Mahatma Gandhi Ji ke 26 Anmol Vichar , महात्मा गाँधी के 26 अनमोल विचार
Inspirational Thoughts in Hindi

Mahatma Gandhi ke 150 Anmol Vichar – महात्मा गांधी के 150 अनमोल विचार

Mahatma Gandhi ke 150 Anmol Vichar – महात्मा गांधी के 150 अनमोल विचार

Mahatma Gandhi

  1. मैं सभी की समानता में विश्वास (believe) रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों की.
  2. सत्य (truth) बिना जन समर्थन के भी खड़ा (stand) रहता है.वह आत्मनिर्भर है.
  3. सत्य कभी कभी ऐसे कारण को क्षति (damage) नहीं पहुंचता जो उचित हो.
  4. मेरा धर्म सत्य (truth) और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान (bhagwan) है. अहिंसा उसे पाने का साधन.
  5. व्यक्ति अपने विचारों (thoughts) से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है.
  6. अपने प्रयोजन में दृढ  विश्वास (immense believe) रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास (history) के रुख को बदल सकता है.
  7. हमेशा अपने विचारों, शब्दों (words) और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों (thoughts) को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा.
  8. आँख के बदले में आँख (eye) पूरे विश्व को अँधा बना देगी.
  9. थोडा सा अभ्यास (practice) बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है.
  10. खुद वो बदलाव (change) बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं. (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  11. अपनी किसी भी गलती को स्वीकार (Accept) कर लेना झाड़ू लगाने के बराबर होता है जो जमीन को बिलकुल साफ (clean) और चमकीला बना देती है।
  12. पैसा कोई बुरी चिज (bad thing) नहीं है उसका गलत ईस्तमाल करने में ही बुराई है हमको कोई ना कोई काम में पैसे (money) की जरुरत तो अवश्य पड़ती है।
  13. काम करते समय क्रोध (anger) करना आपके लिए सही नही है क्योकि क्रोध (anger) और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन है।
  14. संसार के सभी धर्म (religion) भले ही और चिजो में फर्क मानते हो मगर यह बात सच है की दुनिया (world) में बस सत्य ही जीवित रहेगा।
  15. प्रसन्नता और प्यार (love) आपको तभी मिल सकते है जब आप जो सोचते (think) है वही कहते है और वही करते है।
  16. विश्वास जब अँधा (blind) हो जाता है तो मर जाता है इसलिए विश्वास (believe) को हमेसा तर्क से तोलना चाहिए।
  17. पहले तो वो आपको देखेगे (will see) ही नहीं फिर वो आप पर खिल-खिला कर हसेंगे फिर आपसे झगडा (fight) करंगे और तब जाकर आप जीत सकेंगे।
  18. कमजोर इंसान (person) कभी किसी से माफ़ी नही मांगते माफ़ करना तो ताकतवर इंसान (person) की पहचान होती है कमजोर इंसान माफ़ करने का टेलेंट नही रखता।
  19. विश्वास (believe) को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा (blind) हो जाता है तो मर जाता है.
  20. पहले वो आप पर ध्यान (focus) नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे (fight), और तब आप जीत जायेंगे.
  21. जब तक गलती (mistake)  करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है.
  22. ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते (think) हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों.
  23. मौन सबसे शाशाक्त भाषण (speech) है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी.
  24. पूर्ण धारणा के साथ बोला गया ” नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश (happy) करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है.
  25. विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर (difference) रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य (truth) जीवित रहता है.
  26. कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य (truth) नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी (mistake) नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा.
  27. क्रोध (anger) और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं. (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  28. पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग (bad usage) में ही बुराई है. किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता (need) हमेशा रहेगी.
  29. अपनी गलती (mistake) को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो सतह को चमकदार (shine) और साफ़ कर देती है.
  30. जिन्दगी (life) ऐसे जियो जैसे की तुम कल मरने वाले हो और सीखो (learn) ऐसी तसल्ली से जेसे की तुम हमेशा जीने वाले हो।
  31. आदमी की पहचान उसके पहनावे (clothes) और कपड़ो से नहीं की जाती बल्कि उसकी पहचान तो उसके गुण और चरित्र से होती है।
  32. मौन एक बहुत ही अच्छा भाषण (speech) है आप अगर इसको अपनायेगे तो धीरे-धीरे आपको भी सारी दुनिया (world) सुनने लगेगी।
  33. प्रसन्नता (happiness) ही एकमात्र ऐसी चिज है जिसे आप ओरो में बाटंगे तो उसका कुछ हिस्सा (part) तो आपके हिस्से में जरुर आयेगा।
  34. सच एक बहुत बड़ा पेड़ (tree) है और जैसे – जैसे हम उसका साथ देते है वह पेड़ (tree) उतना ही ज्यादा फलता और बढता है अगर हम उस पेड़ (tree) की सेवा अच्छे से करंगे तो वो पेड़ (tree) कभी खत्म नहीं होगा।
  35. दुनिया (world) में चाहे जितने भी विचार हो उनमे से बस एक ही जीवित (live) रहेगा और वो है सच और सच कभी ना ख़त्म होने वाला विचार (thought) है।
  36. जो आप ने आज (today) किया है वो आपके कल पर निर्भर करता है और आपका कल (tomorrow) आपका भविष्य है इसलिए आप अपने आज पर पूरा ध्यान दो ताकि आपका भविष्य (future) अच्छा बन सके।
  37. मानवता (humanity) एक सागर की तरह है और आप अपना विश्वास (believe) मानवता पर मत भूलो अगर मानवता के सागर में एक भी बूंद (drop) गंदी समां गई तो पूरा सागर गन्दा हो जायेगा।
  38. किसी भी देश (country) की महानता और नैतिक प्रगति को इसी बात से समझा (understand) जा सकता है की उस देश में जानवरों के साथ कैसा सल्लुक (behave) किया जाता है इससे आपको उस देश की प्रगति (growth) के बारे में पता चल जायेगा।
  39. अपने आप को जानने के लिए सबसे अच्छा तरीका (way) है दुसरो की सेवा करना।
  40. आप तब तक उस चीज को जरुरतमंद (important) नहीं समझते जब तक वो आप के पास रहती है अगर आपने उसको खो (lost) दिया तब जाकर आपको उसका दर्द महसूस होता है।
  41. ख़ुशी (happiness) ही एक ऐसी चीज है जो हमारे मन के दरवाजे को आसानी (easily) से खोलने का दम रखती है और ख़ुशी ही हमें जीने का ढंग समझाती (understand) है इसके बिना हमारा जीवन बिल्कुल अधुरा है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  42. प्यार दुनिया (world) की सबसे बड़ी ताकत है और प्यार को हम सिर्फ नरम व्यवहार (soft behavior) से ही पा सकते है गुस्से से नहीं प्यार से हम दुनिया (world) की किसी भी चीज को जीत सकते है।
  43. पृथ्वी हर मनुष्य (human) की जरुरत पुरी करने के लिए साधन प्रधान (provide) करती है लेकिन वह बस उनकी मदद नही करती जो किसी भी चीज (thing) को पाने के लिए लालच करते है।
  44. जो अक्लमंद (intelligent) होते है वो कोई भी काम करने से पहले एक बार उसके बारे में सोचते (think) जरुर है लेकिन जो मुर्ख होते है वो काम पहले करते है और सोचते बाद में है।
  45. केवल सच (truth) ही दुनिया में अकेला खड़ा रहता है उसे किसी के सहारे (help) की जरुरत नहीं पड़ती वो अपने आप पर आत्मनिर्भर रहता है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  46. अगर आप सच (truth) नहीं बोलेंगे तो आपकी पुरी दुनिया झूठी (liar) बन जाएगी और सब आपसे झूठ बोलेंगे अगर आप सच (truth) बोलेंगे तो सब आपसे सच बोलेंगे।
  47. मैं तुम्हे शांति (peace) से रहने को कहूँगा में तुम्हे प्यार से रहने को कहूँगा में तुम्हारी अच्छाई (goodness) को देखता हु में तुम्हारी जरुरत समझता हु में तुम्हारी भावना सुन (listen) सकता हु।
  48. अगर आप दुनिया (world) को सुधारना चाहते हो तो तो आज से ही खुद को सुधारना (improve) शुरू कर दे।
  49. सच सिर्फ एक होता है और रास्ते अनेक (many ways) होते है उन सब रास्तो में से बस एक ही रास्ता अच्छा होता है बाकि सब रास्ते (all ways) हमे बुराई की और ले जाते हैं।
  50. जो हम दुसरो (others) के साथ करते है वो सब एक दिन हमारे साथ ही होने वाला है चाहे हम अच्छा (good) कर रहे हो चाहे बुरा।
  51. अगर आपका मन (mind) कुछ करने को कहता है तो उसे सिर्फ प्यार से करे वर्ना उस काम (work) को मत करो क्योकि प्यार से हर काम सुधर जाते है और गुस्से (anger) से बिगड़ जाते है।
  52. गुस्से पर सिर्फ प्यार (love) से ही काबू पाया जा सकता है और कुछ से भी नहीं।
  53. दुनिया (world) में जितने भी लोग अपने आप की बड़ाई खुद करते है वो अपने आप की योग्यता (qualification) को कम करते है।
  54. थोड़ी सी कोशिश भी बहुत सारे उपदेशो से बेहतर (better) होती है।
  55. लड़ते-लड़ते मरना (die) डरते-डरते मरने से बहुत ज्यादा अच्छा है जिससे आपका नाम सब याद (remember) कर सके।
  56. एक पुस्तक (book) हजारो रत्नो से कही ज्यादा अच्छी होती है क्योकि पुस्तक (book) हमारे अंत:करण को उज्ज्वल बनाती है।
  57. प्यार की शक्ति (power) में सजा की शक्ति से हजारो गुना ज्यादा शक्ति (power) होती है ।
  58. ख़ुशी बाहर (outside) से मिलने वाली चीज नहीं है यह तो हमारे अन्दर (inside) बसी होती है और यह जब तक बाहर नहीं निकलती जब तक हम घमंड (attitude) और अहंकार करना छोड़ ना दे।
  59. अहिंसा ही जिन्दगी (life) जीने का सही रास्ता है और अहिंसा ही हमारा धर्म है।
  60. जब भी आपका सामना अपने किसी दुश्मन (enemy) से हो तो उससे प्यार से पेश आओ because उसे सिर्फ प्यार से ही जीता जा सकता है ना की गुस्से (anger) से अगर आप अपने विरोधी से और ज्यादा गुस्सा (anger) करंगे तो उसके दिल में आपके लिए और ज्यादा नफरत पैदा (born) होती है ना की प्यार।
  61. बहुत से लोग सोते (while sleeping) जागते सफलता के सपने देखते है की हमको सफलता (success) हाशिल हो जाये और कुछ लोग ऐसे होते है जो जागते-जागते सफलता (success) के लिए जी जान से मेहनत करने में लगे रहते है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  62. जिस काम (work) को आप खुद कर सकते हो उस काम को ओरो से करवाने की लालसा मत (avoid) करो उस काम को खुद ही कर डालो।
  63. जो आत्मविस्वास (self belief) रखता है, वो ईश्वर पर विश्वास रखता है।
  64. गलती (mistake) से किया गया पाप और पापो से कही ज्यादा कम (less) होता है लेकिन उसको छुपाना और बड़ा पाप है।
  65. प्रार्थना और भजन (prayer) ऊँची – ऊँची आवाजो से नहीं होते इसको तो मन से भी किया जा सकता है जिसे गूंगे तोतले (dumb) भी कर सकते है।
  66. स्टेज (stage) पर घंटो भर बोलने से अच्छा है एक मिनट की अच्छी बात होती है।
  67. अगर हम किसी की पूजा (prayer) करते है तो हम उसके बराबर हो जाते है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  68. दुनिया (world) को बदलना चाहते हो तो सबसे पहले अपने आप को बदलो तभी आपकी दुनिया (world) बदल सकती है।
  69. दुनिया में जब तक हम सब गलती (mistake) करने के लिए स्वतंत्र नहीं है तब तक स्वतंत्र का कोई अर्थ नही है और कोई महत्त्व (importance) नहीं है।
  70. जो पागलो पर राज करता है उसे राजा नहीं कहते राजा तो उसे कहते है जो होशियारो पर राज करे।
  71. जीवन की स्पीड (speed) बढाने के अलावा जीवन में और भी बहुत कुछ बाकि है।
  72. गुलाब (rose) को उपदेश देने की जरुरत नहीं होती है गुलाब (rose) तो अपनी खुशबु से ख़ुशी फेलता है और उसका सन्देश ही उसकी खुशबु (fragrance) होता है।
  73. भविष्य (future) में क्या होगा में यह सब नहीं सोचता में तो बस अपने वर्तमान (present) पर ध्यान देता हु  ईश्वर ने मुझे आगे वाले पलो पर कोई नियंत्रण (control) नहीं दिया है।
  74. अपनी होशियारी के टेलेंट (talent) को लेकर निश्चित होना बुद्धिमानी नहीं है आपको याद रखना चाहिए एक ताकतवर आदमी (powerful person) भी कमजोर बन सकता है और होशियार आदमी भी गलती कर सकता है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  75. मैं हिंदी भाषा (Hindi language) से और भाषाओ को नीचा नहीं दिखाना चाहता मैं तो हिंदी भाषा (Hindi language)को ही उन सब में मिलाना चाहता हूं।
  76. आदमी अपने विचारो (thoughts) से भरपूर प्राणी है और वो प्राणी जो बनने की सोचता (thinking) है वहीं बन जाता है इसलिए आप भी कुछ अच्छा सोचो।
  77. ज्यादा काम (more work) आदमी को नहीं मारता आदमी को तो अनियमितता (irregularity) मार डालती है।
  78. आदमी अगर कुछ सीखना (learn) चाहे तो खुद की गलतियो से बहुत कुछ सिख (learn) सकता है।
  79. दुनिया (world) में ऐसे बहुत से लोग है जो इतने भूखे होते है की उन सबको भगवान (bhagwan) बस रोटी के रूप में दिखाई देते है और उनका भगवान (bhagwan) वो रोटी ही बन जाती है।
  80. हो सकता है की जो काम (work) आप कर रहे है उस काम का परिणाम (result) क्या हुआ होगा और अगर आप कुछ काम ही ना करंगे तो उसका परिणाम (result) ही क्या होगा किसी भी काम का परिणाम (result) जब मिलता है जब हम उसे पूरा कर चुके होते है उससे पहले नहीं और परिणाम (result) तो हर काम का होता है।
  81. आप मुझे जंजीरों (chain) में पकड कर मुझे काट पिट कर मेरे शरीर को ख़त्म (finish) कर सकते हो मगर मेरे सोच विचारो को नहीं बदल सकते।
  82. आप जो भी काम (work) करोगे उसका फल आपको अवश्य मिलेगा लेकिन उसके लिए आपको मेंहनत (hard work) तो करनी ही पड़ेगी।
  83. मैं रोज रात (night) को जब सोने के लिए जाता हूँ तो मेरा जीवन समाप्त (finish) हो जाता है और जब सुबह जागता हु तो मेरा दूसरा जन्म (birth) होता है।
  84. आदमी (person) वो सब कुछ बन सकता है जो वो सोचता 9think) है लेकिन हम अपने आप से बस यही कहते रहंगे की मैं (me) ये नहीं कर सकता वो नहीं कर सकता तो सचमुच में हम (we) कुछ भी नहीं कर पायंगे और अगर हम सोचे (think) की में सबकुछ कर सकता हु तो सच में हम जो कुछ भी करना चाहते हैं वो सब (everything) करने की शक्ति पा सकते है।
  85. कुरीति के अधीन (under) रहोगे तो कमजोर बन जाओगे और कुरीति का विरोध (oppose) करोगे तो बलवान बन जाओगे।
  86. दुनिया (world) में एक व्यक्ति के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है अगर वह अपनी कोशिस (try) पुरी करे तो हाँ इसमें वक्त जरुर लगता है।
  87. आपकी आज्ञा (permission) के बिना आपको कोई नुकशान नहीं पंहुचा सकता।
  88. दुनिया (world) में जितने भी धर्म है उन सब को भगवान् (bhagwan) ही ने बनाया है इसलिए भगवान् का कोई धर्म (religion) नहीं है।
  89. निरंतर विकास (growth) जीवन का नियम है , और जो व्यक्ति खुद को सही (right) दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार (maintain) रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत इस्थिति में पंहुचा देता है. (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  90. यद्यपि आप अल्पमत में हों , पर सच (truth) तो सच है
  91. जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा (inner soul) की आवाज़ सुन सकता है. वह सबके भीतर है.
  92. गर्व (pride) लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न (try) में निहित है, ना कि उसे पाने में.
  93. मैं मरने (die) के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने (kill) को तैयार हूँ.
  94. किसी पर भरोसा (trust)  करना अच्छी बात है क्युकी भरोसा ना करने से कमजोरी (weakness) पैदा होती है।
  95. जो आदमी समय (time) बचाता है वह उससे धन बचाता है और बचाया हुआ धन 9money) कमाए हुए धन के समान है।
  96. एक आँख दूसरी आँख (eye) के बदले सारी दुनिया को अंधी बना सकती है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  97. पाप से जितना बच (avoid) सकते हो उतना बचो और धरती पर जितने भी पापी है उन सब से प्यार (love) करो तभी इस दुनिया से पाप का खात्मा हो सकता है।
  98. अगर आपने कोई काम (work) ऐसा किया है जिससे किसी का दिल खुश हुआ है तो उस दिल (heart) को ख़ुशी देना ऐसा है जैसे प्रार्थना में झुके हजारो सिर।
  99. मैं जब भी नाराज (angry) होता हु तो बस एक ही बात सोचता हु की जो सच (truth) और प्यार के रास्ते पर चलता है उसकी हमेशा जीत (win) होती है इसलिए आप भी ऐसा ही सोचो।
  100. सच (truth) और अहिंसा ही मेरा धर्म है और अहिंसा मेरा साधन है जो भगवान् (bhagwan) को पाने में मेरी मदद करता हैऔर मेरा सच मेरा भगवान् है।
  101. सत्य (truth) कभी भी ऐसे काम को नुकसान नहीं पहुचाता जो उचित हो।
  102. मैं मरने (die) के लिए हमेशा तैयार था लेकिन मैं कभी भी किसी को मारने 9killing) के लिए तैयार नहीं हुआ।
  103. अंतरात्मा सबके अन्दर (inside) होती है जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज सुन सकता है।
  104. जीवन का विकास (growth of life) निरंतर चलना एक नियम है और जो आदमी खुद को सही दिखाने (right show) की कोशिश में लगा रहता है वह अपने आप को एक गलत स्थिति (wrong situation) में डाल देता है और फिर उससे कभी भी बाहर नहीं निकल जाता। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  105. सोने और चांदी (gold and silver) का मूल्य कुछ नही है असली मूल्य तो हमारे शरीर (body) का है यही हमारे लिए सबसे बड़ा धन है इसका ख्याल रखना सीखो।
  106. अगर हम (we) ठोकर खाकर गिर भी जाये तो हम दोबारा से खड़े (stand) हो सकते है लड़ाई से डर कर भागने से तो इतना अच्छा है।
  107. शक्ति (power) शारीरिक क्षमता से नहीं आती यह तो एक अदम्य इच्छा शक्ति (power) से प्राप्त हो सकती है।
  108. जीवन को अगर आगे बढाने चाहते हो तो जीवन में आगे बहुत कुछ बाकि है।
  109. अहिंसा आदमी की मानवता के लिए सबसे बड़ी ताकत है यह उस हथियार को ख़त्म कर सकती है जो सबसे खतरनाक है।
  110. किसी के दिल को दुखाना सबसे बड़ा पाप है और किसी के दिल को ख़ुशी देना सबसे बड़ा पूण्य।
  111. अगर मुझमे हमेशा (हास्य) की भावना नहीं होती तो में ना जाने कब का आत्महत्या कर लेता।
  112. जब आदमी में प्यार की कमी होती है तो उसका बुरा स्वभाव उत्पन होता है और प्यार की कमी निराशा से आती है इसलिए आप कभी निराश मत होना।
  113. एक औरत या आदमी की नैतिकता उसकी सिफारिश में नहीं होती वह तो उनके दिल में पाई जाती है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  114. डर काम में लिया जाता है और कायरता किसी काम में नहीं आती जो कुछ काम की नहीं है।
  115. जो आदमी सच्चा और मन से अच्छा है उस आदमी की सभी चीजे दोस्त होती है।
  116. मैं बस लोगो के गुणों के बारे में और अच्छाइयो के बारे में देखता हु उनकी गलतियों को नहीं आप भी किसी की अच्छाई को देखो गलतियो को नहीं।
  117. एक बहादुर प्यार का दिखावा कभी नहीं कर सकता यह तो बस एक कायर ही कर सकता है।
  118. विश्वास कोई ढूढने और बटोरने की चीज नहीं है यह तो विकसित करने की क्रिया है।
  119. औरत का सबसे अच्छा आभूषण उसका चरित्र और पवित्रता होती है।
  120. मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है और जो मेहनत करते है उनको उनका फल जरुर प्राप्त होता है।
  121. आदमी अपने चरित्र से महान बनता है ना की अपनी शक्ल और सूरत से।
  122. अच्छा काम करने से इंसान को अच्छी मंजिल प्राप्त होती है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  123. अपने शरीर के विकास के साथ मन का विकास करना आपके लिए अच्छा है और अगर शरीर के साथ मन का विकास नहीं करोगे तो आपको नुकशान जरुर उठाना पड़ेगा।
  124. चिंता एक ऐसी बीमारी है जो आप को अन्दर ही अन्दर से बिल्कुल खोखला बना देती है इसलिए जिसको भी ईस्वर पर विश्वास है उसे कभी भी किसी चीज के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए।
  125. पुरी धारणा के साथ बोला गया ( नहीं ) दुसरो को ख़ुशी देना और उन सब की समस्या का निपटारा करने के लिए ( हां ) से बहुत ज्यादा अच्छा है।
  126. आपका नर्म व्यवहार सारी दुनिया को बदल सकता है इसलिए हमेशा सबके साथ प्यार से पेश आओ।
  127. आपको इंसानियत पर कभी भी भरोसा नहीं तोडना चाहिए क्योंकि इस दुनिया में इंसानियत एक ऐसा समुद्र है जहाँ अगर कुछ बूँदें गंदी हो भी जाएँ तो भी समुद्र गंदा। – महात्मा गांधी
  128. कुछ ऐसा जीवन जियो जैसे की तुम कल मरने वाले हो, कुछ ऐसा सीखो जिससे कि तुम हमेशा के जीने वाले हो।
  129. एक आँख के बदले आँख ही पूरी दुनिया को अँधा बना कर समाप्त होता है।
  130. अपने आपको जीवन में ढूँढना है तो लोगों की मदद में खो जाओ।
  131. पहले वह आपकी उपेक्षा करेंगे, उसके बाद आपपे हसंगे, उसके बाद आपसे लड़ाई करेंगे, उसके बाद आप जीत जायेंगे।
  132. यह स्वास्थय ही है जो हमारा सही धन है, सोने और चांदी का मूल्य इसके सामने कुछ नहीं।
  133. जब में सूर्यास्त और चन्द्रमा के सौंदर्य की प्रसंशा करता हूँ, मेरी आत्मा इसके निर्माता के पूजा के लिए विस्तृत हो उठती है।
  134. जहाँ प्रेम है वहीँ जीवन है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  135. शक्ति दो प्रकार के होते हैं ! एक उत्तपन होता है दंड के डर से और एक प्यार से। प्यार की शक्ति हमेशा हज़ार गुना ज्यादा प्रभावी होता है।
  136. हो सकता है हम ठोकर खाकर गिर पड़ें पर हम उठ सकते हैं; लड़ाई से भागने से तो इतना अच्छा ही है।
  137. में हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा दीखता है वह अच्छा कर रहा है तब वह अच्छाई अस्थाई होती है, और जो बुराई करती है वह स्थाई होती है।
  138. एक देश की संस्कृति दिलों में और अपने लोगों की आत्मा में रहता है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  139. प्रार्थना पूछना नहीं है, यह तो आत्मा की लालसा है, यह दुर्बलता का दैनिक स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना के समय दिल लगाना बिना वचन के वचन के साथं दिल ना होने से तो बेहतर है।
  140. सत्य एक है, मार्ग कई।
  141. अगर धैर्य लायक कुछ भी है, तो कोई भी आखरी वक्त तक और अगर जिन्दा विश्वास एक काले घने तूफान में भी खड़े रहने की शक्ति रखता है।
  142. कुछ करना है, प्यार से करें या तो ना करें
  143. शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है। एक अदम्य इच्छा शक्ति से आता है।
  144. प्रार्थना सुबह की कुंजी है और शाम का सोंदर्य।
  145. जीवन की गति बढाने की अपेक्षा भी जीवन में बहुत कुछ है। (Mahatma Gandhi | महात्मा गांधी)
  146. तुम मुझे चैन में बांधो, या मेरे साथ यंत्रणा या अत्याचार करो, या मेरे पुरे शारीर को नष्ट कर दो, परन्तु तुम मेरे मन को कैद नहीं कर सकते।
  147. किसी भी राष्ट्र की महानता उस राष्ट्र के पशुओं के प्रति प्रेम और व्यव्हार से पता चलता है।
  148. वहाँ न्याय के न्यायालयों की तुलना में एक उच्च न्यायालय है और जो कि अंतरात्मा की अदालत है। यह अन्य सभी अदालतों को प्रतिस्थापित करता है।
  149. मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है, सत्य मेरा भगवान है और अहिंसा उसे पाने का साधन।
  150. अहिंसा मानवता के लिए सबसे बड़ी ताकत है। यह आदमी द्वारा तैयार विनाश के ताकतवर हथियार से अधिक शक्तिशाली है।

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