Sai Baba ke 20 Prernadayak Anmol Vachan | साईं बाबा के 20 प्रेरणादायक अनमोल वचन

Sai Baba ke 20 Prernadayak Anmol Vachan | साईं बाबा के 20 प्रेरणादायक अनमोल वचन

1. मनुष्य की महत्ता (importance) उसके कपड़ों से नहीं बल्कि उसके आचरण (behavior) से होती है।  

2. अँधा (blind) वो नहीं जिसकी आँखें नहीं है, अँधा (blind) वह है जो अपने दोषों को छिपाता है।  

3. मैं अपने भक्तों का अनिष्ट (bad) नहीं होने दूंगा। 

4. तुम (you) जो भी करते हो, तुम चाहे जहाँ भी हो, हमेशा इस बात को याद (remember) रखो-मुझे हमेशा इस बात का ज्ञान (knowledge) रहता है कि तुम क्या कर रहे हो।

5. अगर कोई (if someone) सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता (listen) है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान (bhagwan) तक पहुंच जाएगा। 

6. मैं अपने भक्त (devotee) का दास हूँ। 

7. भूखे को अन्न (food) दो, प्यासे को जल दो, नंगे को वस्त्र (cloth) दो तब भगवान प्रसन्न होंगे। 

8. अगर तुम धनवान (rich) हो तो कृपालु बनो क्योंकि जब वृक्ष पर फल (fruit) लगते हैं तो वह झुक जाता है।

9. जो मुझसे प्यार (love) करते हैं मेरी कृपा उन पर बनी रहती है। 

10. एक बार निकले बोल (words) वापस नहीं आतें, अतः सोच समझ के बोलें। 

11. जहाँ मैं हूँ वहां कैसा (fear) डर। 

12. अगर आप प्रतिस्पर्धा (competition) और विवादों से बचते हैं तब ईश्वर (ishwar) आपकी रक्षा करता है। 

13. मैं बिना भगवान (bhagwan) की सहमति के कुछ नहीं कर सकता। 

14. मैं भक्ति से प्रेम (love) करता हूँ। 

15. मैं बिना आकर (no shape) का हूँ और सभी जगह हूँ। 

16. मैं सभी जगह व्याप्त (everywhere) हूँ और उससे भी परे हूँ मैं सभी खाली स्थानों (places) में हूँ। 

17. जो ऐसा सोचते हैं कि बाबा सिर्फ शिरडी (shirdi) में हैं वो मुझे जानने में पूरी तरह विफल हैं। 

18. आप जो भी देखते (see) हैं मैं उस सब में संग्रहित हूँ। 

19. मैं सभी को समान (equally) रूप में देखता हूँ। 

20. मैं न चलता (walk) या हिलता हूँ।

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