तिरुपति बालाजी के मंदिर को ठंडा रखने पर भी मूर्ति से पसीना क्यों आता रहता है? Tirupati Balaji Bhagwan
Dharmik HindiMe India News Internet

तिरुपति बालाजी के मंदिर को ठंडा रखने पर भी मूर्ति से पसीना क्यों आता रहता है? Tirupati Balaji Bhagwan

तिरुपति बालाजी के मंदिर को ठंडा रखने पर भी मूर्ति से पसीना क्यों आता रहता है? Tirupati Balaji Bhagwan

तिरुपति बालाजी (Tirupati Balaji) का मंदिर भारत (Bharat) के सबसे रहस्यमई मंदिरों में से एक है, आइए इसके बारे में जानते है कुछ बाते (facts) जो आपको हैरान करेंगी।

भारत (Bharat) के सबसे चमत्कारी और रहस्यमई मंदिरों में से एक है भगवान तिरुपति बालाजी (Tirupati Balaji) भगवान तिरुपति के दरबार में गरीब और अमीर दोनों सच्ची श्रद्धा भाव (respectfully) के साथ अपना सिर झुकाते हैं. ऐसा माना जाता है यह मंदिर (Mandir) सिर्फ भारत (Bharat) ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के अमीर मंदिरों (rich temple) में से एक है.

हर साल लाखों लोग तिरुमला (Tirumala) की पहाड़ियों पर स्थित है इस मंदिर (Mandir) में भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लेने के लिए एकत्र होते हैं. मान्यता है कि भगवान बालाजी (Balaji) अपनी पत्नी पद्मावती के साथ तिरुमला (Tirumala) में निवास करते हैं.

ऐसी मान्यता है जो भक्त सच्चे मन से भगवान के सामने प्रार्थना करते हैं बालाजी (Balaji) उनकी सभी इच्छाएं पूरी करते हैं.

क्या शिवलिंग रेडियोएक्टिव होते हैं?

मनोकामना पूरी (wish) होने पर अपनी श्रद्धा अनुसार यहां तिरुपति मंदिर (Mandir) में अपने बाल दान करते हैं और चमत्कारिक मंदिर (Mandir) से जुड़े बहुत से रहस्य हैं कहा जाता है कि मंदिर (Mandir) भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति पर बाल असली (real hairs) हैं.

और यह कभी उलझते नहीं और हमेशा मुलायम (soft) रहते हैं मान्यता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि भगवान खुद विराजते हैं मंदिर (Mandir) में एक और अजीब घटना होती है.

इसे लेकर लोग (peoples) कहते हैं कि सच में भगवान रहते हैं मंदिर (Mandir) में बालाजी (Balaji) मूर्ति पर कान लगाया जाए तो उसके अंदर से आवाज आती है आवाज समुद्र की लहरों (sea shores) के समान होती है.

Tirupati Temple

एक बात और आश्चर्य करती है वह यह है कि मंदिर (Mandir) में बालाजी (Balaji) की मूर्ति हमेशा पानी से भीगी रहती है जैसे समुद्र (sea) के पास एक शांति सी महसूस होती है वैसा एहसास मंदिर (Mandir) में होता है।

मंदिर (Mandir) में मुख्य द्वार पर दरवाजे के बाहर एक छड़ी है. छड़ी (stick) के बारे में कहा जाता है बाल अवस्था में इससे ही भगवान बालाजी (Balaji) की पिटाई की गई थी इस कारण उनकी ठूडी पर चोट (injury) लग गई थी.

इस कारणवश (reason) तब से आज तक उनकी ठूडी पर शुक्रवार को चंदन का लेप (chandan paste) लगाया जाता है ताकि उनका घाव भर जाए भगवान बालाजी (Balaji) के मंदिर (Mandir) में एक दीया हमेशा जलता है.

और इसमें ना कभी तेल (oil) डाला जाता है और नहीं कभी कोई इसे जलाता है कि वर्षों (years of years) से जल रही इस दीपक को कब और किसने जलाया था.

Shocking Incident

Tirupati Balaji Bhagwan

जब आप भगवान बालाजी (Balaji) के गर्भ गृह में जाकर देखेंगे तो पाएंगे कि मूर्ति के गर्भ गृह के मध्य में स्थित (situated) है और जब आप गर्भ गृह के बाहर आकर देखेंगे (you will see) तो पाएंगे कि मूर्ति दाहे और स्थित है।

भगवान (Bhagwan) की मूर्ति पर खास तरह का कपूर (Kapoor) लगाया जाता है और कहा जाता है कि ऐसा कपूर (Kapoor) किसी पत्थर पर लगाया जाता है तो वो पत्थर चटक जाता है लेकिन भगवान (Bhagwan) की प्रतिमा पर कोई असर नहीं होता।

भगवान बालाजी (Balaji) की हृदय में मां महालक्ष्मी (Mahalakshmi) विराजमान रहती हैं माता के होने का एहसास (feel) तब होता है जब हर गुरुवार को बालाजी भगवान (Balaji Bhagwan) का स्नान करवाकर उनका श्रंगार उतारकर चंदन का लेप (chandan paste) लगाया जाता है और जब चंदन लेप हटाया जाता है तो (हृदय heart) पर लगी चंदन में देवी लक्ष्मी की छवि उभर जाती है।

आपकी बता दें कि था मंदिर (Mandir) के वातावरण को पूरी तरह ठंडा (cold) रखा जाता है फिर भी भगवान बालाजी (Bhagwan Balaji) को गर्मी लगती है और उनके शरीर पर पसीने की बूंदें (drops) दिख जाती हैं और उनकी पीठ भी नम रहती है।

तो Friends, यह थे कुछ भगवान बालाजी (Balaji) से जुड़े कुछ रहस्य जिनको जानकर आप हैरान होंगे और आपके मन में भगवान (Bhagwan) को लेकर और आस्था जाग गई होंगी

दोस्तों, आप यह Article Prernadayak पर पढ़ रहे है. कृपया पसंद आने पर Share, Like and Comment अवश्य करे, धन्यवाद!!

21 Interesting Facts about Indian Festival Raksha Bandhan in Hindi

https://prernadayak.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a5%9c%e0%a5%87-35-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%95-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *