Shiv Rudrashtakam Stotra - श्री शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र
Bhajan Dharmik

Shiv Rudrashtakam Stotra – श्री शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र

Shiv Rudrashtakam Stotra – श्री शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र Shiv Rudrashtakam Stotra – श्री शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्॥ अर्थ (Stotra Meaning in Hindi): नमामीशम् – श्री शिवजी, मैं आपको नमस्कार करता हूँ जो ईशान – ईशान दिशाके ईश्वर निर्वाणरूपं – मोक्षस्वरुप विभुं व्यापकं – सर्व्यवापी ब्रह्मवेदस्वरूपम् […]

Chalo Shiv Shankar Ke Mandir  - चलो शिव शंकर के मंदिर
Bhajan Dharmik

Chalo Shiv Shankar Ke Mandir  – चलो शिव शंकर के मंदिर

Chalo Shiv Shankar Ke Mandir  – चलो शिव शंकर के मंदिर Chalo Shiv Shankar Ke Mandir  – चलो शिव शंकर जी के मंदिर Liya naam jisane bhi Shivji ka man se Use Bhole Shankar ne apana banaaya. Khule us pe sab dwaar Shiv ki daya ke Jo shraddha se bhole ke mandir mein aaya. Har […]

Shankar Mera Pyara - शंकर मेरा प्यारा
Bhajan Dharmik

Shankar Mera Pyara – शंकर मेरा प्यारा

Shankar Mera Pyara – शंकर मेरा प्यारा शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा । माँ री माँ मुझे मूरत ला दे, शिव शंकर की मूरत ला दे, मूरत ऐसी जिस के सर से निकले गंगा धारा ॥ माँ री माँ वो डमरू वाला, तन पे पहने मृग की छाला || रात मेरे सपनो में आया, […]

Chal Pada Shiv Ka Pujari – चल पड़ा शिव का पुजारी
Bhajan Dharmik HindiMe India News Internet

Chal Pada Shiv Ka Pujari – चल पड़ा शिव का पुजारी

Chal Pada Shiv Ka Pujari – चल पड़ा शिव का पुजारी चल पड़ा शिव का पुजारी शिव को मनाने के लिए हाथ में गंगा जल गडवा शिव को चड़ने के लिए बैठ गया शिवलिंग के आगे, करने लगा अस्तुतीयाँ हाथ जब ऊपर उठाया, घंटा बजाने के लिए देख कर सोने का घंटा, पाप मन में […]

Shivaji ki Aarti - Om Jai Shiv Omkara | शिवजी की आरती - ओम जय शिव ओंकारा
Bhajan Dharmik HindiMe India News Internet

Shivaji ki Aarti – Om Jai Shiv Omkara | शिवजी की आरती – ओम जय शिव ओंकारा

Shivaji ki Aarti – Om Jai Shiv Omkara | शिवजी की आरती – ओम जय शिव ओंकारा ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥ दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे। त्रिगुण रूप […]