भारतीय पावन पर्व रक्षाबंधन पर जाने 21 रोचक तथ्य , 21 Interesting about Indian Festival Raksha Bandhan
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21 Interesting Facts about Indian Festival Raksha Bandhan in Hindi

भारतीय पावन पर्व रक्षाबंधन पर जाने 21 रोचक तथ्य – 21 Interesting Facts about Indian Festival Raksha Bandhan

जानिए क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन – Why Celebrating Raksha Bandhan

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। यह त्योहार भाई-बहन (brother sister) के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहने अपने भाइयों की कलाई पर राखी (rakhi) बाँधती हैं और अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई (brother) अपनी बहन को उसकी रक्षा का वचन (promise) देता है।

भविष्‍य पुराण की कथा –  Bhavishya Puran ki Katha

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धरती की रक्षा (safety) के लिए देवता और असुरों में 12 साल तक युद्ध (War) चला लेकिन देवताओं को विजय नहीं मिली। तब देवगुरु (devguru) बृहस्पति ने इंद्र की पत्नी शची को श्राणण शुक्ल की पूर्णिमा के दिन व्रत (vrat) रखकर रक्षासूत्र बनाने के लिए कहा। इंद्रणी ने वह रक्षा सूत्र (raksha sutra) इंद्र की दाहिनी कलाई में बांधा और फिर देवताओं ने असुरों को पराजित (defeat) कर विजय हासिल की।

कृष्ण और द्रौपदी – Krishan Aur Draupdi

महाभारत (mahabharat) की एक कथा के अनुसार भगवान कृष्ण (bhagwan krishan) ने शिशुपाल का वध करने के लिए जब सुदर्शन चक्र (sudarshan chakra) का इस्तेमाल किया तब उनकी तर्जनी ऊँगली में चोट लग गई, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी (part of a saree) के एक हिस्से को फाड़ दिया और इसे कृष्णा (shri krishan) की उंगली के चारों ओर बांध दिया जिससे रक्तस्राव (bleeding) रुक गया । इसके बदले, कृष्ण ने संकट के समय द्रौपदी (draupdi) को बचाने का वादा किया।

यम और यमुना – Yum Aur Yamuna

एक अन्य कथा (story) के अनुसार, मृत्यु के देवता यम ने अपनी बहन यमुना (yamuna) को 12 साल से नहीं देखा था। यमुना दुखी थी और उन्होने गंगा (ganga) से परामर्श किया.

गंगा ने यम को उनकी बहन यमुना का याद दिलाया, जिसके बाद यम (yam) अपनी बहन से मिलने गए. यमुना अपने भाई को देखकर बहुत खुश (happy) हुई, और यम के लिए उपहार के रूप में भोजन (food) तैयार किया। भगवान यम प्रसन्न हुए और यमुना (yamuna) से पूछा कि उन्हें क्या उपहार चाहिए ।

यमुना (yamuna) ने कहा कि वह, उनसे मिलने फिर दुबारा आये। यह कहानी भारत (india) के कुछ हिस्सों में भाई दूज नामक एक त्योहार (festival) का आधार है.

अलेक्जेंडर की पत्नी रोक्साना और किंग पोरस – Alexender ki Wife Roxana and King Poras

एक कहानी अनुसार, जब सिकंदर (sikander) महान ने 326 ईसा पूर्व में भारत पर आक्रमण (attack) किया, तब उनकी पत्नी रोक्साना ने पोरस को एक पवित्र धागा (holy thread) भेजा,और उससे कहा कि लड़ाई में वे उनके पति को नुकसान (damage) नहीं पहुचाये.

परंपरा के अनुसार, कैकेय साम्राज्य के राजा पोरस (raja poras) ने राखी के प्रति पूर्ण सम्मान दिया। हाइडस्पेश की लड़ाई (War) में, जब पोरस ने अपनी कलाई पर राखी (rakhi) को देखा तब ऊसने खुद को सिकंदर पर हमला (attack) करने से रोक दिया।

रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूं – Rani Karnavati and Samrat Humayu

1535 CE में जब चित्तौड़ के रानी कर्णावती (rani karnavati) को एहसास हुआ कि वह गुजरात के सुल्तान, बहादुर शाह (bahadur shah) के आक्रमण से अपने राज्य (state) का बचाव नहीं कर सकती तब उसने सम्राट हुमायूं (samrat humayu) को एक राखी भेजी.

कहानी के अनुसार, हुमायूं चित्तौड़ की रक्षा के लिए अपने सैनिकों (soldiers) के साथ रवाना हो गए आर सुल्तान बहादुर शाह के साथ युद्ध (War) करके उनके राज्य की रक्षा की|

इस दिन सभी नए-नए कपड़े (new clothes) पहनते हैं। सभी का मन हर्ष और उल्लास से भरा होता है। बहनें (sisters) अपने भाइयों के लिए खरीदारी करती हैं, तो भाई अपनी बहनों के लिए साड़ी (Saree) आदि खरीदते हैं और उन्हें देते हैं। यह खुशियों का त्योहार है।

हमारे हिन्दू समाज (hindu culture) में वो लोग इस त्योहार को नहीं मनाते, जिनके परिवार में से रक्षाबंधन (raksha bandhan) वाले दिन कोई पुरुष-भाई, पिता, बेटा, चाचा, ताऊ, भतीजा-मर जाता है।

इस पुण्य पर्व (holy day)पर किसी पुरुष के निधन से यह त्योहार खोटा हो जाता है। फिर यह त्योहार (festival) पुनः तब मनाया जाता है जब रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के ही दिन कुटुंब या परिवार में किसी को पुत्र (son) की प्राप्ति हो।

हमारे हिन्दू समाज (hindu culture) में ऐसी कई परंपराएँ हैं, जो सदियों से चली आ रही हैं। उन्हें समाज (society) आज भी मानता है। यही परंपराएँ (tradition) हमारी संस्कृति भी कहलाती हैं। परंतु कई परंपराएँ, जैसे—बाल विवाह (child marriage), नर-बलि, सती प्रथा-आदि को कुरीति मानकर हमने अपने जीवन (life) से निकाल दिया है; परंतु जो परंपराएँ (traditions) हितकारी हैं, उन्हें हम आज भी मान रहे हैं।

अत: रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार एक ऐसी परंपरा है, जो हमें आपस में | जोड़ती है इसलिए इसे आज भी सब धूमधाम और पूरे उल्लास (hppiness) के साथ मनाते हैं।

कैसे मनाएं रक्षा बंधन का त्यौहार ? – How to Celebrate Raksha Bandhan

– थाल में रोली, चन्दन (chandan), अक्षत, दही, रक्षासूत्र, और मिठाई (sweets) रखें|

– घी का एक दीपक (deepak) भी रखें, जिससे भाई की आरती करें|

– रक्षा सूत्र और पूजा की थाल सबसे पहले भगवान (bhagwan) को समर्पित करें|

– इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर (north) की तरफ मुंह करवाकर बैठाएं|

– पहले भाई को तिलक लगाएं ,फिर रक्षा सूत्र (raksha sutra) बांधें, फिर आरती करें|

– फिर मिठाई खिलाकर भाई (brother) की मंगल कामना करें|

– रक्षासूत्र बंधने के समय भाई तथा बहन (brother and sister) का सिर खुला नहीं होना चाहिए|

– रक्षासूत्र बंधवाने के बाद माता पिता (parents) और गुरु का आशीर्वाद लें तत्पश्चात बहन को सामर्थ्य के अनुसार उपहार (gift) दें|

– उपहार (gifts) में ऐसी वस्तुएं दें जो दोनों के लिए मंगलकारी हो, काले वस्त्र (black clothes) तथा तीखा या नमकीन खाद्य न दें|

रक्षासूत्र या राखी कैसी होनी चाहिए ?

– रक्षासूत्र तीन धागों (3 threads) का होना चाहिए|

– लाल, पीला (yellow) और सफ़ेद|

– अन्यथा लाल और पीला धागा (yellow thread) तो होना ही चाहिए|

– रक्षासूत्र में चंदन (chandan) लगा हो तो बेहद शुभ होगा|

– कुछ न होने पर कलावा (kalava) भी श्रद्धा पूर्वक बांध सकते हैं|

रक्षाबंधन पर जाने रोचक तथ्य – Interesting Facts about Raksha Bandhan

Fact No. 1 : रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) एक ऐसा त्योहार (festival) है जो सिर्फ भाई और बहन का त्योहार (festival of brother and sister) माना जाता है.

Fact No. 2 : रक्षाबंधन भाई और बहन के प्रेम का पवित्र बंधन (holy bond) है.

Fact No. 3 : रक्षाबंधन एक ऐसा बंधन है जिसे रक्षा की कामना (wishing safety) के लिए बांधा जाता है.

Fact No. 4 : रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) शब्द का अर्थ (meaning) रक्षा का बंधन है.

Fact No. 5 : राखी हमेशा दाहिनी कलाई (right wrist) पर बाँधी जाती है.

Fact No. 6 : राखी का धागा कच्चे सूत (cotton) के अलावा रेशमी (silky) धागे तथा सोने (gold), चाँदी (silver) जैसी मँहगी वस्तु का भी होता है.

Fact No. 7 : बहने अपने भाई को राखी बांधकर उसकी लम्बी आयु (wishing long age) की कामना करती है तो वही भाई अपनी बहन को हर मुसीबत से बचाने (promise to save sister from all problems) का वचन देता है.

Fact No. 8 : बहन की शादी (marriage of sister) हो जाने के बाद भी बहने रक्षाबन्धन के दिन अपने भाई को राखी बाँधने अपने मायके (come to home) आती है.

Fact No. 9 : रक्षाबंधन हर साल (every year) सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है.

Fact No. 10 : रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) को श्रावणी और सलूनो नाम से भी (known as these 2 names too) जाना जाता है.

Fact No. 11 : रक्षाबन्धन को भारत (india) की गुरु और शिष्य परंपरा (teacher and student) का प्रतीक (tradition symbol) भी माना जाता है.

Fact No. 12 : रक्षाबन्धन हमारे देश भारत के अलावा नेपाल (Nepal) और मॉरिशस (Mauritius) में भी मनाया जाता है.

Fact No. 13 : अमरनाथ (bhagwan amaranth) की धार्मिक यात्रा गुरु पूर्णिमा (guru purnima) को शुरू होती है और रक्षाबन्धन के दिन पूरी होती है.

Fact No. 14 : रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) के पावन पर्व पर विशिष्ट पकवान (special dishes) भी बनाये जाते हैं जिसमे शकरपारे, नमकपारे, घेवर, और घुघनी आदि (are included) शामिल है.

Fact No. 15 : भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पुरुष सदस्य आपसी भाईचारे (brotherhood) के लिये एक – दूसरे को राखी बाँधते हैं.

Fact No. 16 : पेड़ो की रक्षा (safety of trees) के लिए भी वर्तमान (present time) में वृक्षों पर राखी बाँधी जाती है.

Fact No. 17 : रक्षाबन्धन के दिन भारत (india) में कई जगह भाई के कान (ears) के ऊपर भुजरियाँ लगायी जाती है.

Fact No. 18 : रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) का त्यौहार महाराष्ट्र (Maharashtra) में नारियल पूर्णिमा के नाम से (famous) प्रसिद्ध है.

Fact No. 19 : रक्षाबन्धन के इस पावन पर्व (holy occasion) पर कई हिन्दी फिल्मे (hindi movies) भी बनी है. जिसमे राखी, राखी और हथकड़ी, राखी और राइफल, रक्षाबन्धन आदि (famous movies) फिल्मे प्रमुख है.

Fact No. 20 : भारत सरकार (Indian government) का डाक विभाग (post office) इस दिन एक विशेष लिफाफा (special envelope) तैयार करता है. जिसकी कीमत दस रूपये (ten rupees price) होती है. इसमें आप कई राखियाँ एक साथ भेज सकते है.

Fact No. 21 : रक्षाबंधन का त्योहार ऐसा त्योहार (festival) है जो समाज में प्रेम और भाईचारे (grows love and brotherhood) को बढ़ावा देता है. यह त्यौहार हमें त्याग और पवित्रता का सन्देश (message) देता है.

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राखी के पावन पर्व से जुड़ी खास बातें – Interesting things related to Raksha Bandhan

  • रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) सावन का आखिरी दिन होता है इसीकारण इसे श्रावणी (shravni-सावनी) या सलूनो भी कहते हैं।
  • राखी सामान्यतः बहनें भाई (brother) को ही बांधती हैं लेकिन हमारे देश में ब्राह्मणों, गुरुओं (teachers) और नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी (rakhi) बांधी जाती है।
  • देश में कहीं जगह वृक्ष (tree) को और भगवान को भी राखी बांधने की परंपरा (tradition) है। इस दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पुरुष भाईचारे के लिये एक दूसरे को भगवा रंग की राखी (rakhi) बांधते हैं।
  • हिन्दू धर्म (hindu religion) के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षासूत्र बांधते समय पण्डित या आचार्य संस्कृत (sanskrit) में एक श्लोक का उच्चारण करते हैं, जो कि राजा बलि (raja bali) से जुड़ा हुआ है जिसमें कहा जाता है जिस रक्षासूत्र (raksha sutra) से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र (sutra) से मैं तुझे बांधता हूँ, तू अपने संकल्प से कभी भी विचलित न हो। भारत (india) के कई राज्यों में इस दिन बहनों की ओर से भाई के कान (ear of brother) के ऊपर भोजली या भुजरियां लगाने की परंपरा है, जो कि भाईयों (brothers) के लंबी उम्र के लिए किया जाता है।
  • देश से बाहर नेपाल के पहाड़ी (mountains of nepal) इलाकों में ब्राह्मण और क्षेत्रीय समुदाय में रक्षा बन्धन (Raksha Bandhan) पर गुरू के हाथ में राखी (rakhi) बांधी जाती है।
  • राखी (rakhi) प्यार और वचन का त्यौहार है इसलिए इसका प्रयोग भारतीय (indian) स्वतन्त्रता संग्राम में जन जागरण के लिये किया गया था, जो कि गुरूदेव रविंद्र नाथ टैगोर (ravinda nath tagore) ने चलाया था।
  • अमरनाथ यात्रा भी रक्षाबन्धन (Raksha Bandhan) के दिन पूरी होती है। माना जाता है कि इसी दिन हिमानी शिवलिंग (shivling) भी आकार ग्रहण करता है।
  • महाराष्ट्र राज्य (maharashtra state) में यह त्योहार नारियल पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन मराठी लोग (marathi peoples) नदी या समुद्र के तट पर जाकर अपने जनेऊ (janeu) बदलते हैं और समुद्र की पूजा करते हैं।
  • राजस्थान (rajasthan) में इस दिनरामराखी और चूड़ाराखी या लूंबा बांधने का रिवाज़ (tradition) है।
  • रामराखी केवल भगवान (bhagwan) को ही बांंधी जाती है जबकि चूड़ा राखी भाभियों (bhabhi) को नंदें बांधती हैं। तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और उड़ीसा (odisha) के दक्षिण भारतीय ब्राह्मण इस पर्व (festival) को अवनि अवित्तम कहते हैं।

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