Rabindranath Tagore ji ke 25 Anmol Vachan , रविंद्रनाथ टैगोर जी के 25 अनमोल विचार
Anmol Vachan अनमोल वचन

Rabindranath Tagore ji ke 25 Anmol Vachan in Hindi

Rabindranath Tagore ji ke 25 Anmol Vachan – रविंद्रनाथ टैगोर जी के 25 अनमोल विचार

Rabindranath Tagore ji ke 25 Anmol Vachan

  1. जो कुछ हमारा है वो हम तक आता है , यदि हम उसे ग्रहण (accept) करने की क्षमता रखते हैं।
  1. कट्टरता सच को उन हाथों में सुरक्षित (safe) रखने की कोशिश करती है जो उसे मारना चाहते हैं।
  1. जो मन की पीड़ा (pain) को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध (anger) अधिक आता है।
  1. मौत प्रकाश को ख़त्म (finish) करना नहीं है; ये सिर्फ दीपक को बुझाना है क्योंकि सुबह हो गयी है।
  1. हर एक कठिनाई जिससे आप मुंह मोड़ लेते हैं,एक भूत (ghost) बन कर आपकी नीद में बाधा डालेगी।
  1. किसी बच्चे की शिक्षा (study of child) अपने ज्ञान तक सीमित मत रखिये, क्योंकि वह किसी और समय में पैदा (birth) हुआ है।

Subhash Chandra Bose

  1. वो जो अच्छाई करने में बहुत ज्यादा व्यस्त (busy) है ,स्वयं अच्छा होने के लिए समय नहीं निकाल पाता।
  2. हर बच्चा इसी सन्देश (sign) के साथ आता है कि भगवान अभी तक मनुष्यों से हतोत्साहित नहीं हुआ है।
  1. हम ये प्रार्थना (prayer) ना करें कि हमारे ऊपर खतरे न आयें, बल्कि ये करें कि हम उनका सामना करने में निडर (brave) रहे।
  1. समय परिवर्तन (change) का धन है, परन्तु घड़ी उसे केवल परिवर्तन के रूप में दिखाती है, धन (money) के रूप में नहीं।
  1. जिस तरह घोंसला सोती हुई चिड़िया (sparrow) को आश्रय देता है, उसी तरह मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है।
  1. मनुष्य (human) महानदी की भांति है जो अपने बहाव द्वारा नवीन दिशाओ (directions) में राह बना लेती है।
  1. विश्वास वह पक्षी (bird) है जो प्रभात के अंधकार में ही प्रकाश का अनुभव करता है, और गाने (sing) लगता है।
  1. विश्वविद्यालय (universities) महापुरुषों के निर्माण के कारखाने है और अध्यापक (teacher) उन्हें बनाने वाले कारीगर है।
  1. केवल प्रेम (love) ही वास्तविकता है , ये महज एक भावना नहीं है.यह एक परम सत्य है जो सृजन के ह्रदय (lives in heart) में वास करता है।
  1. आपकी मूर्ति का टूट कर धूल में मिल जाना इस बात को साबित (prove) करता है कि इश्वर की धूल आपकी मूर्ति से महान है।
  1. सच्ची आध्यात्मिकता, जिसकी शिक्षा (study) हमारे पवित्र ग्रंथो में दी हुई है, वह शक्ति है, जो अंदर और बाहर के पारस्परिक शांतिपूर्ण संतुलन (balance) से निर्मित होती है। (Rabindranath Tagore ji ke 25 Anmol Vachan)
  1. स्वर्ण (gold) कहता है -मुझे न तो आग से तपाने का दुःख है , न काटने पीसने से और न कसौटी पर कसने से, मेरे लिए तो जो महान दुःख (reason of sadness) का कारण है, वह है घुंघची के साथ मुझे तोलना।
  1. तर्कों की की झड़ी, तर्कों की धूलि और अन्धबुद्धि ये सब आकुल व्याकुल होकर लौट जाती है, किन्तु विश्वास(believe) तो अपने अन्दर ही निवास करता है, उसे किसी प्रकार का भय (fear) नहीं है।
  1. साधारण दिखने वाले लोग  ही  दुनिया  (world) के  सबसे  अच्छे  लोग  होते  हैं : यही  वजह  है  कि  भगवान  ऐसे  बहुत  से  लोगों का निर्माण (develop) करते हैं।
  1. उच्चतम शिक्षा (high study) वो है जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व (whole personality) के साथ सद्भाव में लाती है।
  1. बर्तन में रखा पानी (Water) चमकता है; समुद्र का पानी अस्पष्ट होता है. लघु सत्य स्पष्ठ शब्दों से बताया जा सकता है, महान सत्य मौन (silent) रहता है।
  1. सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग एक ऐसे चाक़ू (knife) की तरह है जिसमे सिर्फ ब्लेड है। यह इसका प्रयोग करने वाले के हाथ से खून (blood) निकाल देता है।
  1. मैं एक आशावादी (ashawadi) होने का अपना ही संस्करण बन गया हूँ. यदि मैं एक दरवाजे से नहीं जा पाता तो दूसरे से जाऊंगा- या एक नया दरवाजा बनाऊंगा. वर्तमान (present) चाहे जितना भी अंधकारमय हो कुछ शानदार सामने आएगा।
  1. मैं सोया और स्वप्न (dream) देखा कि जीवन आनंद है. मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है. मैंने सेवा की और पाया कि सेवा आनंद है।

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Rabindranath Tagore ji ke 25 Anmol Vachan

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