सेवा करे… , करे ना मन से काम |

कहे कबीर सेवक नहीं… , चाहे चौगुना दाम ||

Hindi Meaning: वह भगवान (Bhagwan) की सेवा के लिए कुछ नहीं कर रहा है। वह जो कुछ भी करता है उसके बदले (in exchange) में चार गुना उम्मीद करता है। वह भगवान का भक्त (bhakt) नहीं है।

कबीरा यह तन जात है… , सके तो ठौर लगा |

कई सेवा कर साधू की… , कई गोविन्द गुण गा ||

Doha Meaning in Hindi: Kabir कहते हैं कि हमारा यह शरीर मृत्यु के करीब (near) पहुंच रहा है। हमें कुछ सार्थक करना चाहिए। हमें अच्छे लोगों (good peoples) की सेवा करनी चाहिए। हमें भगवान के गुण को याद (remember) रखना चाहिए।

सोना सज्जन साधू जन… , टूट जुड़े सौ बार |

दुर्जन कुम्भ कुम्हार के… , एइके ढाका दरार ||

– Sona Sajjan Sadhu Jan. Tut Jude So Baar.

Durjan Kumbh Kumhaar ke. Ikke Dhaka Daraar.

Doha Meaning: अच्छे लोगों (good peoples) को फिर से अच्छा होने में समय नहीं लगेगा, भले ही उन्हें दूर (away) करने के लिए कुछ किया जाए। वे सोने (gold) के जैसे हैं और सोना लचीला है और भंगुर नहीं है। लेकिन दुर्जन व्यक्ति (stupid person) कुम्हार द्वारा बनाया गया मिट्टी का बर्तन जैसा होता है जो भंगुर होता है और एक बार टूट (break) जाने पर वह हमेशा के लिए टूट (break) जाता है।

जग में बैरी कोई नहीं… , जो मन शीतल होय |

यह आपा तो डाल दे… , दया करे सब कोए ||

अगर हमारा दिमाग (brain) शांत है तो दुनिया में कोई दुश्मन नहीं हैं। अगर हमारे पास अहंकार (attitude) नहीं है तो सभी हमारे लिए दयालु हैं।

प्रेमभाव एक चाहिए… , भेष अनेक बनाय |

चाहे घर में वास कर… , चाहे बन को जाए ||

Meaning in Hindi: आप घर (home) पर रह सकते हैं या आप जंगल (jungle) जा सकते हैं। यदि आप ईश्वर से जुड़े रहना चाहते हैं, तो आपके दिल में प्यार (love in the heart) होना चाहिए।

साधू सती और सुरमा… , इनकी बात अगाढ़ |

आशा छोड़े देह की… , तन की अनथक साध ||

– Sadhu Sati aur Soorma. Inki Baat Aggad.

Asha Chode Deh Ki. Tann ki Anthak Saadh.

Doha Meaning in Hindi: एक अच्छा व्यक्ति (good person), एक महिला जो अपने पति की चिता पर जलती (burn) है और एक बहादुर आदमी – इनकी बात ही और है। वे अपने शरीर (body) के साथ क्या होता है, इससे चिंतित नहीं हैं।

हरी सांगत शीतल भय… , मिति मोह की ताप |

निशिवासर सुख निधि… , लाहा अन्न प्रगत आप्प ||

Doha Meaning: जो भगवान (Bhagwan) को महसूस करते हैं वे शांत हो जाते हैं। उन्होंने अपनी गर्मी को खत्म finish) कर दिया। वे दिन-रात आनंदित होते हैं।

आवत गारी एक है… , उलटन होए अनेक |

कह कबीर नहीं उलटिए… , वही एक की एक ||

Doha Meaning in Hindi: अगर कोई हमें अपशब्द (bad words) कहता है, तो हम गाली के कई शब्द वापस देते हैं। Kabir कहते हैं कि हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। गाली का एक शब्द (word) एक ही रहने दो।

उज्जवल पहरे कापड़ा… , पान सुपारी खाय |

एक हरी के नाम बिन… , बंधा यमपुर जाय ||

Doha Meaning in Hindi: Clothes बहुत प्रभावशाली हैं, मुंह पान सुपारी से भरा (filled) है। लेकिन क्या आप नरक (hell) से बचना चाहते हैं तो आपको भगवान (Bhagwan) को याद करना चाहिए।

अवगुण कहू शराब का… , आपा अहमक होय |

मानुष से पशुआ भय… , दाम गाँठ से खोये ||

Kabir ka Doha Meaning: शराब लेने पर एक व्यक्ति (person) अपना संतुलन खो देता है। वह जानवर (animal) बन जाता है और अपने पैसे खर्च करता है।

Kabir Das ke Dohe – संत कबीर के दोहे (21-30)

Kabir Das Ke Dohe with meaning in Hindi | Sant Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

Sant Kabir के सभी दोहे बहुत ही ज्ञानवर्द्धक और महत्वपूर्ण हैं. और ये Sant Kabir Ke Dohe हमें ईश्वर/अल्लाह का मार्ग दिखाकर हमारी विचार प्रक्रिया को अत्यधिक प्रभावित (more effective) करने की क्षमता भी रखते हैं।

कबीरा गरब ना कीजिये… , कभू ना हासिये कोय |

अजहू नाव समुद्र में… , ना जाने का होए ||

 – Kabira Garab na Kijiye. Kabhu na Hasiye Koye.

Ujahu Naav Samudra Me. Na Jaane Ka Hoye.

Kabir ka Doha Meaning: मत करो, गर्व (proud) महसूस मत करो। दूसरों पर हँसो (laugh) मत। आपका जीवन सागर में एक जहाज (ship) है, जिसे आप नहीं जानते कि अगले क्षण (next moment) क्या हो सकता है।

कबीरा कलह अरु कल्पना… , सैट संगती से जाय |

दुःख बासे भगा फिरे… , सुख में रही समाय ||

Kabir ka Doha Meaning: यदि आप अच्छे लोगों (good peoples) के साथ जुड़ते हैं तो आप संघर्षों (strugle) और आधारहीन कल्पनाओं का अंत कर सकते हैं। जो आपकी दुर्दशा का अंत करेगा और आपके जीवन (life) को आनंदित करेगा।

काह भरोसा देह का… , बिनस जात छान मारही |

सांस सांस सुमिरन करो… , और यतन कुछ नाही ||

Kabir ka Doha Meaning: इस बात की कोई गारंटी (guarantee) नहीं है कि यह शरीर अगले पल होगा या नहीं। आपको हर पल भगवान (Bhagwan) को याद करना चाहिए।

कुटिल बचन सबसे बुरा… , जासे हॉट न हार |

साधू बचन जल रूप है… , बरसे अमृत धार ||

 – Kutil Bachan Sabse Bura. Jaase Haat Na Haar.

Sadhu Bachan Jal Roop hai. Barse Amrit Dhaar.

Kabir ka Doha Meaning: एक बुरे शब्द (bad word) ने कहा कि दूसरों को पीड़ा देना इस दुनिया (world) में सबसे बुरी बात है। बुरे शब्द सुनने से किसी की हार (failure) नहीं होती। एक अच्छा शब्द जो दूसरों को भिगोता है वह पानी (water) की तरह है और यह सुनने वालों पर अमृत की वर्षा (rain) करता है।

कबीरा लोहा एक है… , गढ़ने में है फेर |

ताहि का बख्तर बने… , ताहि की शमशेर ||

Hindi Meaning: लौह धातु (iron metal) से तलवार भी बनती है और बख्तर भी। आप एक विध्वंसक (destroyer) भी हो सकते हैं और रक्षक भी, यह आप पर निर्भर (depend) है।

कबीरा सोता क्या करे… , जागो जपो मुरार |

एक दिन है सोवना… , लंबे पाँव पसार ||

 – Kabira Sota Kya Kare. Jaago Japo Muraar.

Ek Din hai Sovan. Lambe Paao Pasaar.

Kabir ka Doha Meaning: तुम क्यों सो रहे हो? कृपया उठो और भगवान (Bhagwan) को याद करो। एक दिन होगा जब एक पैर (foot) को हमेशा के लिए फैलाकर सोना होगा।

कबीरा आप ठागइए… , और न ठगिये कोय |

आप ठगे सुख होत है… , और ठगे दुःख होय ||

Kabir ka Doha Meaning: किसी को भी अपने आप को मूर्ख (stupid) बनाना चाहिए, दूसरों को नहीं। जो दूसरों को मूर्ख (stupid) बनाता है वह दुखी हो जाता है। खुद को बेवकूफ (stupid) बनाने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि वह सच्चाई (reality) को जल्द या बाद में जान जाएगा।

गारी ही से उपजै…, कलह कष्ट औ मीच ।

हारि चले सो सन्त है…, लागि मरै सो नीच ।।

Kabir ka Doha Meaning: Saint Kabir Das जी कहते हैं कि अपशब्द एक ऐसा बीज (seed) है जो लड़ाई झगड़े, दुःख एवम् हत्या के क्रूर विचार के अंकुर को व्यक्ति (person) के दिल में रोपित करता है। अतः जो व्यक्ति (person) इनसे हार मान कर कर अपना मार्ग बदल लेता है वह संत (sant) हो जाता है लेकिन जो उनके साथ जीता है वह नीच होता है।

जा पल दरसन साधू का… , ता पल की बलिहारी |

राम (Ram) नाम रसना बसे… , लीजै जनम सुधारी ||

– Ja Pal Darsan Sadhu Ka. Ta Pal ki Balihari.

Ram Naam a Base. Lije Janam Sudhaari.

Kabir ka Doha Meaning: क्या शानदार क्षण (moment) था। मैं एक अच्छे व्यक्ति से मिला। मैंने राम (Ram) का जप किया और अपने पूरे जीवन में अच्छा (good work) किया।

जो तोकू कांता बुवाई… , ताहि बोय तू फूल |

तोकू फूल के फूल है… , बंकू है तिरशूल ||

Kabir ka Doha Meaning: यदि कोई आपके लिए कांटेदार कैक्टस (cactus) बोता है, तो आपको उसके लिए एक फूल वाला पौधा (flower plant) बोना चाहिए। आपको बहुत से फूल मिलेंगे। और दूसरों (other) के पास कांटे होंगे।

Kabir ke Dohe with meaning in Hindi (31-40)

Kabir ke dohe in HindiSant Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

वैसे तो Kabir का कोई सबसे अच्छा या सबसे खराब दोहा (doha) नहीं है। आप दोहे की तुलना नहीं कर सकते। सभी Sant Kabir Ke Dohe सुंदर और सीधे हैं जिनके द्वारा कबीर ने जीवन (life of kabir) को परिभाषित किया है। इसलिए हर एक दोहे का उसी तीव्रता और प्रेम (prem) के साथ आनंद लें।

लेकिन यह दोहा मुझे Kabir के अन्य दोहों में सबसे khoobsurat लगता है। हर बार जब मैं इस Kabir ke dohe को पढ़ता हूं, तो यह मुझे विनम्र feel कराता है और मेरे दृष्टिकोण को फिर से समझने के लिए उकसाता (motivate) है।

नहाये धोये क्या हुआ… , जो मन मेल न जाय |

मीन सदा जल में रही… , धोये बॉस न जाय ||

 – Nahaye Dhoye Kya Hua. Jo Mann Mel Na Jaaye.

meen Sada Jal Mein Rahi. Dhoye Bass Na Jaaye.

Kabir ka Doha Meaning: यदि मन साफ नहीं है तो नहाने और सफाई (bathing and cleaning) का क्या मतलब है? एक मछली हमेशा पानी में रहती है और उसमें बहुत बुरी गंध (bad smell) होती है।

जो तू चाहे मुक्ति को… , छोड़ दे सबकी आस |

मुक्त ही जैसा हो रहे… , सब कुछ तेरे पास ||

Kabir ka Doha Meaning: यदि आप मोक्ष चाहते हैं तो आपको सभी इच्छाओं को समाप्त (finish your deasires) कर देना चाहिए। एक बार जब आप मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं तो आप सब कुछ हासिल (achieve) कर लेते हैं।

ते दिन गए अकार्थी …, सांगत भाई न संत |

प्रेम बिना पशु जीवन… , भक्ति (bhakti) बिना भगवंत ||

Kabir ke Dohe Meaning: मैंने उन दिनों (those days) को बर्बाद किया जब मैं अच्छे लोगों से नहीं मिला था। बिना प्यार वाला इंसान जानवर (animal) होता है। प्रेम के बिना कोई देवत्व नहीं है।

तीर तुपक से जो लादे… , सो तो शूर न होय |

माया तजि भक्ति (bhakti) करे… , सूर कहावै सोय ||

Kabir ke Doha Meaning: धनुष और बाण (bow and arrow) से लड़ता है, वह वीर नहीं है। असली बहादुर वह है जो भ्रम को दूर भगाता है और भक्त (bhakt) बन जाता है।

तन को जोगी सब करे… , मन को बिरला कोय |

सहजी सब बिधि पिये… , जो मन जोगी होय ||

– Tann Ko Jogi Sab Kare. Mann Ko Birla Koye.

Sahji Sab Bidhi Piye. Jo Mann Jogi Hoye.

Kabir ke Doha Meaning: शरीर पर ऋषि (Rishi) के निशान लगाना बहुत आसान है लेकिन मन पर ऋषि (Rishi) के निशान बनाना बहुत मुश्किल है। यदि कोई मन के स्तर पर ऋषि (Rishi) बन जाता है तो वह कुछ भी करते समय सहज (comfortable) होता है।

पांच पहर धंधा किया… , तीन पहर गया सोय |

एक पहर भी नाम बिन… , मुक्ति कैसे होय ||

Kabir ke Doha Meaning: मैंने दिन के दौरान अपनी आजीविका कमाने (earning) के लिए कुछ किया और रात में सो गया। मैंने 3 घंटे के लिए भी भगवान (bhagwan) के नाम का जप नहीं किया, मैं कैसे मोक्ष प्राप्त कर सकता हूं?

पत्ता बोला वृक्ष से… , सुनो वृक्ष बनराय |

अब के बिछड़े न मिले… , दूर पड़ेंगे जाय ||

Kabir ke Doha Meaning: एक पेड़ से एक पत्ता (leaf) कहता है कि वह हमेशा के लिए दूर जा रहा है और अब कोई पुनर्मिलन नहीं होगा।

माया छाया एक सी… , बिरला जाने कोय |

भागत के पीछे लगे… , सन्मुख भागे सोय ||

– Maya Chaaya Ek Si. Birla Jaane Koye.

Bhaagat ke Piche Lage. Sanmukh Bhaage Soye.

Kabir ke Doha Meaning: एक छाया (shadow) और एक भ्रम समान हैं। वे उनका पीछा करते हैं जो दूर भागते हैं और उस नज़र से गायब (invisible) हो जाते हैं जो उन्हें देखता है।

या दुनिया में आ कर… , छड़ी डे तू एट |

लेना हो सो लिले… , उठी जात है पैठ ||

Kabir ke Doha Meaning: यहां किसी को भी नहीं घूमना चाहिए। किसी भी समय को बर्बाद (without wasting time) किए बिना सभी सौदे करने चाहिए क्योंकि काम के घंटे जल्द ही खत्म (finish)हो जाएंगे।

रात गवई सोय के…, दिवस गवाया खाय |

हीरा जन्म अनमोल था… , कौड़ी बदले जाय ||

Kabir ke Doha Meaning: रात (night) में मैं सोया और दिन में मैंने खाना (food) खाया। इस तरह मैंने अपना पूरा जीवन गुजार (life spent) दिया, जो हीरे की तरह मूल्यवान था।

Kabir ke Dohe with Hindi meaning (41-50)

Sant Kabir Das ke dohe in HindiSant Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

राम (Ram) बुलावा भेजिया… , दिया कबीरा रोय |

जो सुख साधू संग में… , सो बैकुंठ न होय ||

राम (Ram) कबीर को बुला रहे हैं। कबीर रो रहे हैं। Kabir के अनुसार, ईश्वर के साथ संबंध की तुलना में अच्छे लोगों (good peoples) कि संगत का अधिक महत्व है।

संगती सो सुख उपजे… , कुसंगति सो दुःख होय |

कह कबीर तह जाइए… , साधू संग जहा होय ||

– Sangti so sukh upaje. Kusangti so dukh hoye.

kah kabir tah jaaiye. Sadhu sang jahaa hoye.

Kabir ke Doha Meaning: एक अच्छी संगति खुशी (happiness) पैदा करती है और एक बुराई दुख (sadness) पैदा करती है। अच्छे लोगों के बीच हमेशा (always) रहना चाहिए।

साहेब तेरी साहिबी… , सब घट रही समाय |

ज्यो मेहंदी के पात में… , लाली राखी न जाय ||

Kabir ke Doha Meaning: Mere Swami, आपकी महारत सभी प्राणियों में है। उसी तरह जैसे मेंहदी (mehandi) में लालिमा होती है।

साईं आगे सांच है… , साईं सांच सुहाय |

चाहे बोले केस रख… , चाहे घौत मुंडाय ||

Kabir ke Doha Meaning: ईश्वर सत्य (truth) को देखता है। भगवान को सच्चाई पसंद है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, कोई लंबे बाल (long hair) उगा सकता है या वह सारे बाल मुंडवा सकता है।

लकड़ी कहे लुहार की… , तू मति जारे मोहि |

एक दिन ऐसा होयगा… , मई जरौंगी तोही ||

– Lakdi kahe lohaar ki. Tu mati jaare Mohi.

Ek din aisa hoyega. Mai jarongi tohi.

Kabir ke Doha Meaning: लकड़ी एक लोहार (lohar) से कहती है कि आज अपनी जीविका के लिए तुम मुझे जला (burn) रहे हो। एक दिन, मैं तुम्हें चिता पर जला दूंगी।

ज्ञान रतन का जतानकर… , माटि का संसार |

आय कबीर फिर गया… , फीका है संसार ||

Kabir ke Doha Meaning: ज्ञान (knowledge) के रत्न की देखभाल करनी चाहिए। सांसारिक अस्तित्व बेकार है। Kabir ने दुनिया से मुंह मोड़ लिया क्योंकि दुनिया (world) फीकी है।

रिद्धि सिद्धि मांगूं नहीं… , माँगू तुम पी यह |

निशिदिन दर्शन साधू को… , प्रभु कबीर कहू देह ||

Kabir ke Doha Meaning: कबीर Bhagwan से भौतिक संपदा के लिए नहीं पूछ रहे हैं। वह हमेशा के लिए अपनी दृष्टि में एक अच्छा व्यक्ति (good person) होने का पक्ष पूछ रहा है।

न गुरु मिल्या ना सिष भय… , लालच खेल्या डाव |

दुनयू बड़े धार में… , छधी पाथर की नाव ||

– Na guru milya na shishya bhaya. Laalach khelya Daav.

Dunyu bade dhaar ka. Chhachi paathar ki naav.

Kabir ke Doha Meaning: जो लोग लालच (greed) से प्रेरित होते हैं वे अपने शिष्य और गुरु का दर्जा (respect) खो देते हैं। पत्थर की एक नाव पर चढ़ते ही दोनों बीच (mid) में डूब गए।

कबीर सतगुर ना मिल्या… , रही अधूरी सीख |

स्वांग जाति का पहरी कर… , घरी घरी मांगे भीख ||

Kabir ke Doha Meaning: जो लोग एक अच्छा गुरु (good teacher) नहीं पाते हैं वे अधूरे ज्ञान प्राप्त करते हैं। वे एक वैरागी के वस्त्र पहनते हैं और घर-घर जाकर भीख (begging) मांगते हैं।

यह तन विष की बेलरी… , गुरु अमृत की खान |

सीस दिए जो गुरु मिले… , तो भी सस्ता जान ||

Kabir ke Doha Meaning: यह शरीर जहर (poison) का एक थैला है। गुरु अमृत की खान है। यदि आपको अपना सिर (head) कुर्बान करके उपदेश मिलता है, तो यह एक सस्ता सौदा (cheap deal) होना चाहिए।

Sant Kabir Das ke Dohe in Hindi (51-60)

संत कबीर के दोहे – Sant Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

Kabir ji भारतीय साहित्य के इतिहास के सर्वश्रेष्ठ आलोचक हैं। उन्होंने कई बातें कही हैं और उनके शब्द (words)आज सैकड़ों वर्षों के बाद भी कम प्रासंगिक नहीं हैं।

राम (Ram) पियारा छड़ी करी… , करे आन का जाप |

बेस्या कर पूत ज्यू… , कहै कौन सू बाप ||

Kabir ke Doha Meaning: यदि कोई ईश्वर (ishwar) को भूल जाता है और कुछ और याद करता है, तो वह एक वेश्या के बेटे (son) की तरह है जो यह नहीं जानता कि उसका पिता (father) कौन है।

जो रोऊ तो बल घटी… , हंसो तो राम (Ram) रिसाई |

मनही माहि बिसूरना… , ज्यूँ घुन काठी खाई ||

– Jo royu to bal ghati. Hanso to ram risai.

manhi maahi bisarnu. jyun dhun kaathi khai.

Kabir ke Doha Meaning: अगर मैं रोता हूं, तो मेरा ऊर्जा स्तर (energy level) नीचे चला जाता है। अगर मुझे हंसी आती है तो राम (Ram) को ऐसा नहीं लगता। किया करू अब? यह दुविधा मेरे दिल (heart) को दिमक की तरह खा जाती है।

सुखिया सब संसार है… , खावै और सोवे |

दुखिया दास कबीर है… , जागे अरु रावे ||

Hindi Doha Meaning: दुनिया (world) बहुत खुश है, वे खाते हैं और सोते हैं। Kabir इतना दुखी है कि वह जागता रहता है और रोता (crying) रहता है।

परबत परबत मै फिरया… , नैन गवाए रोई |

सो बूटी पौ नहीं… , जताई जीवनी होई ||

Kabir ke Doha Meaning: Kabir ने एक पर्वत से दूसरे पर्वत की खोज (search) की, लेकिन वह जीवन को बनाने वाली जड़ी बूटी (medicine) नहीं पा सके।

कबीर एक न जन्या… , तो बहु जनया क्या होई |

एक तै सब होत है… , सब तै एक न होई ||

Kabir ke Doha Meaning: Kabir कहते हैं कि आप एक चीज नहीं जानते हैं और आप कई अन्य चीजों (other things) को जानते हैं। यह एक बात सभी को पूरा कर सकती है, ये कई चीजें बेकार (useless) हैं।

पतिबरता मैली भली… ,गले कांच को पोत |

सब सखियाँ में यो दिपै… ,ज्यो रवि ससी को ज्योत ||

– Oatibarta maili bhali. Gale kaanch ko pot.

Sab sakhiyan me yo dipe. jyon ravi sasi ko jyot.

Kabir ke Doha Meaning: अपने परिवार (family) के लिए प्रतिबद्ध एक महिला अपने पुराने वस्त्र (old clothes) और गले में कांच के मोतियों की लेस में बेहतर (better) दिखती है। वह अपनी सहेलियों के बीच ऐसे चमकती है जैसे चाँद सितारों (moon and stars) के बीच चमकता है।

भगती बिगाड़ी कामिया… , इन्द्री करे सवादी |

हीरा खोया हाथ थाई… , जनम गवाया बाड़ी ||

Kabir ke Doha Meaning: एक वासनाग्रस्त व्यक्ति ने उसकी भक्ति (bhakti) को नुकसान पहुंचाया है और उसके इंद्रिय-अंगों को स्वाद (taste) का आनंद मिल रहा है। उसने एक हीरे को खो दिया है और जीवन (life) का सार चूक गया है।

परनारी रता फिरे… , चोरी बिधिता खाही |

दिवस चारी सरसा रही… , अति समूला जाहि ||

Kabir ke Doha Meaning: एक पुरुष (man) जो दूसरों से संबंधित महिला को प्रसन्न (happy) करता है, वह रात में चोर (thief) की तरह भागता है। वह कुछ दिनों के लिए सुख (enjoyment) का मतलब निकालता है और फिर अपनी सारी जड़ों के साथ नष्ट (finish) हो जाता है।

कबीर कलि खोटी भाई… , मुनियर मिली न कोय |

लालच लोभी मस्कारा… , टिंकू आदर होई ||

kabir kali khoti bhai. Muniyaar mili na koe.

Laalch lobhi maskara. Tinku aadar hoe.

Kabir ke Doha Meaning: यह Kalyug का युग है। यहाँ एक व्यक्ति जो संयम (patience) की भावना रखता है वह दुर्लभ है। लोग लालच, लोभ (greed) और त्रासदी से लबरेज हैं।

कबीर माया मोहिनी… , जैसी मीठी खांड |

सतगुरु की कृपा भई… , नहीं तोउ करती भांड ||

Kabir ke Doha Meaning: भ्रम या Maya बहुत प्यारी है। Bhagwan का शुक्र है कि मुझे अपने गुरु का आशीर्वाद मिला अन्यथा (otherwise) मैं कोरा होता।

संत कबीर के दोहे हिंदी अर्थ सहित (61-70)

संत कबीर के दोहे हिंदी अर्थ सहित – Sant Kabir ke Dohe – कबीर के दोहे

मुझे लगता है कि Kabir Ji, सबसे अच्छे धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति थे जिसे भारतीय समाज (Indian Society) ने आज तक देखा है। उस समय, समाज में हिन्दू और मुस्लिम (Hindu and Muslim), दोनों वर्गों में अधिक कट्टरता थी। लेकिन Kabir Ke Dohe हिंदू और मुसलमानों (Hindu and Muslim) दोनों की आलोचना करते हैं।

मेरे संगी दोई जरग… , एक वैष्णो एक राम (Ram) |

वो है दाता मुक्ति का… , वो सुमिरावै नाम ||

Kabir ke Doha Meaning: मेरे केवल दो साथी, भक्त (bhakt) और राम (Ram) हैं। वो मुझे भगवान को याद करने और मोक्ष प्रदान करने के लिए प्रेरित (motivate) करते हैं।

संत न बंधे गाठ्दी… , पेट समाता तेई |

साईं सू सन्मुख रही… , जहा मांगे तह देई ||

– Sant na bande gathdi. Pet samata tei.

Sai su sanmukh rahi. Jaha maange tah dei.

Kabir ke Doha Meaning: ज्यादा संचय (thinking) करने की जरूरत नहीं है। किसी एक के व्यवहार में हमेशा ईमानदार (loyal) रहने की जरूरत है।

जिस मरने यह जग डरे… , सो मेरे आनंद |

कब महिहू कब देखिहू… , पूरण परमानन्द ||

पूरी दुनिया (world) मौत से डरती है। मुझे मौत देखकर खुशी (happiness) हुई। मैं कब मरूंगा और पूर्ण आनंद का एहसास (feel) करूंगा?

कबीर घोडा प्रेम का… , चेतनी चढ़ी अवसार |

ज्ञान खडग गहि काल सीरी… , भली मचाई मार ||

Kabir ke Doha Meaning: चेतना को प्रेम के घोड़े (horse) की सवारी करनी चाहिए। ज्ञान की तलवार मृत्यु (death) का कारण बननी चाहिए।

कबीर हरी सब को भजे… , हरी को भजै न कोई |

जब लग आस सरीर की… , तब लग दास न होई ||

– Kabir hari sab ko bhaje. hari ko bhaje na koi.

Jab lab aag sareer ki. Tab lag das na hoi.

Kabir ke Doha Meaning: Bhagwan सबको याद करते हैं। भगवान को कोई याद (remember) नहीं करता। जो लोग कामुक सुख के बारे में चिंतित हैं वे भगवान के भक्त (bhakt) नहीं हो सकते।

क्या मुख ली बिनती करो… , लाज आवत है मोहि |

तुम देखत ओगुन करो… , कैसे भावो तोही ||

Kabir ke Doha Meaning: मुझे Bhagwan से कोई अनुरोध कैसे करना चाहिए? वह सब जानता (knows) है, वह मेरी कमियों को जानता है। इन कमियों के साथ वह मुझे कैसे पसंद (like) करना चाहिए?

सब काहू का लीजिये… , साचा असद निहार |

पछ्पात ना कीजिये… , कहै कबीर विचार ||

Kabir ke Doha Meaning: आपको हर किसी से सच (truth) सुनना चाहिए। कोई पक्षपात दिखाने की जरूरत नहीं है।

कुमति कीच चेला भरा… , गुरु ज्ञान जल होय |

जनम जनम का मोर्चा… , पल में दारे धोय ||

– Kumati keech chela bhara. guru gyan jal hoye.

Janam janam ka morcha. Pal mein daare dhoye.

एक शिष्य (student) अज्ञानता के कीचड़ से भरा है। गुरु ज्ञान (knowledge) का जल है। जो भी अशुद्धियाँ कई जन्मों (lifes) में जमा होती हैं, वह एक क्षण में साफ (clean) हो जाती है।

गुरु सामान दाता नहीं… , याचक सीश सामान |

तीन लोक की सम्पदा… , सो गुरु दीन्ही दान ||

Kabir ke Doha Meaning: गुरु (teacher) के समान कोई दाता नहीं है और शिष्य (student) के समान कोई साधक नहीं है। गुरु शिष्य (teacher and student) को तीनों लोकों का अनुदान देते हैं।

गुरु को सर रखिये… , चलिए आज्ञा माहि |

कहै कबीर ता दास को… , तीन लोक भय नाही ||

Kabir ke Doha Meaning: वह जो अपने गुरु (teacher) को अपने सिर पर रखता है और उसके निर्देशों (guidelines) का पालन करता है, उसे तीनों लोकों में कोई भय (fear) नहीं है।

Sant Kabeer Ke Doha in Hindi (71-80)

Kabir ke Doha | Sant Kabir Das ke Dohe – कबीर दास के दोहे

Kabir ke Dohe पढ़ने से व्यक्ति में सकारात्मकता आती है और प्रेरक विचार (motivational thoughts) उत्पन्न होते हैं। आइए पढ़े कुछ और Kabir Ke Dohe with meaning in Hindi।

गुरू मूर्ती गती चंद्रमा… , सेवक नैन चकोर |

आठ पहर निरखता रहे… , गुरू मूर्ती की ओर ||

– Guru murti gati chanrdma. Sewak Nain Chakor.

Aath pahar nikharta rahe. Guru murti ki aur.

Kabir ke Doha Meaning: जैसा कि एक चकोर हमेशा चंद्रमा (moon) को देखता है, हमें हमेशा गुरु के कहे अनुसार (guidelines) चलना चाहिए।

गुरू सो प्रीती निबाहिया… , जेही तत निबटई संत |

प्रेम बिना धिग दूर है… , प्रेम निकत गुरू कंत ||

Kabir ke Doha Meaning: प्रेम से ही सब कुछ पूरा हो सकता है।

गुरू बिन ज्ञान न उपजई… , गुरू बिन मलई न मोश |

गुरू बिन लाखाई ना सत्य को… , गुरू बिन मिटे ना दोष ||

Kabir ke Doha Meaning: बिना गुरु (teacher) के कोई ज्ञान नहीं हो सकता, गुरु (teacher) के बिना कोई मोक्ष नहीं हो सकता, गुरु (teacher) के बिना सत्य की कोई प्राप्ति नहीं हो सकती। और बिना गुरु (teacher) के दोषों को दूर नहीं किया जा सकता है।

गुरू मूर्ति अगे खडी… , दुनिया भेद कछू हाही |

उन्ही को पर्नाम करी… , सकल तिमिर मिटि जाही ||

– Guru murti aage ka u bhed kachhu haahi

Unhi ko parnaam kari. Sakal timir miti jaahi.

Kabir ke Doha Meaning: आपका गुरु (teacher) आपको नेतृत्व करने के लिए है। जीवन को कैसे ध्वस्त करना है, इस बारे में चिंता (tensiosn) करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप अपने गुरु (teacher) के उपदेश का पालन करते हैं तो वहां अंधेरा (blackout) नहीं होगा।

मूल ध्यान गुरू रूप है… , मूल पूजा गुरू पाव |

मूल नाम गुरू वचन हाई… , मूल सत्य सतभाव ||

Kabir ke Doha Meaning: अपने गुरु (teacher) के रूप को देखें। अपने गुरु (teacher) के चरण कमलों की पूजा करें। अपने गुरु (teacher) के वचनों को सुनें और स्वयं को सत्यता की स्थिति में बनाए रखें।

साधु शब्द समुद्र है… , जामे रत्न भराय |

मंद भाग मुट्ठी भरे… , कंकर हाथ लगाये ||

Kabir ke Doha Meaning: साधु (Sadhu) द्वारा कहा गया एक अच्छा शब्द सागर (sea) जितना गहरा है। एक मूर्ख सिर्फ मुट्ठी भर रेत (sand) हासिल करता है।

पूत पियारौ पिता कू… , गोहनी लागो धाई |

लोभ मिथाई हाथि दे… , अपन गयो भुलाई ||

– Put Piyaro Pita Ku. Gohni lago dhaai.

 Lobh mithai haath de. Apan gayo Bhulai.

Kabir ke Doha Meaning: एक बच्चा (child) अपने पिता को बहुत पसंद करता है। वह अपने पिता (father) का अनुसरण करता है और उसे पकड़ लेता है। पिता (father) उसे कुछ मिठाई देते हैं। बच्चा मिठाई (sweets) का आनंद लेता है और पिता को भूल (forget) जाता है। हमें ईश्वर को नहीं भूलना (forget) चाहिए जब हम उसके एहसानों का आनंद (enjoy) लेते हैं।

जा कारनी मे ढूँढती… , सन्मुख मिलिया आई |

धन मैली पीव ऊजला… , लागी ना सकौ पाई ||

Kabir ke Doha Meaning: मैं उसे खोज (search) रहा था। मैं उनसे आमने-सामने मिला। वह शुद्ध (pure) है और मैं गंदा हूं। मैं उसके चरणों (feet) में कैसे झुक सकता हूं?

भारी कहौ तो बहु दरौ… , हलका कहु टू झूत |

माई का जानू राम (Ram) कू… , नैनू कभू ना दीथ ||

Kabir ke Doha Meaning: अगर मैं कहूं कि राम (Ram) भारी हैं, तो इससे मन में भय पैदा होता है। अगर मैं कहूं कि वह हल्का है, यह बेतुका है। मैं राम (Ram) को नहीं जानता क्योंकि मैंने उन्हें देखा नहीं था।

दीथा है तो कस कहू… , कह्य ना को पतियाय |

हरी जैसा है तैसा रहो… , तू हर्शी-हर्शी गुन गाई ||

Kabir ke Doha Meaning: जिन लोगों ने राम (Ram) का वर्णन करने की कोशिश की है, उन्हें अपने प्रयासों (try) में असफल होने पर पछताना पड़ता है। मुझे उसका वर्णन (describe) करने में कोई परेशानी नहीं हुई, मैं खुशी-खुशी (happy) उसके गुण गाऊंगा।

Sant Kabir ke Dohe in Hindi (81-90)

Kabeer Das Ke Dohe in Hindi Kabir Das ke Dohe – कबीर दास के दोहे

पहुचेंगे तब कहेंगे…, उमडेंगे उस ट्ठाई |

अझू बेरा समंड मे…, बोली बिगूचे काई ||

Kabir ke Doha Meaning: जब मैं दूसरे किनारे (other side) पर पहुंचूंगा तो मैं इसके बारे में बात करूंगा। मैं अभी सागर (mid of sea) के बीच में नौकायन कर रहा हूं। मरने का मरने के बाद देखना चाहिए, अभी जीवन (life) जीने पे ध्यान देना चाहिए.

मेरा मुझमे कुछ नही…, जो कुछ है सो तोर |

तेरा तुझको सउपता…, क्या लागई है मोर ||

– Mera mujhko kuch nahi. Jo kuch hai so tor.

Tera tujhko sauata. Kya lagai ho mor.

Kabir ke Doha Meaning: मेरा (mine) कुछ भी नहीं है मेरे पास जो कुछ भी है वह ईश्वर (ishwar) का है। अगर मैं उसे दे दूं जो उसका है, तो मुझे कुछ महान (great) करने का कोई श्रेय नहीं है।

जबलग भागती सकामता…, तबलग निर्फल सेव |

कहई कबीर वई क्यो मिलई…, निहकामी निज देव ||

Kabir ke Doha Meaning: जब तक भक्ति (bhakti) सशर्त होती है तब तक उसे कोई फल नहीं मिलता। लगाव वाले लोगों (peoples) को कुछ ऐसा कैसे मिल सकता है जो हमेशा अलग (different) हो?

कबीर कलिजुग आई करी…, कीये बहुत जो मीत |

जिन दिलबंध्या एक सू…, ते सुखु सोवै निचींत ||

– Kabir kaljug aai kari. Kiye bahut jo meet.

Jin dilbandhya ek su. te sukhu sowe nirchit.

Kabir ke Dohe Meaning: इस कलयुग (Kalyug) में, लोग कई दोस्त बनाते हैं। जो लोग अपने मन को भगवान (Bhagwan) को अर्पित करते हैं वे बिना किसी चिंता (stress) के सो सकते हैं।

कामी अमि नॅ ब्वेयी…, विष ही कौ लई सोढी |

कुबुद्धि ना जाई जीव की…, भावै स्वमभ रहौ प्रमोधि ||

Kabir ke Doha Meaning: वासना का आदमी (aadmi) अमृत की तरह नहीं जीता। वह हमेशा जहर (poison) खोजता है। भले ही भगवान शिव स्वयं मूर्ख (stupid) को उपदेश देते हों, मूर्ख अपनी मूर्खता (stupidity) से बाज नहीं आता।

कामी लज्या ना करई…, मन माहे अहीलाड़ |

नींद ना मगई संतरा…, भूख ना मगई स्वाद ||

Kabir ke Dohe Meaning: जुनून (obsession) की चपेट में आए व्यक्ति को शर्म (shame) नहीं आती। वह जो बहुत नींद (sleep) में है, बिस्तर की परवाह नहीं करता है और जो बहुत भूखा (hungry) है, वह अपने स्वाद के बारे में परेशान (problem) नहीं है।

ग्यानी मूल गवैया…, आपन भये करता |

ताते संसारी भला…, मन मे रहै डरता ||

– Gyani mool gaweya. Apan bhaye karta

– Taate sansari bhala. Mann me rahe darta.

Kabir ke Dohe with Meaning: एक व्यक्ति (person) जो सोचता है कि उसने ज्ञान (knowledge) प्राप्त कर लिया है, उसने अपनी जड़ें (roots) खो दी हैं। अब वह सोचता है कि वह ईश्वर (Ishwar) के समान सर्वशक्तिमान है। गृहस्थ जीवन में लगा व्यक्ति बेहतर (better) है क्योंकि वह कम से कम भगवान (Bhagwan) से डरता है।

इहि उदर कई करने…, जग जाच्यो निस् जाम |

स्वामी-पानो जो सीरी चढयो…, सर्यो ना एको काम ||

Kabir ke Dohe Meaning: एक व्यक्ति (person) जो दुनिया का त्याग करता है, वह खुद को दिन-रात (day and night) परेशान करता है क्योंकि वह अपने भोजन (food) के बारे में चिंतित है। वह यह भी सोचता है कि वह स्वामी (owner) है और खुद को स्वामी कहता है। इस प्रकार वह दोनों तरीकों (ways) से हार जाता है।

स्वामी हूवा सीतका… , पैकाकार पचास ।

रामनाम कांठै रह्या… , करै सिषां की आस  ||

Kabir ke Dohe with Meaning: स्वामी (Swami) आज-कल मुफ्त में, या पैसे के पचास (50) मिल जाते हैं। मतलब यह कि सिद्धियाँ और चमत्कार (chamatkaar) दिखाने और फैलाने वाले स्वामी रामनाम (ram naam) को वे एक किनारे रख देते हैं, और शिष्यों से आशा (hope) करते हैं लोभ में डूबकर ।

बाहर क्या दिखलाये… , अंतर जपिए राम (Ram) |

कहा काज संसार से… , तुझे धानी से काम ||

– Baahar kya dikhlaaye. Antar japiye Ram.

Kaha kaaj sansaar se. Tujhe dhaani se kaam.

Kabir ke Dohe Meaning: किसी दिखावे (show off) की कोई जरूरत नहीं है। आपको आंतरिक रूप से राम (Ram) नाम का जाप करना चाहिए। आपको दुनिया (world) के साथ नहीं बल्कि दुनिया के गुरु के साथ संबंध (relation) रखना चाहिए।

Kabir Das ke Dohe with Hindi Meaning (91-100)

कबीर दास के दोहे Sant Kabir Das ke Dohe – Kabir Ji Ke Dohe

कलि का स्वामी लोभिया… , पीतली धरी खटाई |

राज-दुबारा यू फिराई… , ज्यू हरिहाई गाई ||

Kabir ke Dohe Meaning: इस कलयुग (Kalyug) में जो खुद को स्वामी कहता है वह लालची (greedy) हो गया है। वह खट्टी वस्तुओं के साथ पीतल के बर्तन जैसा दिखता है। वह एक गाय (cow) की तरह शासक की सुरक्षा चाहता है जो हरे चरागाह को देखकर भागता (run) है।

कलि का स्वामी लोभिया… , मनसा धरी बढाई |

देही पैसा ब्याज कौ… , लेखा कर्ता जाई ||

Kabir ke Dohe Meaning: कलयुग (Kalyug) के स्वामी को बहुत सारी बड़ाई की उम्मीद (hope) है। वह पैसा उधार देता है और बहीखाते (ledger) में व्यस्त रहता है।

ब्रह्मन गुरू जगत का… , साधु का गुरू नाही |

उर्झी-पुरझी करी मरी राह्य… , चारिउ बेडा माही ||

– Brahman guru jagat ka. Sadhu ka guru naahi.

Urjhi- Purjhi kari mari rahasya. Chariyo beda maahi.

Kabir ke Dohe Meaning: एक ब्राह्मण (Brahman) दुनिया का गुरु हो सकता है लेकिन वह एक अच्छे इंसान (good person) का गुरु नहीं है। ब्राह्मण (Brahman) हमेशा वेदों की व्याख्या के साथ शामिल होता है और वह ऐसा करते हुए मर (die) जाता है।

चतुराई सूवई पड़ी… , सोई पंजर माही |

फिरी प्रमोधाई आन कौ… , आपन समझाई नाही ||

Kabir ke Dohe Meaning: एक तोता (parrot) दोहराता है जो भी ज्ञान पढ़ाया जाता है, लेकिन वह खुद को अपने पिंजरे (pinjara) से मुक्त करने का तरीका नहीं जानता है। लोगों ने आज बहुत ज्ञान (knowledge) प्राप्त किया है, लेकिन वे खुद को मुक्त करने में विफल (fail) हैं।

तीरथ करी करी जाग मुआ… , दूंघे पानी नहाई |

रामही राम जापन्तदा… , काल घसीट्या जाई ||

Kabir ke Dohe Meaning: तीर्थयात्री (Tirath Yatri) के रूप में लोग कई स्थानों पर जाते हैं। वे ऐसे स्थानों पर स्नान (bath) करते हैं। वे हमेशा ईश्वर (Ishwar) के नाम का जाप करते हैं लेकिन फिर भी, उन्हें समय (time) के साथ मौत के घाट उतार दिया जाता है।

कबीर इस संसार को… , समझौ कई बार |

पूंछ जो पकडई भेड़ की… , उत्रय चाहाई पार ||

– Kabir is sansaar ko. Samjho kai baar.

Poonch jo pakdai Bhed ki. utra chahaai par.

Kabir ke Dohe Meaning: Kabir लोगों को यह बताने से तंग आ गए कि उन्हें मूर्खतापूर्ण तरीके (stupid ways) से पूजा करने से बचना चाहिए। लोगों को लगता है कि वे एक भेड़ की पूंछ (tail of a sheep) को पकड़कर पारगमन के महासागर को पार करेंगे।

कबीर मन फुल्या फिरे… , कर्ता हु मई धम्म |

कोटी क्रम सिरी ले चल्या… , चेत ना देखई भ्रम ||

Kabir ke Dohe Meaning: Kabir कहते हैं कि लोग इस सोच के साथ फूले थे कि इतनी योग्यता (capability) अर्जित की जा रही है। वे यह देखने में विफल (fail) रहते हैं कि उन्होंने इस तरह के अहंकार (attitude) के कारण कई कर्म बनाए हैं। उन्हें जागना (wakeup) चाहिए और इस भ्रम को दूर करना चाहिए।

कबीर भाथी कलाल की… , बहुतक बैठे आई |

सिर सौपे सोई पेवाई… , नही तौऊ पिया ना जाई ||

– Kabir bhathi kalaal ki. Bahutak baithe aai.

Sir sape soi pewai. nahi tou piya na jaai.

Kabir ke Dohe with Meaning: अमृत की दुकान (shop) में आपका स्वागत है। यहाँ पर कई बैठे हैं। किसी के सिर पर हाथ (hand) फेरना चाहिए और एक गिलास (glass) अमृत प्राप्त करना चाहिए।

कबीर हरी रस यो पिया… , बाकी रही ना थाकी |

पाका कलस कुम्भार का… , बहुरी ना चढाई चाकी ||

Kabir ke Dohe Meaning: कबीर ने भक्ति (bhakti) का रस चख लिया है, अब भक्ति (bhakti) के अलावा कोई स्वाद (taste) नहीं है। एक बार एक कुम्हार अपना बर्तन बनाता है और उसे पका लेता है, उस बर्तन को फिर से पहिया (wheel) पर नहीं रखा जा सकता है।

हरी-रस पीया जानिये… , जे कबहु ना जाई खुमार |

मैमन्ता घूमत रहाई… , नाही तन की सार ||

Kabir ke Dohe Meaning: जो लोग भक्ति (bhakti) के रस (bhakti ras) का स्वाद चखते हैं, वे हमेशा उस स्वाद में रहते हैं। उनके पास अहंकार (ahankaar) नहीं है और वे कामुक सुख के बारे में कम से कम परेशान (pareshaan) हैं।

दोस्तों, आपको kabir das ke dohe पर पूरा article पढ़ने के लिए आपका Thanks. आपको ये कबीर दास के दोहे (Sant Kabir Ke Dohe) कैसे लगे, comment कर के हमें बताएं. अगर आपको अच्छे लगे तो please इसे दोस्तों के साथ शेयर अवश्य करें और सहयोग करें. धन्यवाद.

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