पहले खुद को बदलो Prernadayak Kahaniya In Hindi
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पहले खुद को बदलो | Prernadayak Kahaniya In Hindi

पहले खुद को बदलो | Prernadayak Kahaniya In Hindi | Pehle Khud Ko Badlo

एक समय की बात है, एक महिला (woman) महात्मा (Mahatma) गांधीजी के पास आई और उनसे पूछा की वे उनके बेटे से कहे की वह शक्कर खाना छोड़ दे. (Prernadayak Kahaniya In Hindi)

गांधीजी ने उस महिला (woman) को अपने बच्चे (children’s) के साथ एक हफ्ते बाद आने के लिए कहा. पुरे एक हफ्ते बाद ही वह महिला (woman) अपने बच्चे (children’s) के साथ वापिस आई, और गांधीजी ने उसके बेटे से कहा, “बेटा, कृपया शक्कर खाना छोड़ दो.”

जाते-जाते उस महिला (woman) ने महात्मा (Mahatma) गांधी जी का शुक्रियादा किया और जाने के लिए पीछे मुड ही रही थी की उसने गांधीजी से पूछा, की उन्होंने यही शब्द एक हफ्ते पहले उसके बेटे (son) से क्यू नही कहे थे.

गांधीजी ने नम्रता से जवाब दिया, “क्यू की एक हफ्ते पहले, मैंने शक्कर (sugar) खाना बंद नहीं किया था.”

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सीख – Moral of the Story

यदि आपको दुनिया को बदलना है, तो सबसे पहले आपको अपने आप को बदलना होंगा. यही महापुरुष महात्मा (Mahatma) गाँधी के शब्द थे.

दोस्तों, हम सभी में दुनिया बदलने की ताकत है पर इसकी शुरुवात (starting) खुद से ही होती है. कुछ और बदलने से पहले हमें खुद को बदलना होंगा…. हमें खुद को तैयार करना होंगा… अपनी काबिलियत की अपनी ताकत बनाना होंगा….

अपने रवैये (Attitude) को सकारात्मक (Positive) बनाना होंगा…. अपनी चाह को फौलाद करना होंगा… और तभी हम वो हर एक बदलाव ला पाएंगे जो हम सचमुच में लाना चाहते है..

दोस्तों, इसी बात को महात्मा (Mahatma) गाँधी ने बड़े ही प्रभावी ढंग से कहा है,

“खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया (world) में देखना चाहते है.”

तो चलिए क्यों ना आज से ही हम गांधीजी (Gandhi ji) की राहो पर चलने की कोशिश करे. और पहले खुद में वो बदलाव लाये जो आप दुनिया में अपने आसपास में देखना चाहते हो.

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