Ramayan ke 10 Anmol Vichar | रामायण के 10 अनमोल विचार

Ramayan ke 10 Anmol Vichar | रामायण के 10 अनमोल विचार

  1. हमेशा प्रसन्न (be happy) रहना कुछ ऐसा है जिसे प्राप्त करना कठिन (difficult) है। कहने का अर्थ है, प्रसन्नता और दुःख (sad) किसी के जीवन में आते-जाते रहते हैं और ऐसा नही हो सकता ही कि लगातार सिर्फ प्रसन्नता (happiness) ही बनी रहे।

  1. केवल डरपोक (coward) और कमजोर ही चीजों को भाग्य (leave on luck) पर छोड़ते हैं लेकिन जो मजबूत और खुद पर भरोसा (believe in yourself) करने वाले होते हैं वे कभी भी नियति या भाग्य पर निर्भर (depend) नही करते।

  1. दुःख व्यक्ति का साहस खत्म (finish) कर देता है। वह व्यक्ति की सीख खत्म (finish) कर देता है। हर किसी का सबकुछ नष्ट (destroy) कर देता है। दुःख से बड़ा कोई शत्रु (enemy) नहीं है।

  1. बच्चों (childrens) के लिए उस कर्ज को चुकाना मुश्किल है जो उनके माता-पिता (parents) ने उन्हें बड़ा करने के लिए किया है।

  1. किसी भी नेक उद्देश्य (good cause) की प्राप्ति के लिए निम्नलिखित (below written) गुणों का होना आवश्यक हैं: उदास व दुखी (sad) न होना , अपने कर्तव्य पालन की क्षमता, अथवा कठिनाइयों का बल पूर्वक (face your problems strongly) सामना करने की क्षमता।

  1. यदि जीवित (live) रहेंगे तो सुख और आनंद की प्राप्ति कभी न कभी (sure) अवश्य होगी।

  1. सर्वनाश के प्रमुख 3 कारण इस प्रकार हैं : दूसरों के धन की चोरी (money theft), दूसरे की पत्नी पर बुरी नजर और अपने ही मित्रों (friends) के चरित्र व अखंडता पर शक।

  1. उदास (sad) न होना, कुंठित न होना अथवा मन को टूटने (broken) न देना ही सुख और समृद्धि का आधार (platform) है।

  1. क्रोध हमारा शत्रु (enemy) है, और हमारे जीवन का अंत करने में समर्थ (capable) है, क्रोध हमारा ऐसा शत्रु है जिसका चेहरा (face) हमारे मित्र जैसा लगता हैं। क्रोध एक तलवार (sword) की तेज धार की भांति है। क्रोध हमारा सबकुछ नष्ट (destroy everything) कर सकता है।

  1. किसी भी व्यक्ति की वास्तविक स्थिति (right situation) का ज्ञान उसके आचरण (behavior) से होता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *