कब्ज़ के कारण – Reasons of Constipation
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कब्ज़ के कारण – Reasons of Constipation

कब्ज़ के कारण – Reasons of Constipation

खाने पीने की गड़बड़ चटपटे मजेदार करारे खटाई वाले पकवान खाओगे तो यह आनन्द तो खूब आता है। परन्तु इस आनन्द के पश्चात जो दःख आज है उसके बारे में कोई सोचने की चेष्टा ही नहीं करता। (Reasons of Constipation)

स्वादिष्ट और चटपटे खाने खाने वालों को कब्ज़ रोग के साथसाथ और भी कई रोग लग जाते हैं। जैसे पेट दर्द, खांसी. भख न लगना, शरीर का भारीपन, सुस्ती, किसी काम को मन न करना यह सब रोग लगेंगे तो कब्ज का रोग तो पहले से ही अपना डेरा जमा कर बैठ जाएगा।

क्योंकि कब्ज़ से ही हमारे शरीर में अनेक रोग पैदा होते हैं। मुंह के स्वाद और आनन्द के लिये आप अपने जीवन से स्वयं ही खेलते हैं।

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समय पर शौच न जाना

प्रकृति ने अपने नियम बना रखे हैं इस संसार के हर प्राणी को जल, वायु, प्रकाश तथा पेट भरना उसके शरीर की रक्षा यह सब प्रकति नियमों का ही अंग है।

खाने-पीने के पश्चात् जो पौष्टिक आहार हमारे शरीर को चलाते हैं उनका गंदा भाग संढास और मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकालने का प्रबंध भी प्रकृति नियमों का ही एक अंग है।

यदि यह गंदा अंश हमारे शरीर से समय पर अपने आप बाहर नहीं निकल पाता तो हमारे शरीर की हालत उस रुके हुए गंदे पानी जैसी हो जाती है जो एक स्थान पर जमा हो कर बदबू छोड़ने लगता है अथवा कई स्थानों पर पड़े गंदगी के ढेरों जैसी जिनके पास से निकलने में भी बदबू आती है।

यही हालत उस समय मानव शरीर की होती है जब उसे समय पर और खुलकर शौच न आए। इसे ही हम कब्ज रोग का नाम देते हैं। (Reasons of Constipation)

इसका दूसरा कारण है

जब प्राकृतिक रूप से हमें शौच की इच्छा होती है तो बहुत से लोग उसे रोक लेते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी भूल होती है। हमारे भारत वर्ष की अधिकतर जनसंख्या छोटे-छोटे कस्बों और गांवों में बसी हुई है। हम बड़े शहरों के वासी तो करीब करीब जीवन की ऐसी सब सुविधाओं को प्राप्त कर चुके हैं।

परन्तु बड़े शहरों में भी कुछ लोग जो झुगी झौंपयिों के वासी हैं उनको ऐसी सुविधा प्राप्त नहीं है इसलिये समय पर मल त्याग नहीं कर पाते और एक वर्ग ऐसा भी है जो केवल काम काज के लोभ में ही समय पर शौच नहीं जा सकता। कई धन के लोभी भी ऐसी भूल कर जाते हैं। (Reasons of Constipation)

इन सब का परिणाम क्या निकलता है ? जैसे गंदे पानी में अनेक प्रकार के कीड़े मकौड़े तथा उस पर मच्छर पैदा होने लगते हैं ठीक ऐसी ही हालत हमारे पेट की हो जाती है जिसका प्रभाव हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है और हम “अनेक प्रकार के रोगों का शिकार हो जाते हैं।” “अब सोचना तो यह है कि क्या यह रोग प्राकृतिक है ?” नहीं, ऐसी बात नहीं है।

इस रोग के जुम्मेवार, अधिकतर लोग स्वयं ही होते हैं जो प्रकृति के नियमों का पालन नहीं करते और इस रोग के हाथों पीड़ित हो कर एक कब्ज रोग ही नहीं इस के कारण अनेक रोगों का शिकार हो जाते

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