Osho ke 20 Prernadayak Vichar | ओशो के 20 प्रेरणादायक विचार

Osho ke 20 Prernadayak Vichar | ओशो के 20 प्रेरणादायक विचार

  1. बड़ा सवाल (question) ये नहीं है कितना सीखा जा सकता है… इसके उल्ट, सवाल ये हैं कि कितना भुलाया (forget) जा सकता है।

  1. इस दुनिया (world) में दोस्ती ही सच्चा प्यार है, दोस्ती का भाव प्यार (love) का सर्वोच्च रूप है जहाँ कुछ भी माँगा नहीं जाता, कोई शर्त (condition) नहीं होती, जहाँ बस दिया जाता है।

  1. अगर आप सही में सच (truth) देखना चाहते हैं तो आप न सहमति (agree) और न असहमति में राय रखिए।

  1. संसार सुंदर (beautiful) है क्योंकि इसे ईश्वर ने बनाया है, जो संसार को गंदा कहता है, वह ईश्वर (ishwar) को गंदा कहता है।

  1. अपने जीवन (life) को संगीतपूर्ण बनाओ, ताकि काव्य का जन्म हो सके, और फिर सौंदर्य ही सौंदर्य है, और सौंदर्य (beauty) ही परमात्मा का स्वरूप है।

  1. असली सवाल (question) यह है कि भीतर तुम क्या हो? अगर भीतर गलत (wrong) हो, तो तुम जो भी करोगे, वो गलत ही होगा। अगर तुम भीतर (inside) सही हो, तो तुम जो भी करोगे, वह सही होगा।

  1. आपके सारे विश्वास (trust) आपका दम घोटते चले जाते हैं, और सारे विश्वास आपको जिन्दा (alive) भी नहीं रख सकते। आपका विश्वास ही आपके जीवन (life) को मारता है।

  1. आपका विवाह (marriage) राजनीतिक शासन करने का छोटा रूप है। जिसमें आपके माता और पिता छोटे राजनेता (small politician) होते हैं।

  1. श्रेष्ठता से सोचने (think) वाला हमेशा तुच्छ कहलाता है, क्योंकि ये एक ही सिक्के (coin) के दो पहलू है।

  1. अगर आप खुद अपनी कंपनी (company) का आनंद नहीं लेते हो, तो आप एक महान जिंदगी (great life) जी रहे हो, क्योंकि प्यार ही जिंदगी को महान (great) बनाता है।

  1. जीवन (life) का कोई महत्व नहीं है। खुश रहो! फिर भी जीवन का कोई महत्व (importance) नहीं होगा। नाचो, गाओ, झूमो! फिर भी जीवन का कोई महत्व नहीं होगा। आपको सीरियस (serious) बनने की जरुरत है। ये एक बहुत बड़ा मजाक (joke) होगा।

  1. मुझे आज्ञाकारी (sincere) लोगों जैसे अनुयायी नहीं चाहिए। मुझे बुद्धिमान दोस्त (friends) चाहिए, जो यात्रा के समय मेरे सहयोगी (partners) हो।

  1. वह इंसान जो भरोसा (trust) करता है वह जिंदगी में आराम करता है और वह इंसान (person) जो भरोसा नहीं करता वह परेशान, डरा हुआ और कमजोर (weak) रहता है।

  1. वह इंसान जो अकेले रहकर भी खुश (happy) है असल में वही इंसान कहलाने योग्य है। अगर आपकी खुशी दूसरों पर निर्भर (depend) करती है तो आप एक गुलाम हो। अभी आप पूरी तरह से मुक्त नहीं हुए हो अभी आप गुलामी (slave) में बंधे हो।

  1. आधे-अधूरे ज्ञान (knowledge) के साथ कभी आगे न बढ़ें। ऐसा करने पर आपको लगेगा कि आप अज्ञानी हो, और अंत (till end) तक अज्ञानी ही बने रहोगे।

  1. एक शराबी (drunker) बने, जिसमें जीवन के अस्तित्व की शराब (alcohol) को पिए। कभी भी मासूम न बने, क्योंकि मासूम हमेशा मरे (dead) हुए होते है।

  1. आपका दिल (heart) ही आपका सबसे बड़ा शिक्षक है, आपको उसी की सुननी (listen) चाहिए। लेकिन जीवन की यात्रा (travel) में आपका अंतर्ज्ञान ही आपका शिक्षक (teacher) होता है।

  1. हमेशा सावधान (beware) रहे। अपने अंतःकरण में झांके, आप पाओगे कि आप नकारात्मक विचारों (negative thoughts) से जुड़े हो और ये नकारात्मक विचार आपका अहंकार ही है।

  1. प्यार (love) की सर्वश्रेष्ठ सीमा आजादी है, पूरी आजादी। किसी भी रिश्ते (relation) के खत्म होने का मुख्या कारण आजादी (independence) का न होना ही है।

  1. अपने भूतकाल (past) का अनावश्यक बोझ न रखें। सिर्फ उन्हीं विषयों (topics) के नजदीक जाए जिसे आपने पढ़ा हो, ऐसा करने से कभी आपको बार-बार पीछे मुड़ने (no need to see back again) की जरुरत नहीं होगी।

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