Osho ke 10 Sarvashresht Vichar | ओशो के 10 सर्वश्रेष्ठ विचार

Osho ke 10 Sarvashresht Vichar | ओशो के 10 सर्वश्रेष्ठ विचार

  1. यह कोई मायने नहीं रखता कि आप किसे प्यार (love) करते हो, कहाँ प्यार करते हो, क्यों प्यार करते हो, कब प्यार (love) करते हो और कैसे प्यार (love) करते हो, किस लिए प्यार (love) करते हो, मायने केवल यही रखता है की आप केवल प्यार (love) करते हो।

  1. अधिक से अधिक भोले, कम ज्ञानी और बच्चों (child) की तरह बनिए। जीवन को मजे के रूप में लीजिए-क्योंकि वास्तविकता (reality) में यही जीवन है।

  1. प्यार (love) तभी सच्चा होता है जब कोई एक-दूसरे के व्यक्तिगत (personal) मामलों में दखल न दे। प्यार (love) में दोनों को एक-दूसरे का सम्मान (respect) करना चाहिए।

  1. जैन समाज के लोग भगवान बुद्ध (bhagwan budh) से इतना प्रेम करते हैं कि वो उनका मजाक (fun) भी उड़ा सकते हैं। ये अथाह प्रेम (love) की वजह से है, उनमें कोई डर नहीं (no fear) है।

  1. आप खुद (yourself) को वैसा ही बना लेते हैं जैसा आप सोचते (think) हैं कि आप हैं।

  1. जीवन कोई ट्रेजेडी (tragedy) नहीं है, ये एक कॉमेडी है, जीवित रहने का मतलब है हास्य (laugh) का बोध होना।

  1. अपने रिश्ते (relation) में हमेशा खुश रहें, तनहाई में हमेशा सतर्क (Active) रहे। ये दोनों बातें आपके लिए हमेशा मददगार (helpful) साबित होंगी क्योंकि ये बातें एक पक्षी के दो पंखों (2 feathers) के समान है।

  1. अज्ञानी बने रहना अच्छा है, कम-से-कम अज्ञान तो इसमें आपका (your own) होता है। ये प्रमाणिक है, यही सच, वास्तविकता (reality) और ईमानदारी है।

  1. जिंदगी एक आईना (mirror) है, जो हमारे ही चेहरे की प्रति कृति दिखाता है। जिंदगी में हमेशा दोस्ती (friends) से रहें तब ही आपके जीवन में मित्रता (friendship) बनी रहेगी।

  1. मनुष्य कभी भी खुद ईश्वर (ishwar) तक नहीं पहुँचता है, बल्कि जब वो जीवन (life) में तैयार होता है तो ईश्वर (ishwar) खुद उसके पास आ जाते हैं।

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